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Hamirpur News: मिट गया सूर्य की रोशनी से चलने वाली धूप-घड़ी का अस्तित्व
Sat, 18 Apr 2026 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:23 AM IST
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फोटो17एचएएमपी 36- कलक्ट्रेट स्थित धूप घड़ी का प्वाइंट। संवाद
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हमीरपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित सूर्य की रोशनी से चलने वाली ऐतिहासिक धूप-घड़ी अब लगभग अस्तित्वहीन हो गई है। छह साल पहले इसमें लगी अष्टधातु की प्लेट भी चोरी हो गई थी। इसके बाद इसे दोबारा चालू नहीं कराया जा सका। अब एक बार फिर इस धरोहर को पुनर्जीवित करने की मांग तेज हो गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर में गोल चबूतरे के पीछे लगी यह घड़ी सूर्य की रोशनी से चलती थी और समय बताती थी। लंबे समय तक लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। घड़ी में अष्टधातु से बनी प्लेट लगी थी। जुलाई 2019 में चोर प्लेट चोरी कर ले गए, इससे कलेक्ट्रेट सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के निर्देश पर कलेक्ट्रेट के नाजिर ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने घटना के करीब 10 दिन बाद चोरी गया हिस्सा कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित शिव मंदिर के पास झाड़ियों से बरामद कर लिया था।
शहर के जागरूक नागरिक जलीस खान ने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में हमीरपुर नगर में समय देखने के लिए धूप-घड़ी की स्थापना की गई थी, जो सूर्य की रोशनी से चलती थी। लंबे समय तक लोगों के लिए घड़ी आकर्षण का केंद्र रही। हमीरपुर में नया जिलाधिकारी कार्यभार संभालने के बाद इस धूप-घड़ी का निरीक्षण जरूर करता था। समय के साथ समय बताने वाली घड़ी की सभी सुइयां बंद हो गई।
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शहर निवासी सपा नेता युगांक मिश्रा ने जिलाधिकारी घनश्याम मीना को पत्र भेजकर धूप-घड़ी को दोबारा चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि हमीरपुर की ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे संरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धूप-घड़ी को फिर से चालू किए जाने से यह न केवल शहर की पहचान बनेगी, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी आकर्षण और ज्ञान का केंद्र साबित होगी।
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कलेक्ट्रेट परिसर में गोल चबूतरे के पीछे लगी यह घड़ी सूर्य की रोशनी से चलती थी और समय बताती थी। लंबे समय तक लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। घड़ी में अष्टधातु से बनी प्लेट लगी थी। जुलाई 2019 में चोर प्लेट चोरी कर ले गए, इससे कलेक्ट्रेट सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के निर्देश पर कलेक्ट्रेट के नाजिर ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने घटना के करीब 10 दिन बाद चोरी गया हिस्सा कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित शिव मंदिर के पास झाड़ियों से बरामद कर लिया था।
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शहर के जागरूक नागरिक जलीस खान ने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में हमीरपुर नगर में समय देखने के लिए धूप-घड़ी की स्थापना की गई थी, जो सूर्य की रोशनी से चलती थी। लंबे समय तक लोगों के लिए घड़ी आकर्षण का केंद्र रही। हमीरपुर में नया जिलाधिकारी कार्यभार संभालने के बाद इस धूप-घड़ी का निरीक्षण जरूर करता था। समय के साथ समय बताने वाली घड़ी की सभी सुइयां बंद हो गई।
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शहर निवासी सपा नेता युगांक मिश्रा ने जिलाधिकारी घनश्याम मीना को पत्र भेजकर धूप-घड़ी को दोबारा चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि हमीरपुर की ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे संरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धूप-घड़ी को फिर से चालू किए जाने से यह न केवल शहर की पहचान बनेगी, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी आकर्षण और ज्ञान का केंद्र साबित होगी।

फोटो17एचएएमपी 36- कलक्ट्रेट स्थित धूप घड़ी का प्वाइंट। संवाद

फोटो17एचएएमपी 36- कलक्ट्रेट स्थित धूप घड़ी का प्वाइंट। संवाद