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आचार संहिता में फंसा एक लाख 25 छात्रों का अनाज
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हमीरपुर। चुनाव आचार संहिता के चलते परिषदीय स्कूलों के 25 हजार 344 छात्रों को अनाज गोदाम में डंप है। बोरो पर सीएम की फोटो लगी होने के चलते विभाग इन्हें बंटवाने से घबरा रहा है। 94 दिनों का अनाज डंप होने से बच्चों को एमडीएम मिलने में परेशानी हो सकती है।
परिषदीय, अनुदानित स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले छात्रों को एमडीएम दिया जाता है। शैक्षिक सत्र 2021-22 में कोरोना संक्रमण फैलने के चलते 24 मार्च से 31 अगस्त 2021 तक सभी परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए थे। इससे छात्र छात्राओं को दोपहर का भोजन नहीं मिल सका। 23 सितंबर को सरकार के विशेष सचिव आरबी सिंह ने विद्यालय बंद रहने की अवधि का 94 दिन का खाद्यान्न वितरित करने का आदेश दिया था। जिसमें प्राइमरी स्तर के प्रति छात्र को नौ किलो 400 ग्राम व जूनियर स्तर के प्रति छात्र को 13 किलो 500 ग्राम अनाज दिया जाना है।
दिसंबर के अंत में प्राधिकार पत्र छपने का बजट मिला था, लेकिन प्राधिकार पत्र का प्रारूप पहले वाला होने के कारण उसमें मुख्यमंत्री की फोटो लगी है। इधर आचार संहिता लागू है। जिसके चलते किस प्रकार प्राधिकार पत्रों का वितरण कराया जाए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।
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राकेश कुमार श्रीवास्तव, बीएसए
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परिषदीय, अनुदानित स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले छात्रों को एमडीएम दिया जाता है। शैक्षिक सत्र 2021-22 में कोरोना संक्रमण फैलने के चलते 24 मार्च से 31 अगस्त 2021 तक सभी परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए थे। इससे छात्र छात्राओं को दोपहर का भोजन नहीं मिल सका। 23 सितंबर को सरकार के विशेष सचिव आरबी सिंह ने विद्यालय बंद रहने की अवधि का 94 दिन का खाद्यान्न वितरित करने का आदेश दिया था। जिसमें प्राइमरी स्तर के प्रति छात्र को नौ किलो 400 ग्राम व जूनियर स्तर के प्रति छात्र को 13 किलो 500 ग्राम अनाज दिया जाना है।
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दिसंबर के अंत में प्राधिकार पत्र छपने का बजट मिला था, लेकिन प्राधिकार पत्र का प्रारूप पहले वाला होने के कारण उसमें मुख्यमंत्री की फोटो लगी है। इधर आचार संहिता लागू है। जिसके चलते किस प्रकार प्राधिकार पत्रों का वितरण कराया जाए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।
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राकेश कुमार श्रीवास्तव, बीएसए