मौदहा: वक्फ कमेटी के सदस्यों को फर्जी केस में फंसाने की साजिश में पूर्व सचिव समेत सात पर केस, दो गिरफ्तार
वक्फ बोर्ड की संपत्ति का दुरुपयोग होने की शिकायत के बाद लखनऊ की टीम ने जावेद महतो समेत अन्य लोगों को विभाग की संपत्ति की देखरेख करने के निर्देश दिए थे। इस पर पुरानी कमेटी के सचिव सुलेमान के पुत्र अरशद मुकीम ने जावेद समेत कमेटी के अन्य सदस्यों को फंसाने के लिए साजिश रची थी।
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कस्बे में 26 सितंबर को उपरौस मोहल्ला स्थित इमाम चौक वक्फ-81 की संपत्ति मामले में नई कमेटी गठन के बाद उपजे विवाद के बीच पुरानी कमेटी के सचिव व उनके पुत्रों ने सुनियोजित ढंग से परिवार की महिला को गोली मारी थी। कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद यह दावा किया है। पुलिस ने कमेटी के पूर्व सचिव, उसके सपा नेता पुत्र समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
कस्बे में उपरौस स्थित वक्फ बोर्ड की संपत्ति का दुरुपयोग होने की शिकायत के बाद लखनऊ की टीम ने जांच की थी। इसके बाद जावेद महतो समेत अन्य लोगों को जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें वक्फ विभाग की संपत्ति की देखरेख करने के निर्देश दिए थे। इस पर पुरानी कमेटी के सचिव सुलेमान के पुत्र अरशद मुकीम ने पिछले 26 सितंबर को जावेद महतो समेत कमेटी के अन्य सदस्यों पर पत्नी आरफा बानो को गोली मारकर घायल करने का आरोप लगा कोतवाली में मामला दर्ज कराया था।
कोतवाल पवन कुमार पटेल ने बताया कि पूर्व सचिव सुलेमान, उसके पुत्र अरशद व सपा नेता शादाब उर्फ बिट्टू, छोटेबाबू उर्फ इस्लामुद्दीन, सोनू उर्फ मकसूद, हलीम लंगड़ा और अरफी उर्फ जमालुद्दीन ने एक राय होकर अरशद की पत्नी आरफा को इस तरह गोली मारी ताकि वह मामूली रूप से जख्मी हो। इसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस मामले में वक्फ नंबर-81 की नई कमेटी के अध्यक्ष सहित कमेटी व पैरोकारों को फंसाने के लिए उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करा दिया।
उन्होंने बताया कि जांच में मामला झूठा पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में वक्फ कमेटी के पूर्व सचिव सुलेमान व उनके पुत्र सपा नेता शादाब हुसैन उर्फ बिट्टू तथा पूर्व सभासद हलीम समेत सात लोगों के खिलाफ साजिश रचने व हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। सोनू उर्फ मकसूद व अरफी उर्फ जमालुद्दीन को गिरफ्तार भी किया है। इनके पास से तमंचा व कारतूस भी बरामद हुआ है।
कोतवाल के मुताबिक आरोपी मो. अरशद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इस पर करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सोनू उर्फ मकसूद व बिट्टू उर्फ शादाब हुसैन भी एनडीपीएस व हत्या के प्रयास के मुकदमे में पूर्व में जेल जा चुके हैं।