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सड़क के लिए संघर्ष : गांव से कलक्ट्रेट तक नंगे पांव प्रदर्शन
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फोटो03एचएएमपी 23- सडड़क पर नंगे पाव प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग
फोटो03एचएएमपी 23- सडड़क पर नंगे पाव प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
फोटो03एचएएमपी 24- डीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी। संवाद
फोटो03एचएएमपी 25- प्रदर्शनकारी व अधिकारियों के बीच होती नोंकझोंक। संवाद
फोटो03एचएएमपी 26- कच्ची सड़क पर हुए कीचड़ के बीच से निकलते स्कूली बच्चे व अन्य। संवाद
- स्कूली बच्चों से लेकर महिलाएं पुरुष बोले रोड नहीं तो वोट नहीं
- कलक्ट्रेट में प्रदर्शनकारियों की अधिकारियों से हुई तीखी झड़प
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। वर्षों से कच्ची सड़क की वजह से परेशानियों का दंश झेल रहे चंदूपुरा समेत एक दर्जन गांव के ग्रामीणों का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। गांव से महिलाओं व बच्चों संग नंगे पांव निकले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट तक जोरदार प्रदर्शन किया। यहां जिलाधिकारी से मिलने के लिए पहुंचे तो उनका रास्ता रोक लिया गया। एडीएम व एसडीएम आए, लेकिन ग्रामीण अपनी बात डीएम को सुनाने की जिद पर अड़ गए और दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। एक घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन हुआ। शासन व प्रशासन को खरी खोटी सुनाई। इस दौरान अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। आखिर में प्रशासन झुका और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए मौके पर भेजा।
वन विभाग के रोड़े की वजह से मनकी से हमीरपुर मार्ग के बीच करीब दो किमी की कच्ची सड़क एक दर्जन से अधिक गांव के लिए नासूर बनी हुई है। ब्रह्मा का डेरा, बनवासी का डेरा, बच्ची का डेरा, गंगवा का डेरा, विश्वनाथ बाबा का डेरा, गुसांई बाबा का डेरा, चंदूपुर, सिकरौड़ी समेत अन्य गांव के लिए बारिश में मुसीबत खड़ी हो जाती है। इस दौरान यह सड़क नरकीय स्थिति में पहुंच जाती है। हालात यह है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है तो वहीं मरीजों को मुख्यालय लाने में अड़चन आती है।
क्षेत्र के लोगों ने अफसरों से लेकर सांसद व विधायक सभी को समस्या बताई। वर्ष 2022 के चुनाव में मतदान बहिष्कार का ऐलान भी किया था। उस वक्त अधिकारी और नेता मौके पर पहुंचे और आश्वासन की घुट्टी पिला दी। ग्रामीणों ने भी उनकी बात मानी और मतदान किया। इसके बाद फिर सब भूल गए। समाधान न होने पर ग्रामीणों ने परेशान होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया। शुक्रवार को कच्ची सड़क से लेकर कलक्ट्रेट तक महिलाओं व पुरुषों से लेकर स्कूली बच्चे तक हाथ में बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए नंगे पांव कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर भी शासन व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जो समझाने आया उससे दो टूक कह दिया पहले सड़क चाहिए। रोड नहीं तो वोट नहीं। अब न कोई आश्वासन चलेगा और न कोई बहाना। इस दौरान अशोक निषाद, स्वामीदीन, किशन, जीतू निषाद, छोटेलाल, मनीष , मानसिंह, श्यामबाबू, गनेशी, लालाराम नीलम, माया देवी, संतोषी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आखिर में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और वैकल्पिक मार्ग बनाने की बात कही गई। ग्रामीणों के साथ अधिकारी कच्ची सड़क को देखने पहुंचे।
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एडीएम, एसडीएम रहे हलकान, एएसपी भी पहुंचे
जिलाधिकारी से मिलने की जिद पकड़े ग्रामीणों को समझाने के लिए अधिकारियों को खूब पसीना बहाना पड़ा। एसडीएम केडी शर्मा, पैगाम हैदर, विकास यादव ने समझाने का प्रयास किया। इसके बाद एडीएम राजस्व एवं वित्त राकेश कुमार, एडीएम न्यायिक सुरेश कुमार, ईओ हेमराज ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई असर नहीं रहा। आक्रोश बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी बुलाई गई। एएसपी अरविंद वर्मा, सीओ तेजपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कई बार अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। एक मर्तबा तो ऐसा लगा कि हालात बिगड़ने वाले हैं, लेकिन अधिकारियों ने अपने को संभाला। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा धक्का देने पर और बढ़ गया था।
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चार माह नहीं हो पाती पढ़ाई
प्रदर्शन का हिस्सा बने कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी प्रीति, कंचन, कविता, पुष्पांजलि, पूनम, नेहा, संतोषी, कोमल, रिंकी, श्रदांजलि, श्याम, कमल, उमेश, रमेश, मुन्ना समेत कई अन्य भी क्रोध से भरे हुए थे। जब पुलिस ने उनका रास्ता रोका तो सभी ने कहा कि आप सब तो अफसर बन गए हो, हम बच्चों से पूछो हमारे सपने कच्ची सड़क में ही टूट जाते है। चार माह तो स्कूल आना जाना बंद हो जाता है। पढ़ाई पीछे छूट जाती है समस्या आगे खड़ी रहती है। दो किमी की कच्ची सड़क नहीं बनेगी तो हम सभी का जीवन बर्बाद हो जाएगा।
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फोटो03एचएएमपी 27- पूनम। संवाद
कच्ची सड़क ने छीन ली पूनम की पढ़ाई
गंगवा के डेरा निवासी पूनम ने बताया कि उसके स्कूल की दूरी करीब छह किलोमीटर है। कच्ची सड़क होने के कारण हल्की बारिश में भी रास्ता दलदल में बदल जाता है। समय पर स्कूल पहुंचना संभव नहीं हो पाता था। लगातार होने वाली परेशानी के चलते उसे कक्षा नौ के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली से कई बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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फोटो03एचएएमपी 28- रजनी। संवाद
गंगवा निवासी रजनी का कहना है कि वह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हमीरपुर में पढ़ती है। स्कूल रोज का आना जाना रहता है। अन्य दिनों में तो कई परेशानी नहीं होती लेकिन बारिश के समय स्कूल नहीं पहुंच पाती हूं। रास्ता इतना खराब हो जाता है कि यहां से निकलना बहुत मुश्किल होता है। कीचड़ से कई बार ड्रेस खराब हो जाती है। इसलिए हमारी पढ़ाई तो बारिश के बाद ही शुरू होती है।
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केस-1
बाइक फिसली महिला का पैर फैक्चर
कुलदीप निषाद ने बताया कि चार दिन पहले ही विश्वनाथ बाबा डेरा निवासी पप्पू अपनी पत्नी को लेकर हमीरपुर से आ रही था, इसी दौरान कच्ची सड़क में बाइक फिसल गई। बाइक में पीछे बैठी उसकी पत्नी का पैर फैक्चर हो गया। यह अकेली घटना नहीं है , यहां बारिश के दौरान ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।
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केस-2
दो रिक्शा पलटे, बड़ा हादसा टला
बीते माह 30 जून श्याम अपने ई-रिक्शा में सवारी बैठाकर चंदूपुर आ रहा था, तभी कच्चे मार्ग में संतुलन बिगड़ने से उसका रिक्शा पलट गया। सवारियां तो सुरक्षित बच गई लेकिन उसका रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया। इसी तरह 27 जून को रामकुमार का रिक्शा पलट गया था।
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फोटो03एचएएमपी 24- डीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी। संवाद
फोटो03एचएएमपी 25- प्रदर्शनकारी व अधिकारियों के बीच होती नोंकझोंक। संवाद
फोटो03एचएएमपी 26- कच्ची सड़क पर हुए कीचड़ के बीच से निकलते स्कूली बच्चे व अन्य। संवाद
- स्कूली बच्चों से लेकर महिलाएं पुरुष बोले रोड नहीं तो वोट नहीं
- कलक्ट्रेट में प्रदर्शनकारियों की अधिकारियों से हुई तीखी झड़प
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। वर्षों से कच्ची सड़क की वजह से परेशानियों का दंश झेल रहे चंदूपुरा समेत एक दर्जन गांव के ग्रामीणों का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। गांव से महिलाओं व बच्चों संग नंगे पांव निकले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट तक जोरदार प्रदर्शन किया। यहां जिलाधिकारी से मिलने के लिए पहुंचे तो उनका रास्ता रोक लिया गया। एडीएम व एसडीएम आए, लेकिन ग्रामीण अपनी बात डीएम को सुनाने की जिद पर अड़ गए और दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। एक घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन हुआ। शासन व प्रशासन को खरी खोटी सुनाई। इस दौरान अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। आखिर में प्रशासन झुका और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए मौके पर भेजा।
वन विभाग के रोड़े की वजह से मनकी से हमीरपुर मार्ग के बीच करीब दो किमी की कच्ची सड़क एक दर्जन से अधिक गांव के लिए नासूर बनी हुई है। ब्रह्मा का डेरा, बनवासी का डेरा, बच्ची का डेरा, गंगवा का डेरा, विश्वनाथ बाबा का डेरा, गुसांई बाबा का डेरा, चंदूपुर, सिकरौड़ी समेत अन्य गांव के लिए बारिश में मुसीबत खड़ी हो जाती है। इस दौरान यह सड़क नरकीय स्थिति में पहुंच जाती है। हालात यह है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है तो वहीं मरीजों को मुख्यालय लाने में अड़चन आती है।
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क्षेत्र के लोगों ने अफसरों से लेकर सांसद व विधायक सभी को समस्या बताई। वर्ष 2022 के चुनाव में मतदान बहिष्कार का ऐलान भी किया था। उस वक्त अधिकारी और नेता मौके पर पहुंचे और आश्वासन की घुट्टी पिला दी। ग्रामीणों ने भी उनकी बात मानी और मतदान किया। इसके बाद फिर सब भूल गए। समाधान न होने पर ग्रामीणों ने परेशान होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया। शुक्रवार को कच्ची सड़क से लेकर कलक्ट्रेट तक महिलाओं व पुरुषों से लेकर स्कूली बच्चे तक हाथ में बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए नंगे पांव कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर भी शासन व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जो समझाने आया उससे दो टूक कह दिया पहले सड़क चाहिए। रोड नहीं तो वोट नहीं। अब न कोई आश्वासन चलेगा और न कोई बहाना। इस दौरान अशोक निषाद, स्वामीदीन, किशन, जीतू निषाद, छोटेलाल, मनीष , मानसिंह, श्यामबाबू, गनेशी, लालाराम नीलम, माया देवी, संतोषी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आखिर में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और वैकल्पिक मार्ग बनाने की बात कही गई। ग्रामीणों के साथ अधिकारी कच्ची सड़क को देखने पहुंचे।
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जिलाधिकारी से मिलने की जिद पकड़े ग्रामीणों को समझाने के लिए अधिकारियों को खूब पसीना बहाना पड़ा। एसडीएम केडी शर्मा, पैगाम हैदर, विकास यादव ने समझाने का प्रयास किया। इसके बाद एडीएम राजस्व एवं वित्त राकेश कुमार, एडीएम न्यायिक सुरेश कुमार, ईओ हेमराज ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई असर नहीं रहा। आक्रोश बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी बुलाई गई। एएसपी अरविंद वर्मा, सीओ तेजपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कई बार अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। एक मर्तबा तो ऐसा लगा कि हालात बिगड़ने वाले हैं, लेकिन अधिकारियों ने अपने को संभाला। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा धक्का देने पर और बढ़ गया था।
चार माह नहीं हो पाती पढ़ाई
प्रदर्शन का हिस्सा बने कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी प्रीति, कंचन, कविता, पुष्पांजलि, पूनम, नेहा, संतोषी, कोमल, रिंकी, श्रदांजलि, श्याम, कमल, उमेश, रमेश, मुन्ना समेत कई अन्य भी क्रोध से भरे हुए थे। जब पुलिस ने उनका रास्ता रोका तो सभी ने कहा कि आप सब तो अफसर बन गए हो, हम बच्चों से पूछो हमारे सपने कच्ची सड़क में ही टूट जाते है। चार माह तो स्कूल आना जाना बंद हो जाता है। पढ़ाई पीछे छूट जाती है समस्या आगे खड़ी रहती है। दो किमी की कच्ची सड़क नहीं बनेगी तो हम सभी का जीवन बर्बाद हो जाएगा।
फोटो03एचएएमपी 27- पूनम। संवाद
कच्ची सड़क ने छीन ली पूनम की पढ़ाई
गंगवा के डेरा निवासी पूनम ने बताया कि उसके स्कूल की दूरी करीब छह किलोमीटर है। कच्ची सड़क होने के कारण हल्की बारिश में भी रास्ता दलदल में बदल जाता है। समय पर स्कूल पहुंचना संभव नहीं हो पाता था। लगातार होने वाली परेशानी के चलते उसे कक्षा नौ के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली से कई बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
फोटो03एचएएमपी 28- रजनी। संवाद
गंगवा निवासी रजनी का कहना है कि वह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हमीरपुर में पढ़ती है। स्कूल रोज का आना जाना रहता है। अन्य दिनों में तो कई परेशानी नहीं होती लेकिन बारिश के समय स्कूल नहीं पहुंच पाती हूं। रास्ता इतना खराब हो जाता है कि यहां से निकलना बहुत मुश्किल होता है। कीचड़ से कई बार ड्रेस खराब हो जाती है। इसलिए हमारी पढ़ाई तो बारिश के बाद ही शुरू होती है।
केस-1
बाइक फिसली महिला का पैर फैक्चर
कुलदीप निषाद ने बताया कि चार दिन पहले ही विश्वनाथ बाबा डेरा निवासी पप्पू अपनी पत्नी को लेकर हमीरपुर से आ रही था, इसी दौरान कच्ची सड़क में बाइक फिसल गई। बाइक में पीछे बैठी उसकी पत्नी का पैर फैक्चर हो गया। यह अकेली घटना नहीं है , यहां बारिश के दौरान ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।
केस-2
दो रिक्शा पलटे, बड़ा हादसा टला
बीते माह 30 जून श्याम अपने ई-रिक्शा में सवारी बैठाकर चंदूपुर आ रहा था, तभी कच्चे मार्ग में संतुलन बिगड़ने से उसका रिक्शा पलट गया। सवारियां तो सुरक्षित बच गई लेकिन उसका रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया। इसी तरह 27 जून को रामकुमार का रिक्शा पलट गया था।

फोटो03एचएएमपी 23- सडड़क पर नंगे पाव प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग

फोटो03एचएएमपी 23- सडड़क पर नंगे पाव प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग

फोटो03एचएएमपी 23- सडड़क पर नंगे पाव प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग

फोटो03एचएएमपी 23- सडड़क पर नंगे पाव प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग