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कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:40 PM IST
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डीएम आज करेंगे मेला स्थल का निरीक्षण
- समीक्षा बैठक में ली जाएगी तैयारियों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेले में आज डीएम की पहली समीक्षा बैठक होगी, जो मेला स्थल का निरीक्षण कर संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा कर जरूरी दिशा निर्देश जारी करेंगे।
इस बार पौराणिक खादर मेले का आयोजन 25 अक्तूबर को प्रारंभ होकर छह नवंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य स्नान पर्व तीन या चार नवंबर की रात में होगा। मेले में दीवाली के बाद व्यापारियों समेत भक्तों का आगमन चालू हो जाता है, जिसके मद्देनजर प्रशासनिक स्तर से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। डीएम कृष्णा करुणेश आज मेला स्थल के दौरे पर आएंगे। जो इस दौरान मेला स्थल समेत आसपास के जंगल और संपर्क मार्गों पर खड़ीं फसलों के कटान का निरीक्षण कर तैयारियों के संबंध में समीक्षा करेंगे। तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि खादर मेला स्थल का निरीक्षण करने के बाद डीएम द्वारा संबंधित विभागों के स्तर से होने वाली तैयारियों की समीक्षा कर जरूरी दिशा निर्देश भी जारी करेंगे।
फोटो 2
फसलों का नहीं हो रहा समय से कटान
गढ़मुक्तेश्वर। मेला स्थल समेत आसपास के जंगल में खड़ी फसलों के कटान में तेजी न आने से तैयारी तेजी नहीं पकड़ रहीं।
जिला प्रशासन की कड़ी हिदायत पर तहसील प्रशासन, शुगर मिल प्रबंधन और जिला पंचायत महकमा जल्द से जल्द फसलों को कटवाने की कवायद में जुटे हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी गन्ना और धान समेत दूसरी फसलों के कटान में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। क्योंकि शुगर मिल का पेराई सत्र चालू न होने से किसानों को कोल्हू-क्रेशरों पर सस्ते दाम में गन्ना बेचना मजबूरी बनी हुई है। फसलों के कटान में तेजी न आने से जिला पंचायत महकमे को अपनी तैयारी कराने में दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। तहसीलदार मनोज कुमार सिंह का कहना है कि मेला स्थल और संपर्क रास्तों समेत आसपास के जंगल मेें खड़ी फसलों को दस अक्तूबर तक कटवाया जाना है, जिसमें कोई भी ढिलाई सहन नहीं की जाएगी।
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- समीक्षा बैठक में ली जाएगी तैयारियों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेले में आज डीएम की पहली समीक्षा बैठक होगी, जो मेला स्थल का निरीक्षण कर संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा कर जरूरी दिशा निर्देश जारी करेंगे।
इस बार पौराणिक खादर मेले का आयोजन 25 अक्तूबर को प्रारंभ होकर छह नवंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य स्नान पर्व तीन या चार नवंबर की रात में होगा। मेले में दीवाली के बाद व्यापारियों समेत भक्तों का आगमन चालू हो जाता है, जिसके मद्देनजर प्रशासनिक स्तर से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। डीएम कृष्णा करुणेश आज मेला स्थल के दौरे पर आएंगे। जो इस दौरान मेला स्थल समेत आसपास के जंगल और संपर्क मार्गों पर खड़ीं फसलों के कटान का निरीक्षण कर तैयारियों के संबंध में समीक्षा करेंगे। तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि खादर मेला स्थल का निरीक्षण करने के बाद डीएम द्वारा संबंधित विभागों के स्तर से होने वाली तैयारियों की समीक्षा कर जरूरी दिशा निर्देश भी जारी करेंगे।
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फसलों का नहीं हो रहा समय से कटान
गढ़मुक्तेश्वर। मेला स्थल समेत आसपास के जंगल में खड़ी फसलों के कटान में तेजी न आने से तैयारी तेजी नहीं पकड़ रहीं।
जिला प्रशासन की कड़ी हिदायत पर तहसील प्रशासन, शुगर मिल प्रबंधन और जिला पंचायत महकमा जल्द से जल्द फसलों को कटवाने की कवायद में जुटे हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी गन्ना और धान समेत दूसरी फसलों के कटान में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। क्योंकि शुगर मिल का पेराई सत्र चालू न होने से किसानों को कोल्हू-क्रेशरों पर सस्ते दाम में गन्ना बेचना मजबूरी बनी हुई है। फसलों के कटान में तेजी न आने से जिला पंचायत महकमे को अपनी तैयारी कराने में दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। तहसीलदार मनोज कुमार सिंह का कहना है कि मेला स्थल और संपर्क रास्तों समेत आसपास के जंगल मेें खड़ी फसलों को दस अक्तूबर तक कटवाया जाना है, जिसमें कोई भी ढिलाई सहन नहीं की जाएगी।
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