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Hamirpur News: यमुना खतरेे के निशान से ऊपर, 10 गांवों में घुसा पानी
Fri, 13 Sep 2024 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Fri, 13 Sep 2024 11:54 PM IST
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हमीरपुर/मौदहा/कुरारा। जिले से होकर गुजरी यमुना व बेतवा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यमुना खतरे का चेतावनी बिंदु पार कर चुकी है। जबकि बेतवा अपने चेतावनी बिंदु के निकट पहुंच गई है।
वहीं केन नदी का जलस्तर बढ़ने से मौदहा क्षेत्र के गढ़ा गांव का संपर्क टूट गया है। वहीं पारा कंडौरा स्थित नाले में बेतवा का पानी पहुंचने से रपटा जाम हो गया है। दोनों गांवों में लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन बाढ़ को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। 10 गांवों में पानी घुस गया है।
ऊपरी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते यमुना व बेतवा नदियों पर स्थित बांध फुल हो गए हैं। इनसे धीरे-धीरे पानी छोड़ा जा रहा है। बीते दिनों छोड़े गए पानी के चलते मुख्यालय में शुक्रवार शाम चार बजे यमुना का जलस्तर 103.05 मीटर व बेतवा का 103.28 मीटर दर्ज किया गया।
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ऐसे में यमुना अपने चेतावनी बिंदु 102.63 मीटर से ऊपर खतरे के निशान 103.63 के निकट पहुंच गई है। बेतवा अपने चेतावनी बिंदु 103.54 मीटर के निकट पहुंच रही है। बेतवा का खतरे का निशान 104.54 मीटर पर है।
अधिशासी अभियंता मौदहा बांध करनपाल सिंह के अनुसार सुबह आठ बजे बेतवा में माताटीला बांध से 32944 क्यूसेक व लहचूरा से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसकेे अलावा यमुना में धौलपुर चंबल नदी से 5.83 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
इससे नदियों का जलस्तर करीब एक मीटर ऊपर पहुंचने की संभावना है। यमुना व बेतवा के तटवर्ती गांवों के लोग जलस्तर बढ़ने से परेशान है। डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने पहले से ही घर का सामान समेटना शुरू कर दिया है।
सिड़रा गांव में कई घर डूबे, फसलें जलमग्न
केन नदी का जलस्तर बढ़ने से मौदहा क्षेत्र का गढ़ा गांव पानी से घिर गया है। यहां लोग नावों से आना-जाना कर रहे हैं। वहीं बेतवा में बाढ़ के चलते कुरारा क्षेत्र के पारा कंडौर गांव स्थित नाले का रपटा डूबने से लोग नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं।
मुख्यालय से सटे सिड़रा गांव में बेतवा का पानी घुसने से कई घर डूब गए। वहीं किसानों की सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी खरीफ की फसलें जलमग्न हो गईं है। मुख्यालय में बेतवा का पानी बस्ती के निकट पहुंच गया है।
सरीला क्षेत्र के बिलगांव, कुपरा व मंगरौल गुरौली में बेतवा का जलस्तर बढ़ने से पानी रपटा के ऊपर से बह रहा है। इससे यहां भी आवागमन नाव के माध्यम से हो रहा है। जिले भर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने भ्रमण कर जायजा लिया।
बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। जिले में निगरानी के लिए 36 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। यहां मेडिकल टीम के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। वहीं 24 बाढ़ शरणालय स्थल चिह्नित किए गए हैं। इसमें मुख्यालय के आठ स्थल शामिल हैं
प्रयागराज से आ रही पीएसी फ्लड यूनिट टीम
जिले के आपदा विशेषज्ञ प्रियेश मालवीय ने बताया कि प्रशासन स्तर से बाढ़ से निपटने को पूरी तैयारियां कर ली गई है। शरणालय स्थलों में बाढ़ पीड़ितों के पहुंचने पर उनके मवेशियों के लिए भूसे के साथ उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था कराई जाएगी। फिलहाल मौजूदा में लोगों के शरणालय स्थल पहुंचने की स्थिति नहीं है। जलस्तर अधिक बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रयागराज से पीएसी फ्लड यूनिट टीम भी देर शाम तक मुख्यालय पहुंच जाएगी।
कच्चे मकान ढहे, महिला घायल
हमीरपुर/सरीला/बिवांर/कुरारा। बुधवार रात शुरू हुई बारिश का क्रम बृहस्पतिवार देर रात तक रुक-रुककर चलता रहा। इससे कई स्थान से कच्चे मकान ढह गए।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सिड़रा गांव निवासी लल्लू निषाद का कच्चा मकान ढह गया। सरीला क्षेत्र के बंगरा गांव निवासी वर्षा (28) पत्नी शोनू तिवारी मकान ढहने से मलबे में दबकर घायल हो गईं।
वहीं बिवांर थानाक्षेत्र के निवादा गांव निवासी राकेश कुमार का रिहायशी मकान ढह गया। कुरारा में जल भराव की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ा। समस्या दूर कराने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष आशारानी कबीर ने मंघाई नाला का सफाई अभियान चलवाया। (संवाद)
तटवर्ती गांवों में कराई गई मुनादी
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते प्रशासन चौकन्ना है। ऐसे में सुमेरपुर ब्लॉक के तटवर्ती गांव टिकरौली, सिड़रा, सुरौली व मौदहा के बैजेमऊ, भुलसी आदि गांवों में मुनादी कराई गई। इसमें ग्रामीणों को बाढ़ को लेकर सावधान रहने व नदी की ओर न जाने की सलाह दी गई।
समस्या पर इन नंबरों में करें संपर्क
आपदा कंट्रोल रूम नंबर- 05282-225662 व मोबाइल नंबर- 9454416001
जिलाधिकारी - 9454417533
पुलिस अधीक्षक- 9454400277
आपदा विशेषज्ञ- 7607733309
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वहीं केन नदी का जलस्तर बढ़ने से मौदहा क्षेत्र के गढ़ा गांव का संपर्क टूट गया है। वहीं पारा कंडौरा स्थित नाले में बेतवा का पानी पहुंचने से रपटा जाम हो गया है। दोनों गांवों में लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन बाढ़ को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। 10 गांवों में पानी घुस गया है।
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ऊपरी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते यमुना व बेतवा नदियों पर स्थित बांध फुल हो गए हैं। इनसे धीरे-धीरे पानी छोड़ा जा रहा है। बीते दिनों छोड़े गए पानी के चलते मुख्यालय में शुक्रवार शाम चार बजे यमुना का जलस्तर 103.05 मीटर व बेतवा का 103.28 मीटर दर्ज किया गया।
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ऐसे में यमुना अपने चेतावनी बिंदु 102.63 मीटर से ऊपर खतरे के निशान 103.63 के निकट पहुंच गई है। बेतवा अपने चेतावनी बिंदु 103.54 मीटर के निकट पहुंच रही है। बेतवा का खतरे का निशान 104.54 मीटर पर है।
अधिशासी अभियंता मौदहा बांध करनपाल सिंह के अनुसार सुबह आठ बजे बेतवा में माताटीला बांध से 32944 क्यूसेक व लहचूरा से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसकेे अलावा यमुना में धौलपुर चंबल नदी से 5.83 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
इससे नदियों का जलस्तर करीब एक मीटर ऊपर पहुंचने की संभावना है। यमुना व बेतवा के तटवर्ती गांवों के लोग जलस्तर बढ़ने से परेशान है। डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने पहले से ही घर का सामान समेटना शुरू कर दिया है।
सिड़रा गांव में कई घर डूबे, फसलें जलमग्न
केन नदी का जलस्तर बढ़ने से मौदहा क्षेत्र का गढ़ा गांव पानी से घिर गया है। यहां लोग नावों से आना-जाना कर रहे हैं। वहीं बेतवा में बाढ़ के चलते कुरारा क्षेत्र के पारा कंडौर गांव स्थित नाले का रपटा डूबने से लोग नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं।
मुख्यालय से सटे सिड़रा गांव में बेतवा का पानी घुसने से कई घर डूब गए। वहीं किसानों की सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी खरीफ की फसलें जलमग्न हो गईं है। मुख्यालय में बेतवा का पानी बस्ती के निकट पहुंच गया है।
सरीला क्षेत्र के बिलगांव, कुपरा व मंगरौल गुरौली में बेतवा का जलस्तर बढ़ने से पानी रपटा के ऊपर से बह रहा है। इससे यहां भी आवागमन नाव के माध्यम से हो रहा है। जिले भर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने भ्रमण कर जायजा लिया।
बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। जिले में निगरानी के लिए 36 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। यहां मेडिकल टीम के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। वहीं 24 बाढ़ शरणालय स्थल चिह्नित किए गए हैं। इसमें मुख्यालय के आठ स्थल शामिल हैं
प्रयागराज से आ रही पीएसी फ्लड यूनिट टीम
जिले के आपदा विशेषज्ञ प्रियेश मालवीय ने बताया कि प्रशासन स्तर से बाढ़ से निपटने को पूरी तैयारियां कर ली गई है। शरणालय स्थलों में बाढ़ पीड़ितों के पहुंचने पर उनके मवेशियों के लिए भूसे के साथ उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था कराई जाएगी। फिलहाल मौजूदा में लोगों के शरणालय स्थल पहुंचने की स्थिति नहीं है। जलस्तर अधिक बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रयागराज से पीएसी फ्लड यूनिट टीम भी देर शाम तक मुख्यालय पहुंच जाएगी।
कच्चे मकान ढहे, महिला घायल
हमीरपुर/सरीला/बिवांर/कुरारा। बुधवार रात शुरू हुई बारिश का क्रम बृहस्पतिवार देर रात तक रुक-रुककर चलता रहा। इससे कई स्थान से कच्चे मकान ढह गए।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सिड़रा गांव निवासी लल्लू निषाद का कच्चा मकान ढह गया। सरीला क्षेत्र के बंगरा गांव निवासी वर्षा (28) पत्नी शोनू तिवारी मकान ढहने से मलबे में दबकर घायल हो गईं।
वहीं बिवांर थानाक्षेत्र के निवादा गांव निवासी राकेश कुमार का रिहायशी मकान ढह गया। कुरारा में जल भराव की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ा। समस्या दूर कराने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष आशारानी कबीर ने मंघाई नाला का सफाई अभियान चलवाया। (संवाद)
तटवर्ती गांवों में कराई गई मुनादी
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते प्रशासन चौकन्ना है। ऐसे में सुमेरपुर ब्लॉक के तटवर्ती गांव टिकरौली, सिड़रा, सुरौली व मौदहा के बैजेमऊ, भुलसी आदि गांवों में मुनादी कराई गई। इसमें ग्रामीणों को बाढ़ को लेकर सावधान रहने व नदी की ओर न जाने की सलाह दी गई।
समस्या पर इन नंबरों में करें संपर्क
आपदा कंट्रोल रूम नंबर- 05282-225662 व मोबाइल नंबर- 9454416001
जिलाधिकारी - 9454417533
पुलिस अधीक्षक- 9454400277
आपदा विशेषज्ञ- 7607733309