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Hapur News: गंगा में पलटी मोटरबोट, अस्थि विसर्जन करने आए 11 लोग गिरे
Thu, 13 Jul 2023 10:39 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 13 Jul 2023 10:39 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट में अस्थि विसर्जन करने आए हरियाणा के 11 लोगों से भरी मोटरबोट गंगा में लगाए गए लाइट के खंभे से टकरा कर पलट गई। सुरक्षा के लिए मौजूद स्थानीय गोताखोर-मल्लाहों की टीम ने सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया। इस दौरान एक व्यक्ति को हाथ में चोट आई है। कांवड़ मेले के दौरान हुए हादसे से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मौके पर पहुंचकर डीएम व एसपी ने जायजा लिया।
हरियाणा के रेवाडी जनपद के गांव खिजूरी निवासी अशोक कुमार अपने परिवार के लोगों के साथ मृतक दादी फूला देवी की अस्थि विसर्जन करने के लिए बृहस्पतिवार को ब्रजघाट आए थे। जो मोटरबोट में सवार होकर गंगा की बीच धारा में अस्थि विसर्जन के लिए चल दिए। गंगा के मुख्य स्नानघाट आरती स्थल से मोटरबोट जैसे ही कुछ आगे की तरफ चली, तो अचानक गंगा में लगे लाइट के एक खंभे से टकरा गई, जिससे नाविक नियंत्रण खो बैठा और मोटरबोट पलट गई। जिसके कारण उसमें सवार सभी लोग गंगा में डूबने लगे। शोर सुनकर सुरक्षा के लिए तैनात राजमल केवट और उसके साथियों ने तुरंत ही गंगा में छलांग लगा दी। जिन्होंने गंगा में डूब रहे लोगों को करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन नाव गंगा में समा गई। हादसे में अशोक कुमार की अंगुली कट गई, जिससे वह घायल हो गए। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने घायल को उपचार दिलाया। हादसे की सूचना के बाद डीएम प्रेरणा शर्मा, एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी मुकेश चंद्र मिश्रा, एसडीएम अंकित कुमार वर्मा, सीओ आशुतोष शिवम भी मौके पर पहुंच गए।
क्षमता से अधिक लोग सवार थे, नहीं थे सुरक्षा उपकरण
गंगा में चलने वाली नाव और मोटरबोट में पालिका स्तर से नाविक समेत केवल 11 लोगों को बैठाने की अनुमति है। लेकिन हादसे के दौरान मोटरबोट में अस्थि विसर्जन के लिए आए 11 लोगों के अलावा दो अन्य लोग मौजूद थे। इसके अलावा लाइफ जैकेट समेत सुरक्षा के उपकरण भी नहीं थे।
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- यह लोग थे सवार
मोटरबोट में अशोक के साथ उनके भाई करतार, सोनू, सतीश, मोनू, पुनित, जोनी के अलावा लविश(१०वर्ष), अमन(१४ वर्ष), प्रिंस (१२ वर्ष) और डूग्गी(३ वर्ष) सवार थे।
गहरे जल में पलटती, तो हो सकता था बड़ा हादसा
यह तो शुक्र रहा कि मोटरबोट गंगा तट के पास पलटी। यदि नाव गंगा की बीच धारा में पलटती, तो बड़ा हादसा होना निश्चित था। क्योंकि इस समय उफान पर होने के चलते गंगा का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, वहीं बहाव भी काफी तेज है।
कांवड़ मेले के दौरान हादसा, शिवभक्तों की सुरक्षा पर सवालिया निशान
गढ़मुक्तेश्वर। शिवरात्रि पर्व और कांवड़ मेले के मद्देनजर ब्रजघाट में हजारों शिवभक्त कांवड़ भरने के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं। जिनकी सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है। शासन के निर्देश पर एसडीआरएफ समेत स्थानीय मल्लाहों को डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए लगाया गया है। वहीं पुलिस भी तट समेत अन्य स्थानों पर मौजूद है। ऐसे में भी नाबालिग नाविक क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर बिना सुरक्षा उपकरण बाहरी क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सैर करा रहे है। जो कांवड़ियों समेत अन्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बचाने वाली टीम के सदस्य
राजमल केवट, दीपचंद केवट, राजू केवट, तारा केवट, गोपाल केवट, विनोद केवट, रोशन केवट, आनंद केवट, जितेंद्र केवट, मुकेश केवट शामिल रहे। जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगाकर सभी को सुरक्षित बचा लिया। स्थानीय पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की पांच-पांच सदस्य टीम बनाकर दिन-रात ड्यूटी का निर्देश दिया है।
तीन दिन तक मोटरबोट संचालन पर लगाई रोक
गंगा में लगे लाइट के खंभे से टकराने पर नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें सवार सभी यात्रियों को सकुशल बचा लिया गया है। हादसे के संबंध में जांच कराई जा रही है। वहीं जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से 15 जुलाई तक गंगा में नाव व मोटरबोट के संचालन पर रोक लगा दी गई है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एएसपी
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हरियाणा के रेवाडी जनपद के गांव खिजूरी निवासी अशोक कुमार अपने परिवार के लोगों के साथ मृतक दादी फूला देवी की अस्थि विसर्जन करने के लिए बृहस्पतिवार को ब्रजघाट आए थे। जो मोटरबोट में सवार होकर गंगा की बीच धारा में अस्थि विसर्जन के लिए चल दिए। गंगा के मुख्य स्नानघाट आरती स्थल से मोटरबोट जैसे ही कुछ आगे की तरफ चली, तो अचानक गंगा में लगे लाइट के एक खंभे से टकरा गई, जिससे नाविक नियंत्रण खो बैठा और मोटरबोट पलट गई। जिसके कारण उसमें सवार सभी लोग गंगा में डूबने लगे। शोर सुनकर सुरक्षा के लिए तैनात राजमल केवट और उसके साथियों ने तुरंत ही गंगा में छलांग लगा दी। जिन्होंने गंगा में डूब रहे लोगों को करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन नाव गंगा में समा गई। हादसे में अशोक कुमार की अंगुली कट गई, जिससे वह घायल हो गए। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने घायल को उपचार दिलाया। हादसे की सूचना के बाद डीएम प्रेरणा शर्मा, एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी मुकेश चंद्र मिश्रा, एसडीएम अंकित कुमार वर्मा, सीओ आशुतोष शिवम भी मौके पर पहुंच गए।
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क्षमता से अधिक लोग सवार थे, नहीं थे सुरक्षा उपकरण
गंगा में चलने वाली नाव और मोटरबोट में पालिका स्तर से नाविक समेत केवल 11 लोगों को बैठाने की अनुमति है। लेकिन हादसे के दौरान मोटरबोट में अस्थि विसर्जन के लिए आए 11 लोगों के अलावा दो अन्य लोग मौजूद थे। इसके अलावा लाइफ जैकेट समेत सुरक्षा के उपकरण भी नहीं थे।
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- यह लोग थे सवार
मोटरबोट में अशोक के साथ उनके भाई करतार, सोनू, सतीश, मोनू, पुनित, जोनी के अलावा लविश(१०वर्ष), अमन(१४ वर्ष), प्रिंस (१२ वर्ष) और डूग्गी(३ वर्ष) सवार थे।
गहरे जल में पलटती, तो हो सकता था बड़ा हादसा
यह तो शुक्र रहा कि मोटरबोट गंगा तट के पास पलटी। यदि नाव गंगा की बीच धारा में पलटती, तो बड़ा हादसा होना निश्चित था। क्योंकि इस समय उफान पर होने के चलते गंगा का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, वहीं बहाव भी काफी तेज है।
कांवड़ मेले के दौरान हादसा, शिवभक्तों की सुरक्षा पर सवालिया निशान
गढ़मुक्तेश्वर। शिवरात्रि पर्व और कांवड़ मेले के मद्देनजर ब्रजघाट में हजारों शिवभक्त कांवड़ भरने के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं। जिनकी सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है। शासन के निर्देश पर एसडीआरएफ समेत स्थानीय मल्लाहों को डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए लगाया गया है। वहीं पुलिस भी तट समेत अन्य स्थानों पर मौजूद है। ऐसे में भी नाबालिग नाविक क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर बिना सुरक्षा उपकरण बाहरी क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सैर करा रहे है। जो कांवड़ियों समेत अन्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बचाने वाली टीम के सदस्य
राजमल केवट, दीपचंद केवट, राजू केवट, तारा केवट, गोपाल केवट, विनोद केवट, रोशन केवट, आनंद केवट, जितेंद्र केवट, मुकेश केवट शामिल रहे। जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगाकर सभी को सुरक्षित बचा लिया। स्थानीय पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की पांच-पांच सदस्य टीम बनाकर दिन-रात ड्यूटी का निर्देश दिया है।
तीन दिन तक मोटरबोट संचालन पर लगाई रोक
गंगा में लगे लाइट के खंभे से टकराने पर नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें सवार सभी यात्रियों को सकुशल बचा लिया गया है। हादसे के संबंध में जांच कराई जा रही है। वहीं जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से 15 जुलाई तक गंगा में नाव व मोटरबोट के संचालन पर रोक लगा दी गई है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एएसपी