{"_id":"630d13c23ed5f830533d1de3","slug":"shortage-of-medicines-in-the-jan-aushadhi-kendra-of-medical-college-hamirpur-hamirpur-news-sml419952123","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के जन औषधि केंद्र में दवाइयों का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के जन औषधि केंद्र में दवाइयों का टोटा
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की निशुल्क फार्मेसी के बाहर दवाइयां लेने के लिए खड़े लोग।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की निशुल्क फार्मेसी में जरूरी दवाएं भी नहीं मिल रही हैं। अस्पताल की फार्मेसी में निशुल्क मिलने वाली सिरिंज, प्लास्टर, बीपी की टेल्मीसार्टन दवाई और ग्लूकोज का भी टोटा चल रहा है। इस कारण मरीजों को ग्लूकोज लेकर अन्य दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं।
प्लास्टर का सामान निजी मेडिकल स्टोर से 800 से 1,000 रुपये में मिल रहा है। अस्पताल में प्लास्टर भी नहीं है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप की टेल्मीसार्टन दवाई करीब दो माह से नहीं पहुंची है। सिरिंज तक बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है।
मरीजों एवं तीमारदारों में शारदा देवी, मेहर चंद, विनीत राणा, शशिपाल का कहना है कि कई दवाइयां अस्पताल के अंदर नहीं मिल रही हैं। इस कारण पहले कतार में लगकर इन दवाइयों को लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन फार्मेसी में कई दवाइयां न मिलने से मायूस लौटना पड़ रहा है और बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से फार्मेसी में दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि जन औषधि केंद्र को इन दवाइयों का ऑर्डर दिया गया है। 1000 सिरिंज और एक हजार ग्लूकोज मंगलवार को उपलब्ध हो जाएंगे। फिलहाल काम चलाने के लिए ग्लूकोज की कुछ सप्लाई एडवांस में आ गई है। फार्मेसी में प्लास्टर की कमी नहीं है।
विज्ञापन
प्लास्टर का सामान निजी मेडिकल स्टोर से 800 से 1,000 रुपये में मिल रहा है। अस्पताल में प्लास्टर भी नहीं है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप की टेल्मीसार्टन दवाई करीब दो माह से नहीं पहुंची है। सिरिंज तक बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है।
विज्ञापन
मरीजों एवं तीमारदारों में शारदा देवी, मेहर चंद, विनीत राणा, शशिपाल का कहना है कि कई दवाइयां अस्पताल के अंदर नहीं मिल रही हैं। इस कारण पहले कतार में लगकर इन दवाइयों को लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन फार्मेसी में कई दवाइयां न मिलने से मायूस लौटना पड़ रहा है और बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से फार्मेसी में दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि जन औषधि केंद्र को इन दवाइयों का ऑर्डर दिया गया है। 1000 सिरिंज और एक हजार ग्लूकोज मंगलवार को उपलब्ध हो जाएंगे। फिलहाल काम चलाने के लिए ग्लूकोज की कुछ सप्लाई एडवांस में आ गई है। फार्मेसी में प्लास्टर की कमी नहीं है।