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Hamirpur News: 21 महीने से अधूरे अंडरपास, 60 हजार की आबादी परेशान
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फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद
- इचौली-अखबई में दिसंबर 2024 से चल रहा निर्माण कार्य
- बांदा-चित्रकूट जाने वालों को लगाना पड़ रहा पांच किमी चक्कर
- खंडेह-फत्तेपरवा में भी रास्ता बंद, 15 किमी की दूरी करनी पड़ रही तय
फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद
फोटो 18 एचएएमपी 29- खण्डेह फत्तेपरवा रेलवे क्रासिंग पर अधूरा पड़ा अण्डरपास। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर/मौदहा। कानपुर-बांदा रेलखंड पर रेलवे क्रॉसिंग के स्थान पर बनाए जा रहे अंडरपास का निर्माण लंबे समय से जारी है। मौदहा क्षेत्र में इचौली-अखबई और खंडेह-फत्तेपरवा रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माण कार्य के चलते रास्ते बंद हैं। इससे आसपास के गांवों के लगभग 60 हजार लोगों को आवागमन के लिए दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इससे उन्हें पांच से 15 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
बताते चलें कि इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था। करीब 21 महीने बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। रास्ता बंद होने से इचौली, नायकपुरवा, सिरसी, रतवा, खीरुही, खम्हरिया, गोयरा, खन्ना, ग्योडी, गुसियारी, अटघार और अखबई समेत आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार बांदा और चित्रकूट की ओर जाने वाले लोगों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
अंडरपास निर्माण के कारण रेलवे लाइन के दूसरी ओर खेत रखने वाले किसानों की भी परेशानी बढ़ गई है। इचौली और नायकपुरवा के किसानों के खेत रेलवे लाइन के दूसरी तरफ हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहले खेतों तक पहुंचने में करीब 500 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब सीधा रास्ता बंद होने से वैकल्पिक मार्ग से लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं अखबई के किसानों के अनुसार करीब 500 मीटर दूर खेतों तक पहुंचने के लिए अब जिगनौड़ा, इचौली और नायकपुरवा होकर करीब 12 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है। अखबई के छात्र-छात्राएं इचौली इंटर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार रास्ता बंद होने के कारण कुछ छात्र साइकिल से रेलवे ट्रैक पार कर आवागमन कर रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है।
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इसी तरह खंडेह-फत्तेपरवा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण जनवरी 2026 में शुरू हुआ। इसके चलते करहिया, रीवन, गहबरा, खंडेह, छिरका और फत्तेपरवा समेत आसपास के गांवों के लोगों को वैकल्पिक रास्तों से करीब 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।
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फोटो 18 एचएएमपी 30- शैलेन्द्र कुमार।
खेत 700 मीटर दूर, जाना पड़ रहा 15 किमी
इचौली निवासी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि उनका खेत गांव से करीब 700 मीटर दूर है और रेलवे लाइन के दूसरी ओर है। अंडरपास निर्माण शुरू होने के बाद सीधा रास्ता बंद हो गया। अब खेत तक पहुंचने के लिए उन्हें इचौली, गुसियारी और फत्तेपरवा होकर करीब 15 किलोमीटर जाना पड़ रहा है।
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फोटो 18 एचएएमपी 31- आशाराम
प्रसव पीड़िता को ई-रिक्शा से क्रॉसिंग तक ले जाना पड़ा
फत्तेपरवा निवासी आशाराम ने बताया कि अगस्त में बाढ़ के दौरान गुसियारी की ओर का रास्ता बंद था। इसी दौरान गांव निवासी धनीराम निषाद की पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्हें ई-रिक्शा से खंडेह रेलवे क्रॉसिंग तक ले जाया गया। इसके बाद रेलवे लाइन की दूसरी ओर से एंबुलेंस के जरिए उन्हें मौदहा ले जाया गया।
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फोटो 18 एचएएमपी 32- सियाराम, प्रधान फत्तेपरवा।
छह महीने में काम पूरा होने की उम्मीद थी
फत्तेपरवा निवासी सियाराम ने बताया कि अंडरपास का काम करीब छह महीने में पूरा होने की उम्मीद थी। निर्माण कार्य लंबा खिंचने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाकर रास्ता जल्द शुरू कराने की मांग की।
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एस-5 में 60 प्रतिशत काम, नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
रेलवे के अनुसार एस-5 इचौली-अखबई अंडरपास का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसका शेष निर्माण कार्य पूरा कर नवंबर 2026 तक काम कंप्लीट करने का लक्ष्य है।
वहीं एस-10 खंडेह-फत्तेपरवा अंडरपास का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इसका निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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बारिश में पानी भरने से प्रभावित हुआ काम
निर्माणाधीन अंडरपास में बारिश के दौरान पानी भरने से काम प्रभावित हुआ है। रेलवे के अनुसार पानी की निकासी के लिए पंपिंग और ड्रेनेज की व्यवस्था की जाती है। पानी निकलने और जलस्तर सामान्य होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
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वर्जन
एस-5 इचौली-अखबई अंडरपास का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे नवंबर 2026 तक कंप्लीट करने का लक्ष्य है। एस-10 खंडेह-फत्तेपरवा अंडरपास का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने से निर्माण कार्य प्रभावित होता है। पानी की निकासी के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था की जाती है। दोनों अंडरपास बनने के बाद संबंधित रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी जाएंगी। निर्माण के दौरान यातायात के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए जाते हैं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है।
- मनोज कुमार सिंह, मंडल जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे
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- बांदा-चित्रकूट जाने वालों को लगाना पड़ रहा पांच किमी चक्कर
- खंडेह-फत्तेपरवा में भी रास्ता बंद, 15 किमी की दूरी करनी पड़ रही तय
फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद
फोटो 18 एचएएमपी 29- खण्डेह फत्तेपरवा रेलवे क्रासिंग पर अधूरा पड़ा अण्डरपास। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर/मौदहा। कानपुर-बांदा रेलखंड पर रेलवे क्रॉसिंग के स्थान पर बनाए जा रहे अंडरपास का निर्माण लंबे समय से जारी है। मौदहा क्षेत्र में इचौली-अखबई और खंडेह-फत्तेपरवा रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माण कार्य के चलते रास्ते बंद हैं। इससे आसपास के गांवों के लगभग 60 हजार लोगों को आवागमन के लिए दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इससे उन्हें पांच से 15 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
बताते चलें कि इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था। करीब 21 महीने बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। रास्ता बंद होने से इचौली, नायकपुरवा, सिरसी, रतवा, खीरुही, खम्हरिया, गोयरा, खन्ना, ग्योडी, गुसियारी, अटघार और अखबई समेत आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार बांदा और चित्रकूट की ओर जाने वाले लोगों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
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अंडरपास निर्माण के कारण रेलवे लाइन के दूसरी ओर खेत रखने वाले किसानों की भी परेशानी बढ़ गई है। इचौली और नायकपुरवा के किसानों के खेत रेलवे लाइन के दूसरी तरफ हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहले खेतों तक पहुंचने में करीब 500 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब सीधा रास्ता बंद होने से वैकल्पिक मार्ग से लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं अखबई के किसानों के अनुसार करीब 500 मीटर दूर खेतों तक पहुंचने के लिए अब जिगनौड़ा, इचौली और नायकपुरवा होकर करीब 12 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है। अखबई के छात्र-छात्राएं इचौली इंटर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार रास्ता बंद होने के कारण कुछ छात्र साइकिल से रेलवे ट्रैक पार कर आवागमन कर रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है।
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इसी तरह खंडेह-फत्तेपरवा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण जनवरी 2026 में शुरू हुआ। इसके चलते करहिया, रीवन, गहबरा, खंडेह, छिरका और फत्तेपरवा समेत आसपास के गांवों के लोगों को वैकल्पिक रास्तों से करीब 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।
फोटो 18 एचएएमपी 30- शैलेन्द्र कुमार।
खेत 700 मीटर दूर, जाना पड़ रहा 15 किमी
इचौली निवासी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि उनका खेत गांव से करीब 700 मीटर दूर है और रेलवे लाइन के दूसरी ओर है। अंडरपास निर्माण शुरू होने के बाद सीधा रास्ता बंद हो गया। अब खेत तक पहुंचने के लिए उन्हें इचौली, गुसियारी और फत्तेपरवा होकर करीब 15 किलोमीटर जाना पड़ रहा है।
फोटो 18 एचएएमपी 31- आशाराम
प्रसव पीड़िता को ई-रिक्शा से क्रॉसिंग तक ले जाना पड़ा
फत्तेपरवा निवासी आशाराम ने बताया कि अगस्त में बाढ़ के दौरान गुसियारी की ओर का रास्ता बंद था। इसी दौरान गांव निवासी धनीराम निषाद की पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्हें ई-रिक्शा से खंडेह रेलवे क्रॉसिंग तक ले जाया गया। इसके बाद रेलवे लाइन की दूसरी ओर से एंबुलेंस के जरिए उन्हें मौदहा ले जाया गया।
फोटो 18 एचएएमपी 32- सियाराम, प्रधान फत्तेपरवा।
छह महीने में काम पूरा होने की उम्मीद थी
फत्तेपरवा निवासी सियाराम ने बताया कि अंडरपास का काम करीब छह महीने में पूरा होने की उम्मीद थी। निर्माण कार्य लंबा खिंचने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाकर रास्ता जल्द शुरू कराने की मांग की।
एस-5 में 60 प्रतिशत काम, नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
रेलवे के अनुसार एस-5 इचौली-अखबई अंडरपास का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसका शेष निर्माण कार्य पूरा कर नवंबर 2026 तक काम कंप्लीट करने का लक्ष्य है।
वहीं एस-10 खंडेह-फत्तेपरवा अंडरपास का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इसका निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बारिश में पानी भरने से प्रभावित हुआ काम
निर्माणाधीन अंडरपास में बारिश के दौरान पानी भरने से काम प्रभावित हुआ है। रेलवे के अनुसार पानी की निकासी के लिए पंपिंग और ड्रेनेज की व्यवस्था की जाती है। पानी निकलने और जलस्तर सामान्य होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
वर्जन
एस-5 इचौली-अखबई अंडरपास का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे नवंबर 2026 तक कंप्लीट करने का लक्ष्य है। एस-10 खंडेह-फत्तेपरवा अंडरपास का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने से निर्माण कार्य प्रभावित होता है। पानी की निकासी के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था की जाती है। दोनों अंडरपास बनने के बाद संबंधित रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी जाएंगी। निर्माण के दौरान यातायात के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए जाते हैं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है।
- मनोज कुमार सिंह, मंडल जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे

फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद

फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद

फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद

फोटो 18 एचएएमपी 28- इचौली-अखबई रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन अंडरपास। संवाद