गर्भवती को छोड़कर चली गई एंबुलेंस
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कुरारा (हमीरपुर)। क्षेत्र के शिवनी गांव में प्रसव पीड़िता को 102 नंबर एंबुलेंस गांव में ही छोड़कर लौट गई। इस पर परिजनों को रात में ही प्राइवेट वाहन तलाश करनी पड़ी। वह आधी रात में प्रसव पीड़िता को लेकर सीएचसी पहुंचे। महिलाओं का प्रसव कराने से लेकर उनके भोजन तक का खर्च शासन उठा रहा है लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण अंचलाें में हालत बेहद खराब हैं। ग्रामीणों की आर्थिक हालत खराब होने से वह एंबुलेंस चालकों को खुश नहीं कर पा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को उपकेंद्र में प्रसव करवाने के उद्देश्य से करोड़ाें रुपये खर्च कर रही है।
सीएचसी में 102 नंबर एंबुलेंस के चालक बीते रविवार के रात शिवनी गंाव की प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को बिना लिए वापस लौट आया। अस्पताल में मौजूद 108 एंबुलेंस खराब होने पर हमीरपुर में खड़ी है। प्रसव पीड़ा से कराह रही अभिलाशा की सास कुसमा ने बताया कि बहू के प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए उसने 108 नंबर को फोन किया था। जिस पर रात 11 बजे एंबुलेंस पहुंची और सड़क में ही खड़ी कर दी। चालक से उसने घर काफी दूर होने पर बहू को लाने असर्मथता जताई। इस पर चालक ने गड्ढे होने की बात कही और कुछ देर बाद बिना लिवाए ही वापस लौट गया। कहा कि इससे उन्हें कु रारा सीएचसी में बहू को लाने में रात में ही वाहन की तलाश करनी पड़ी। 500 रुपये में एक टेंपो पर लेकर रात एक बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। इस मामले में सीएची के एमओआईसी पीके सिंह का कहना है कि घटना की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। वह इस मामले को देखेंगे।