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Hamirpur News: महिलाओं ने लड़ा दंगल, हुईं 14 कुश्तियां
Wed, 21 Aug 2024 02:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 21 Aug 2024 02:13 AM IST
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बिवांर(हमीरपुर)। मुस्करा क्षेत्र के लोदीपुर-निवादा गांव में मंगलवार को पुरानी बाजार स्थल में महिलाओं के दंगल का आयोजन किया गया।
इसमें हुई 14 कुश्तियों में महिलाओं ने अपना कौशल दिखाया। कजली विसर्जन के बाद यहां महिलाओं द्वारा कुश्ती लड़ने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। निवादा गांव निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक जगदीश जोशी और सुरेशचंद शुक्ल ने बताया कि रक्षाबंधन के अगले दिन गांव में महिलाओं के दंगल का आयोजन किया जाता है।
इसमें महिलाएं शाम को पहले बजरंगा तालाब में कजिलियां विसर्जन करतीं हैं और उसके बाद दंगल लगता है। इस बार दंगल में 14 कुश्तियां हुईं। इनमें पहली कुश्ती गिरजा देवी और रामदेवी के बीच हुई। इसमें रामदेवी विजेता बनीं।
रानी देवी और गत्तों सविता के बीच हुई कुश्ती में रानी देवी ने जीत दर्ज कराई। इसी तरह मनीषा पाल और खुशबू पाल के बीच हुई कुश्ती में मनीषा ने बाजी मारी। फूलमती और फूलारानी में फूलमती, मीरा और उमाकांती में मीरा ने कुश्ती जीती।
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दंगल में रेफरी की भूमिका अभिलाषा गुप्ता और पूजा गुप्ता ने निभाई। संचालन नेहा और मालती शुक्ला ने किया और कार्यक्रम का आयोजन ग्राम प्रधान गिरजा देवी द्वारा कराया गया। जिसमें गांव के चौकीदार श्याम सिंह की भी विशेष भूमिका रही।
रेफरी अभिलाषा गुप्ता ने बताया कि वह बीते पांच सालों से कार्यक्रम में रेफरी बन रहीं हैं। बताया कि यह परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। अंग्रेजों से लड़ने के लिए रानी लक्ष्मीबाई के आह्वान पर इसे शुरू किया गया था। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी शक्ति का प्रदर्शन करतीं हैं। इसका मूल उद्देश्य यह है कि महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं।
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इसमें हुई 14 कुश्तियों में महिलाओं ने अपना कौशल दिखाया। कजली विसर्जन के बाद यहां महिलाओं द्वारा कुश्ती लड़ने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। निवादा गांव निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक जगदीश जोशी और सुरेशचंद शुक्ल ने बताया कि रक्षाबंधन के अगले दिन गांव में महिलाओं के दंगल का आयोजन किया जाता है।
इसमें महिलाएं शाम को पहले बजरंगा तालाब में कजिलियां विसर्जन करतीं हैं और उसके बाद दंगल लगता है। इस बार दंगल में 14 कुश्तियां हुईं। इनमें पहली कुश्ती गिरजा देवी और रामदेवी के बीच हुई। इसमें रामदेवी विजेता बनीं।
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रानी देवी और गत्तों सविता के बीच हुई कुश्ती में रानी देवी ने जीत दर्ज कराई। इसी तरह मनीषा पाल और खुशबू पाल के बीच हुई कुश्ती में मनीषा ने बाजी मारी। फूलमती और फूलारानी में फूलमती, मीरा और उमाकांती में मीरा ने कुश्ती जीती।
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दंगल में रेफरी की भूमिका अभिलाषा गुप्ता और पूजा गुप्ता ने निभाई। संचालन नेहा और मालती शुक्ला ने किया और कार्यक्रम का आयोजन ग्राम प्रधान गिरजा देवी द्वारा कराया गया। जिसमें गांव के चौकीदार श्याम सिंह की भी विशेष भूमिका रही।
रेफरी अभिलाषा गुप्ता ने बताया कि वह बीते पांच सालों से कार्यक्रम में रेफरी बन रहीं हैं। बताया कि यह परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। अंग्रेजों से लड़ने के लिए रानी लक्ष्मीबाई के आह्वान पर इसे शुरू किया गया था। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी शक्ति का प्रदर्शन करतीं हैं। इसका मूल उद्देश्य यह है कि महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं।