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Hamirpur News: रातभर बारिश में भी बच्ची की तलाश में जुटे रहे युवा व पुलिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मुख्यालय के आंबेडकर पार्क से अपह्त हुई बच्ची की तलाश में मोहल्ले वासियों को महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिसके चलते पुलिस को 12 घंटे के अंदर न केवल आरोपी के नाम की जानकारी हो सकी बल्कि आरोपी के साथ बच्ची सकुशल मिल गई। बारिश के बीच मोहल्ले वासी रातभर खोजबीन में डटे रहे।
बुधवार पांच बजे आंबेडकर पार्क घूमने आई बच्ची के घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। उसी दौरान सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में मोहल्लेवासी भी परिजनों के साथ जुट गए। जहां भीड़ देख पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई। पार्क में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद संदिग्ध की पहचान कर तलाश शुरू कर दी। वहीं बच्ची का अपहरण कर ले गया आरोपी पुलिस व लोगों की सक्रियता के चलते सिटी फाेरेस्ट में शरण लेने पर मज़बूर हो गया। वहीं साइकिल फेंक झाड़ियों में छुप गया। मोहल्ले वासी युवा बच्ची के तलाश में सिटी फाेरेस्ट तक पहुंच गए और रात में टार्च की रोशनी में बच्ची की तलाश करते रहे। इतना ही नहीं गुरूवार तड़के शुरू हुई बारिश के बीच भी वह जुटे रहे। अंत में बच्ची को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया।
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पूर्व में भी कर चुका घटना
एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि आरोपी द्वारा 21 अक्टूबर को बिवांर थानाक्षेत्र के एक गांव में की थी। वहां से एक बालिका को साइकिल में बैठाकर ले गया था। बाद में उसे मौदहा कस्बे में छोड़ दिया था। जिस पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें इसका हाथ होने की बात का खुलासा हुआ है।
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मानसिक विकृत है आरोपी
- एसपी ने बताया कि आरोपी मानसिक विकृत प्रतीत हो रहा है। गोली लगने के बाद भी हंस रहा था। जिला अस्पताल की मनो चिकित्सक डाॅ. नीता ने बताया कि इस तरह की बीमारी को व्यक्तित्व विकार कहा जाता है। जिन्हें गलत काम का पछतावा नहीं होता।
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आरोपी बनाता रहा बातें
- पूछने पर आरोपी ने बताया कि उसे कदौरा निवासी पड़ोसी जीशान ने बच्ची का वीडियो भेज अपहरण को बोला था। वहीं एक मुख्यालय निवासी युवक ने भी उसे बच्ची की पहचान कराई थी और उसी ने उसे साइकिल दी थी। एसपी ने बताया कि वह गलत बोल रहा है। आरोपी की बहन सुमेरपुर थाने के इंगोहटा गांव में है और दूसरी कुरारा क्षेत्र में। जिनके यहां इसका अक्सर आना जाना रहता है और यह क्षेत्र में भ्रमण करता रहता था।
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सिटी फाेरेस्ट के जंगल में गड्ढे में रखा रात भर
- घटना से डरी पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे फिंगर खिलाने का लालच दे साइकिल में बैठाकर ले गया। बाद में उसके हाथ पैर बांध एक गड्ढे में फेंक दिया। जिससे वह रातभर सर्दी में कपकपाती रही।
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हमीरपुर। मुख्यालय के आंबेडकर पार्क से अपह्त हुई बच्ची की तलाश में मोहल्ले वासियों को महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिसके चलते पुलिस को 12 घंटे के अंदर न केवल आरोपी के नाम की जानकारी हो सकी बल्कि आरोपी के साथ बच्ची सकुशल मिल गई। बारिश के बीच मोहल्ले वासी रातभर खोजबीन में डटे रहे।
बुधवार पांच बजे आंबेडकर पार्क घूमने आई बच्ची के घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। उसी दौरान सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में मोहल्लेवासी भी परिजनों के साथ जुट गए। जहां भीड़ देख पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई। पार्क में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद संदिग्ध की पहचान कर तलाश शुरू कर दी। वहीं बच्ची का अपहरण कर ले गया आरोपी पुलिस व लोगों की सक्रियता के चलते सिटी फाेरेस्ट में शरण लेने पर मज़बूर हो गया। वहीं साइकिल फेंक झाड़ियों में छुप गया। मोहल्ले वासी युवा बच्ची के तलाश में सिटी फाेरेस्ट तक पहुंच गए और रात में टार्च की रोशनी में बच्ची की तलाश करते रहे। इतना ही नहीं गुरूवार तड़के शुरू हुई बारिश के बीच भी वह जुटे रहे। अंत में बच्ची को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया।
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पूर्व में भी कर चुका घटना
एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि आरोपी द्वारा 21 अक्टूबर को बिवांर थानाक्षेत्र के एक गांव में की थी। वहां से एक बालिका को साइकिल में बैठाकर ले गया था। बाद में उसे मौदहा कस्बे में छोड़ दिया था। जिस पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें इसका हाथ होने की बात का खुलासा हुआ है।
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मानसिक विकृत है आरोपी
- एसपी ने बताया कि आरोपी मानसिक विकृत प्रतीत हो रहा है। गोली लगने के बाद भी हंस रहा था। जिला अस्पताल की मनो चिकित्सक डाॅ. नीता ने बताया कि इस तरह की बीमारी को व्यक्तित्व विकार कहा जाता है। जिन्हें गलत काम का पछतावा नहीं होता।
आरोपी बनाता रहा बातें
- पूछने पर आरोपी ने बताया कि उसे कदौरा निवासी पड़ोसी जीशान ने बच्ची का वीडियो भेज अपहरण को बोला था। वहीं एक मुख्यालय निवासी युवक ने भी उसे बच्ची की पहचान कराई थी और उसी ने उसे साइकिल दी थी। एसपी ने बताया कि वह गलत बोल रहा है। आरोपी की बहन सुमेरपुर थाने के इंगोहटा गांव में है और दूसरी कुरारा क्षेत्र में। जिनके यहां इसका अक्सर आना जाना रहता है और यह क्षेत्र में भ्रमण करता रहता था।
सिटी फाेरेस्ट के जंगल में गड्ढे में रखा रात भर
- घटना से डरी पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे फिंगर खिलाने का लालच दे साइकिल में बैठाकर ले गया। बाद में उसके हाथ पैर बांध एक गड्ढे में फेंक दिया। जिससे वह रातभर सर्दी में कपकपाती रही।