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Hamirpur News: एआई का दुरुपयोग कर फर्जी खनिज रॉयल्टी मेंं मास्टर माइंड समेत तीन गिरफ्तार

Fri, 29 Aug 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Fri, 29 Aug 2025 12:59 AM IST
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Three arrested including mastermind in fake mineral royalty case by misusing AI
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-फर्जी रॉयल्टी मामले में गिरफ्तार तीनोंं आरोपी। स्रोत: पुलिस - फोटो : mathura
महोबा। खनिज विभाग की वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाने और पट्टाधारकों के रॉयल्टी सिक्योरिटी पेपर चोरी कर फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरोह के मास्टर माइंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि छह अन्य की तलाश की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों ने आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का सहारा लेकर खनिज विभाग के पूरे सिस्टम को ही हैक करने की तरकीब निकाल ली थी। वे कोडिंग तकनीक के जरिए फर्जी सिक्योरिटी पेपर और रॉयल्टी बनाने में माहिर थे।
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पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले खनिज विभाग के अधिकारियों ने शिकायत की थी कि खनिज के परिवहन के लिए जरूरी ई-ट्रांजिट पास जारी करने वाली सरकारी वेबसाइट upmines.updsc.gov.in के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट https://www.upmines-upsdc.gov.ink बनाकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।
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इस पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही थी। इसी बीच क्रशर व्यापारी रामकिशोर सिंह ने थाना कबरई में तहरीर दी कि उनके मुनीम बिंदादीन ने सिक्योरिटी पेपर चोरी कर फर्जी रॉयल्टी गिरोह के मास्टर माइंड विजय सैनी को बेचे हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना कबरई, स्वॉट, सर्विलांस और साइबर थाने की संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया।
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पुलिस टीमों ने दबिश देकर कबरई कस्बे के चंद्रावल रोड से गिरोह के मास्टर माइंड विजय सैनी निवासी सुरहा थाना कबरई, बिंदादीन कुशवाहा निवासी विशाल नगर कबरई, विकास राजौलिया निवासी विशाल नगर कबरई को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 1,206 बिना प्रिंटेड रॉयल्टी सिक्योरिटी पेपर और 21 फर्जी प्रिन्टेड रॉयल्टी सिक्योरिटी पेपर जब्त किए। ये सिक्योरिटी पेपर खनिज परिवहन के लिए महत्वपूर्ण प्रपत्र हैं। इसके साथ ही 1,532 फर्जी जाली रॉयल्टी पेपर, एक लैपटाॅप, प्रिंटर, चार मोबाइल सहित एक लाख 10 हजार रुपये नकदी बरामद की गई।




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इंसेट


एआई का सहारा लेकर कर रहे थे फर्जीवाड़ा
महोबा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से विजय सैनी ने एआई यानि आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का कोर्स किया है। वह कोडिंग तकनीक का भी मास्टर है। इसके सहारे ही वह पूरा फर्जीवाड़ा कर रहा था। पहाड़ से क्रशर तक खनिज परिवहन के लिए उपयोग होने वाले सिक्योरिटी पेपर और खनिज पोर्टल के आईडी-पासवर्ड वह पट्टाधारकों के मुनीमों को लालच देकर प्राप्त कर लेता था। इसके बाद एआई का उपयोग करके ऐसे सिक्योरिटी पेपर की जानकारी जुटा लेता था, जिनका उपयोग कार्यदायी संस्थाओं ने सरकारी कार्यों में नहीं किया है। इसके बाद इन पेपर को क्लोन करके ट्रक नंबर, वाहन का रूट बदलकर फर्जी रॉयल्टी बना देता था। इससे करोड़ों के राजस्व की क्षति सरकार को हो रही थी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार 2024 से इसने फर्जी वेबसाइट बनाकर खनिज विभाग के पूरे सिस्टम को ही हैक करने का प्रयास किया। सिक्योरिटी पेपर पर पट्टाधारक के यूनिक कोड के बजाय कोडिंग के जरिए ऐसा बारकोड बनाकर रॉयल्टी पेपर में प्रिंट कर देता था, जिसे स्कैन करने पर फर्जी वेबसाइट खुलती थी और सिक्याेरिटी पेपर का डाटा मैच होना प्रतीत होता था। मोबाइल पर पूरा यूआरएल नहीं खुलने के कारण अधिकांश लोग इस फर्जीवाड़ा को समझ ही नहीं पाए। पुलिस को इस तरह से 1,500 से अधिक पेपर मिले हैं। आरोपियों के पास से जब्त किए गए लैपटॉप में करीब 10 हजार फोल्डर हैं। इसलिए छानबीन में समय लगेगा।
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