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एसपी ने दारोगा व मुहर्रिर को किया निलंबित
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sat, 11 Apr 2015 12:52 AM IST
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। इस पर पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने एक दारोगा और मुहर्रिर को निलंबित कर दिया है। इस मामले में जीवन और मौत से जूझ रही मासूम को लेकर कोतवाली आए परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ा था, घटना की सूचना मिलने पर एसपी ने मामले की पड़ताल की तो पुलिस कर्मियों को दोषी पाया। वहीं पुलिस ने आरोपी को दबिश डालकर गिरफ्तार कर लिया है।
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ज्ञात हो कि स्थानीय कोतवाली के एक गांव में बुधवार की देर रात चचेरा बाबा परिवार की चार वर्षीय मासूम को गोद में उठाकर ले गया। गेहूं के खेत में उसके साथ दुराचार किया। मासूम की हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे खेतों में छोड़कर भाग निकला। बेहोशी की हालत में पड़ी मासूम को खेतों में गुरुवार सुबह शौच को गए एक ग्रामीण ने अचेत अवस्था में पड़ा देखा तो इसकी जानकारी परिजनों को दी।
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आनन फानन परिजन उठाकर घर लाए और पानी के छींटे मारे तो होश में आने पर मासूम ने आरोपी का नाम बाबा कहा। परिजनों ने पड़ोस में रह रहे आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं मिला। इस पर परिजन मासूम को लेकर स्थानीय कोतवाली पहुंचे। लेकिन कोतवाली में मौजूद दारोगा मो.इकराम व मुहर्रिर भूरालाल ने पीड़ितों की बात ही नहीं सुनीं।
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मुहर्रिर तो सीट पर बैठ मोबाइल पर बातें करने में ही मशगूल रहा। वहीं परिजनों का लंबा इंतजार करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली तब वह अस्पताल पहुंचे।
दरोगा से घटनास्थल पर जानकारी चाही तो वह नहीं बता सके। कहा इसी बीच उनके पास पीड़ित पक्ष के लोग आए और कोतवाली में लंबा इंतजार कराए जाने की जानकारी दी। बताया कि छानबीन पर पाया कि दारोगा और मुंशी की लापरवाही से बच्ची का त्वरित उपचार शुरू नहीं हो सका। इसी के चलते दारोगा और मुहर्रिर को निलंबित किया गया है।