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26 साल बाद तीन हत्यारोपियों को उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर।
Updated Tue, 06 Oct 2015 12:05 AM IST
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26 वर्ष पूर्व ठेेकेदारी की रंजिश को लेकर हुई हत्या के मामले में तीन आरोपियों को सोमवार को अपर सत्र न्यायधीश अब्दुल जमील ने आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
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न्यायालय के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि तत्कालीन थाना मुस्करा(जो वर्तमान में खरेला थानाक्षेत्र में है) के बसौठ गांव निवासी सूरज प्रसाद गुरुदेव के घर 6 अप्रैल 1989 को सुबह उसके पुत्र राजकुमार उर्फ टिल्लू को ढूंढ़ते हुए गांव के विनोद उर्फ भाऊ, धरम सिंह, असित मोहन व कुनहेटा गांव के राजेंद्र पंडित, सूरज प्रसाद, भागीरथ व छिद्दू उसके घर असलहा लिए आ धमके।
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जब वह घर में नहीं मिला तो उसके बैठका की ओर जाने लगे। रास्ते में राजकुमार बहन सुशीललता व गहरौली के नरेंद्र व दो सरकारी सुरक्षा कर्मी के साथ गांव की ओर आ रहा था। तभी विनोद व असित मोहन ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें सुरक्षा कर्मियों ने आरोपियों को ललकारते हुए फायरिंग की। इस पर आरोपी भागने लगे। इस फायरिंग में राजकुमार उर्फ टिल्लू की मौके पर मौत हो गई थी। गौरतलब हो कि विनोद उर्फ भाऊ व राजकुमार एक ही विभाग में ठेकेदारी करते थे। जिसके कारण विनोद से राजकुमार बुराई मानता था।
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घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता सूरज प्रसाद ने मुस्करा थाने में दर्ज कराई थी। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायधीश अब्दुल जमील ने विनोद उर्फ भाऊ, असित मोहन व राजेंद्र मोहन को घटना का मुख्य दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि शिवराम व बरातीलाल जिनके घर से घटना में प्रयुक्त असलहे बरामद हुए थे, उनको शस्त्र अधिनियम में दोषी मानते हुए डेढ़-डेढ़ वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा धरमसिंह, सूरज प्रसाद निवासी कुनहेटा व भागीरथ की मुकदमे दौरान मौत हो गई। जबकि छिद्दू को दोषमुक्त किया गया।