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Hamirpur News: लापरवाही के आरोप में, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
Fri, 27 Feb 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:14 AM IST
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हमीरपुर। विकास खंड कुरारा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी नसीम अहमद सिद्दीकी को लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला विकास अधिकारी राघवेन्द्र सिंह ने यह कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी नसीम अहमद सिद्दीकी ने बीते दिनों आयोजित ग्राम चौपाल के दौरान उच्चाधिकारियों के समक्ष आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाए। उन पर अपने पद के दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने का आरोप लगाया गया है। शासन के कार्यों में रुचि न लेने और अनुशासनहीनता के आरोप में जिला विकास अधिकारी ने कार्रवाई की है।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता तथा उस पर देय महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यह भत्ता तभी देय होगा, जब वह प्रमाण देंगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
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आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में नसीम अहमद सिद्दीकी को विकास खंड कार्यालय मौदहा से संबद्ध किया गया है। प्रकरण की जांच के लिए विकास खंड अधिकारी गोहाण्ड को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र देने और 45 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जानकारी के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी नसीम अहमद सिद्दीकी ने बीते दिनों आयोजित ग्राम चौपाल के दौरान उच्चाधिकारियों के समक्ष आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाए। उन पर अपने पद के दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने का आरोप लगाया गया है। शासन के कार्यों में रुचि न लेने और अनुशासनहीनता के आरोप में जिला विकास अधिकारी ने कार्रवाई की है।
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जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता तथा उस पर देय महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यह भत्ता तभी देय होगा, जब वह प्रमाण देंगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
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आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में नसीम अहमद सिद्दीकी को विकास खंड कार्यालय मौदहा से संबद्ध किया गया है। प्रकरण की जांच के लिए विकास खंड अधिकारी गोहाण्ड को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र देने और 45 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।