{"_id":"57e189734f1c1bc409a82bdd","slug":"the-day-went-anganwadi-caryktriyan-television-opening-sitting-of-parliament","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिस दिन संसद चले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां टेलीविजन खोलकर बैठें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिस दिन संसद चले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां टेलीविजन खोलकर बैठें
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर में शहीद पार्क में डिप्लोमा फार्मसिस्ट संघ के लोगों से बात कर ज्ञापन लेते
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली सिर्फ उद्योगपतियों के हितैषी हैं। रहुनियां धर्मशाला के शहीद पार्क में कहा कि जेटली उद्योगपतियों का तो कर्ज माफ कर रहे हैं, पर यही मांग लेकर गरीब उनके आफिस चले जाएं तो उनको जूता मारकर भगा देंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन दिया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल ने शहीद पार्क में शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद किसान यात्रा बस से दो बार जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा को काले धन पर घेरा। उन्होंने जनसभा में लोगों से नाम पूछे। फिर उन्हीं से सवाल दागा कि क्या उन्हें 15 लाख मिले, जवाब मिला नहीं। भीड़ देखकर गदगद दिखे राहुल ने कहा कि आप लोग ऐसी ही शक्ति देते रहे तो नरेंद्र मोदी कर्जा जरूर माफ करेंगे। भाषण खत्म कर बस में बैठ गए राहुल गांधी फिर खिड़की पर आए और कर्मचारियों की लड़ाई लड़ने का वादा किया। राहुल ने मुख्यालय के लोनिवि के डाक बंगले में रात बिताई। रात में हाईवे किनारे लक्ष्मीबाई तिराहे पर जनसभा को संबोधित किया। मंगलवार को राहुल गांधी ने रहुनियां चौकी और कुरारा में जनसभा को संबोधित किया। कहा कि वे जहां भी जाते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मिल जाती हैं। कहा कि जिस दिन संसद चले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां टीवी खोलकर बैठें।
वे संसद में उनकी आवाज उठाएंगे। उन्हें टीचरों ने भी ज्ञापन दिया है। मीडिया के पूछने पर कि क्या वे कर्जमाफी पर किसानों की आदत नहीं खराब कर रहे तो उनका जवाब था कि जब नरेंद्र मोदी उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर सकते हैं तो हम किसानों का कर्ज क्यों माफ नहीं कर सकते। जनसभा में मौजूद मखरूफ अहमद और अनिल दुबे व राघवेंद्रनाथ तिवारी के नाम पूछे फिर उन्हीं से जवाब मांगा कि क्या उन्हें 15 लाख रुपये मिले। सड़कें नहीं हैं। बिजली नहीं मिल रही है। काले धन को सफेद करने के लिए मोदी फेयर एंड लवली पकड़ा रहे हैं। यानी काले धन को सफेद करने की बात कह रहे हैं। राहुल गांधी बोले, नरेंद्र मोदी करोड़ों किसानों का कर्जा माफ करो, बिजली बिल हाफ करो। किसान को अनाज का सही दाम दिलवाओ। लाखों किसान इस यात्रा से जुड़ रहे हैं। किसान अपना पसीना इस यात्रा को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह नरेंद्र मोदी जैसे झूठे वादे करने वाले नहीं है। कहा कि 2008 में उनकी सरकार ने किसानों का 70 हजार करोड़ कर्जा माफ किया था। वह अपने कर्मों के बल पर खडे़ हैं। वह झूठ की राजनीति नहीं करते।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल ने शहीद पार्क में शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद किसान यात्रा बस से दो बार जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा को काले धन पर घेरा। उन्होंने जनसभा में लोगों से नाम पूछे। फिर उन्हीं से सवाल दागा कि क्या उन्हें 15 लाख मिले, जवाब मिला नहीं। भीड़ देखकर गदगद दिखे राहुल ने कहा कि आप लोग ऐसी ही शक्ति देते रहे तो नरेंद्र मोदी कर्जा जरूर माफ करेंगे। भाषण खत्म कर बस में बैठ गए राहुल गांधी फिर खिड़की पर आए और कर्मचारियों की लड़ाई लड़ने का वादा किया। राहुल ने मुख्यालय के लोनिवि के डाक बंगले में रात बिताई। रात में हाईवे किनारे लक्ष्मीबाई तिराहे पर जनसभा को संबोधित किया। मंगलवार को राहुल गांधी ने रहुनियां चौकी और कुरारा में जनसभा को संबोधित किया। कहा कि वे जहां भी जाते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मिल जाती हैं। कहा कि जिस दिन संसद चले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां टीवी खोलकर बैठें।
विज्ञापन
वे संसद में उनकी आवाज उठाएंगे। उन्हें टीचरों ने भी ज्ञापन दिया है। मीडिया के पूछने पर कि क्या वे कर्जमाफी पर किसानों की आदत नहीं खराब कर रहे तो उनका जवाब था कि जब नरेंद्र मोदी उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर सकते हैं तो हम किसानों का कर्ज क्यों माफ नहीं कर सकते। जनसभा में मौजूद मखरूफ अहमद और अनिल दुबे व राघवेंद्रनाथ तिवारी के नाम पूछे फिर उन्हीं से जवाब मांगा कि क्या उन्हें 15 लाख रुपये मिले। सड़कें नहीं हैं। बिजली नहीं मिल रही है। काले धन को सफेद करने के लिए मोदी फेयर एंड लवली पकड़ा रहे हैं। यानी काले धन को सफेद करने की बात कह रहे हैं। राहुल गांधी बोले, नरेंद्र मोदी करोड़ों किसानों का कर्जा माफ करो, बिजली बिल हाफ करो। किसान को अनाज का सही दाम दिलवाओ। लाखों किसान इस यात्रा से जुड़ रहे हैं। किसान अपना पसीना इस यात्रा को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह नरेंद्र मोदी जैसे झूठे वादे करने वाले नहीं है। कहा कि 2008 में उनकी सरकार ने किसानों का 70 हजार करोड़ कर्जा माफ किया था। वह अपने कर्मों के बल पर खडे़ हैं। वह झूठ की राजनीति नहीं करते।
विज्ञापन