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बेनतीजा रही डीएम से वार्ता, एडीएम के आश्वासन पर पसीजे किसान
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:36 AM IST
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बेनतीजा रही डीएम से वार्ता, एडीएम के आश्वासन पर पसीजे किसान
हापुड़। एक समान मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को ददायरा रेलवे फाटक स्थित निर्माणाधीन हाइवे पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने महापंचायत की। सैकड़ों किसानों के साथ ही बाहरी जिलों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया। भाकियू के रेल रोकने की चेतावनी से पुलिस, प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। अपराह्न करीब 4 बजे डीएम ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन वार्ता विफल रही। किसानों ने मंगलवार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। देर शाम एडीएम के आश्वासन पर उन्होंने 27 अगस्त तक धरना स्थगित कर दिया है।
बीते सोमवार से एक समान मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर जिले के 20 गांवों के किसान भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ निर्माणाधीन हाईवे एनएच-235 पर कब्जा किए हुए हैं। मांगों का निस्तारण न होने पर भाकियू ने सोमवार को महापंचायत का एलान किया था। सुबह 9 बजे से ही किसानों की भीड़ ददायरा फाटक के पास स्थित एनएच-235 पर उमड़ने लगी। ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंच गए। इतना ही नहीं बाहरी जिलों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरना में शामिल हुए। जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को अपराह्न तीन बजे तक का अल्टीमेटम दिया। इस समयावधि में मांगों का निस्तारण न होने पर रेल रोकने की भी चेतावनी दी गई। इससे पुलिस, प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में सीओ गढ़, एसडीएम, कोतवाली प्रभारी हापुड़ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। किसान धरना स्थल पर हुंकार भरते रहे। अपराह्न करीब चार बजे डीएम ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया। भाकियू का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलने पहुंचा। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्रभावित किसानों के साथ बैठक कर आगामी योजना बनाई। इसमें मंगलवार को उग्र आंदोलन करने पर सहमति बनी। कार्यकर्ताओं द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर एडीएम जयनाथ सिंह यादव किसानों से मिलने पहुंचे। उन्होंने किसानों को 27 अगस्त तक राहत दिलाने का आश्वासन दिया। एडीएम के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने धरने को फिलहाल स्थगित कर दिया है। जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने बताया कि यदि 27 अगस्त तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह फिर आंदोलन को विवश होंगे।
इस दौरान राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, बिजेंद्र सिंह, कुशलपाल आर्य, जतिन चौधरी, रामपाल सिंह, यशवीर सिंह, ओमपाल सिंह, टेनपाल, समरपाल सिंह, इंद्रराज सिंह, नितिन बाना, सरदार महाराज सिंह, मुनेश पाल, लल्लू सिंह, सुदेश सिंह, भगतराम, राजेंद्र सिंह, जेके सिंह, कंवरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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भाकियू (भानू) की पंचायत में छाया रहा गन्ना भुगतान का मुद्दा
गढ़मुक्तेश्वर। भाकियू (भानू) की मासिक पंचायत में बकाया गन्ना भुगतान समेत पावर कॉरपोरेशन द्वारा उत्पीड़न का मुद्दा छाया रहा। किसानों ने उत्पीड़न बंद न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सिंभावली में नहर कोठी पर सोमवार को भाकियू (भानू) की मासिक पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता करन सिंह और संचालन रूपराम ने किया। इसमें जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल ने पिछली पंचायत में गन्ना बकाया भुगतान करने का वायदा किया था, वह अब तक पूरा नहीं किया गया है। इसके चलते त्योहारों के सीजन में किसान परेशान हैं। वहीं बच्चों की फीस जमा करने, घरेलू सामान की खरीदारी समेत अन्य जरूरतों के लिए साहूकारों से ऋण लेना पड़ रहा है। पंचायत में बिजली के बिलों में बढ़ोतरी, ट्रांसफार्मरों के खराब होने समेत किसानों के उत्पीड़न का मुद्दा भी छाया रहा। पवन हूण ने कहा कि यदि पावर कॉरपोरेशन द्वारा किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो भाकियू भानु कॉरपोरेशन के दफ्तर का घेराव करने के लिए मजबूर हो जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में कमल सिंह, लीलू, संजय कुमार, परमाल सिंह, राजीव कुमार, सद्दाम सैफी, विकास कुमार समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे।
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हापुड़। एक समान मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को ददायरा रेलवे फाटक स्थित निर्माणाधीन हाइवे पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने महापंचायत की। सैकड़ों किसानों के साथ ही बाहरी जिलों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया। भाकियू के रेल रोकने की चेतावनी से पुलिस, प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। अपराह्न करीब 4 बजे डीएम ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन वार्ता विफल रही। किसानों ने मंगलवार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। देर शाम एडीएम के आश्वासन पर उन्होंने 27 अगस्त तक धरना स्थगित कर दिया है।
बीते सोमवार से एक समान मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर जिले के 20 गांवों के किसान भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ निर्माणाधीन हाईवे एनएच-235 पर कब्जा किए हुए हैं। मांगों का निस्तारण न होने पर भाकियू ने सोमवार को महापंचायत का एलान किया था। सुबह 9 बजे से ही किसानों की भीड़ ददायरा फाटक के पास स्थित एनएच-235 पर उमड़ने लगी। ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंच गए। इतना ही नहीं बाहरी जिलों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरना में शामिल हुए। जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को अपराह्न तीन बजे तक का अल्टीमेटम दिया। इस समयावधि में मांगों का निस्तारण न होने पर रेल रोकने की भी चेतावनी दी गई। इससे पुलिस, प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में सीओ गढ़, एसडीएम, कोतवाली प्रभारी हापुड़ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। किसान धरना स्थल पर हुंकार भरते रहे। अपराह्न करीब चार बजे डीएम ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया। भाकियू का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलने पहुंचा। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्रभावित किसानों के साथ बैठक कर आगामी योजना बनाई। इसमें मंगलवार को उग्र आंदोलन करने पर सहमति बनी। कार्यकर्ताओं द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर एडीएम जयनाथ सिंह यादव किसानों से मिलने पहुंचे। उन्होंने किसानों को 27 अगस्त तक राहत दिलाने का आश्वासन दिया। एडीएम के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने धरने को फिलहाल स्थगित कर दिया है। जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने बताया कि यदि 27 अगस्त तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह फिर आंदोलन को विवश होंगे।
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इस दौरान राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, बिजेंद्र सिंह, कुशलपाल आर्य, जतिन चौधरी, रामपाल सिंह, यशवीर सिंह, ओमपाल सिंह, टेनपाल, समरपाल सिंह, इंद्रराज सिंह, नितिन बाना, सरदार महाराज सिंह, मुनेश पाल, लल्लू सिंह, सुदेश सिंह, भगतराम, राजेंद्र सिंह, जेके सिंह, कंवरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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भाकियू (भानू) की पंचायत में छाया रहा गन्ना भुगतान का मुद्दा
गढ़मुक्तेश्वर। भाकियू (भानू) की मासिक पंचायत में बकाया गन्ना भुगतान समेत पावर कॉरपोरेशन द्वारा उत्पीड़न का मुद्दा छाया रहा। किसानों ने उत्पीड़न बंद न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सिंभावली में नहर कोठी पर सोमवार को भाकियू (भानू) की मासिक पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता करन सिंह और संचालन रूपराम ने किया। इसमें जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल ने पिछली पंचायत में गन्ना बकाया भुगतान करने का वायदा किया था, वह अब तक पूरा नहीं किया गया है। इसके चलते त्योहारों के सीजन में किसान परेशान हैं। वहीं बच्चों की फीस जमा करने, घरेलू सामान की खरीदारी समेत अन्य जरूरतों के लिए साहूकारों से ऋण लेना पड़ रहा है। पंचायत में बिजली के बिलों में बढ़ोतरी, ट्रांसफार्मरों के खराब होने समेत किसानों के उत्पीड़न का मुद्दा भी छाया रहा। पवन हूण ने कहा कि यदि पावर कॉरपोरेशन द्वारा किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो भाकियू भानु कॉरपोरेशन के दफ्तर का घेराव करने के लिए मजबूर हो जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में कमल सिंह, लीलू, संजय कुमार, परमाल सिंह, राजीव कुमार, सद्दाम सैफी, विकास कुमार समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे।