{"_id":"597a1db14f1c1b96628b459f","slug":"shikshit-mitra-did-the-demonstration-locks-in-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्रों ने किया धरना-प्रदर्शन,स्कूलों में ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्रों ने किया धरना-प्रदर्शन,स्कूलों में ताले
अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
बसस्टैंड तिराहा के जाम लगाए शिक्षामित्रों को समझाते एसडीएम।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। शिक्षामित्रों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया। आदेश पर पुनर्विचार याचिका के तहत सुनवाई न की गई तो उनका आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। वहीं, गुरुवार को जिले के कई विद्यालय बंद रहे। बच्चे बंद स्कूल को देख घरों को लौट गए।
आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से परिसर में कई थानों का पुलिस फोर्स व पीएसी बल तैनात रहा। एडीएम कुंजविहारी अग्रवाल प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शिक्षामित्रों के धरने पर पहुंचे और सुरक्षा का जायजा लिया। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने करीब 10 मिनट तक बस स्टैंड तिराहे पर सांकेतिक जाम लगाया। मौके पर आए एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
शिक्षामित्र से समायोजित हुए शिक्षकों की प्रक्रिया को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है। इससे जिले के करीब एक हजार शिक्षामित्र आंदोलित हैं। बुधवार से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का आंदोलन गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया।
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय परिसर में सुबह से ही शिक्षामित्रों का आना शुरू हो गया था। दोपहर तक बड़ी संख्या में शिक्षामित्र एकत्र हो गए। इसके बाद दिन भर धरना स्थल पर भाषणबाजी होती रही। वक्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि प्रदेश सरकार आगे आकर सुनवाई के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करती है तो आगामी 2019 में भाजपा को सबक सिखाया जाएगा।
अन्य जिलों में हुए उग्र प्रदर्शन को देखते हुए यहां भी प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। परिसर में कई थानाध्यक्ष, भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल के अलावा अश्रुगैस दस्ता, दमकल वाहन आदि ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। जबकि एडीएम कुंजबिहारी अग्रवाल ने एएसपी लाल साहब यादव, एसडीएम वीरबहादुर सिंह, सीओ एसएन वैभव पांडेय के साथ धरना स्थल का निरीक्षण किया।
धरने के बाद शिक्षामित्रों ने करीब 10 मिनट तक बस स्टैंड तिराहे पर सांकेतिक जाम लगाया। मौके पर आए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। राजेंद्र राजपूत, अंशुमान पांडेय, रामऔतार प्रजापति, पुष्पेंद्र सिंह, देवेंद्र मिश्रा, महेश, ताहिर, चंद्रपाल, विंदाप्रसाद, रविंद्र, कमलेश, बबलेश, नीरज बाघेला आदि मौजूद रहे।
तालाबंदी करने पर कार्रवाई के निर्देश
एडीएम ने निरीक्षण के बाद बीएसए राजेश कुमार श्रीवास को निर्देशित किया कि किसी भी विद्यालय में यदि तालाबंदी किए जाने की जानकारी मिले तो बिना हिचके मुकदमा दर्ज कराया जाए और सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। सुरक्षा का जायजा लेने आए एडीएम करीब आधे घंटे तक बीएसए कार्यालय में रुके।
विज्ञापन
आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से परिसर में कई थानों का पुलिस फोर्स व पीएसी बल तैनात रहा। एडीएम कुंजविहारी अग्रवाल प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शिक्षामित्रों के धरने पर पहुंचे और सुरक्षा का जायजा लिया। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने करीब 10 मिनट तक बस स्टैंड तिराहे पर सांकेतिक जाम लगाया। मौके पर आए एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
शिक्षामित्र से समायोजित हुए शिक्षकों की प्रक्रिया को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है। इससे जिले के करीब एक हजार शिक्षामित्र आंदोलित हैं। बुधवार से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का आंदोलन गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया।
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय परिसर में सुबह से ही शिक्षामित्रों का आना शुरू हो गया था। दोपहर तक बड़ी संख्या में शिक्षामित्र एकत्र हो गए। इसके बाद दिन भर धरना स्थल पर भाषणबाजी होती रही। वक्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि प्रदेश सरकार आगे आकर सुनवाई के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करती है तो आगामी 2019 में भाजपा को सबक सिखाया जाएगा।
अन्य जिलों में हुए उग्र प्रदर्शन को देखते हुए यहां भी प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। परिसर में कई थानाध्यक्ष, भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल के अलावा अश्रुगैस दस्ता, दमकल वाहन आदि ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। जबकि एडीएम कुंजबिहारी अग्रवाल ने एएसपी लाल साहब यादव, एसडीएम वीरबहादुर सिंह, सीओ एसएन वैभव पांडेय के साथ धरना स्थल का निरीक्षण किया।
धरने के बाद शिक्षामित्रों ने करीब 10 मिनट तक बस स्टैंड तिराहे पर सांकेतिक जाम लगाया। मौके पर आए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। राजेंद्र राजपूत, अंशुमान पांडेय, रामऔतार प्रजापति, पुष्पेंद्र सिंह, देवेंद्र मिश्रा, महेश, ताहिर, चंद्रपाल, विंदाप्रसाद, रविंद्र, कमलेश, बबलेश, नीरज बाघेला आदि मौजूद रहे।
तालाबंदी करने पर कार्रवाई के निर्देश
एडीएम ने निरीक्षण के बाद बीएसए राजेश कुमार श्रीवास को निर्देशित किया कि किसी भी विद्यालय में यदि तालाबंदी किए जाने की जानकारी मिले तो बिना हिचके मुकदमा दर्ज कराया जाए और सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। सुरक्षा का जायजा लेने आए एडीएम करीब आधे घंटे तक बीएसए कार्यालय में रुके।