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Hamirpur News: अंधेरगर्दी... कार्यस्थल लबालब, पोर्टल पर चलते रहे फावड़े

Mon, 28 Sep 2026 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:18 AM IST
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Sheer absurdity... workplaces packed, yet work continued only on paper.
फोटो 27 एचएएमपी 18- वीबी जीरामजी वेबसाइड में ब्लाक वार लगे मजदूरों की संख्या। श्रोत: वीबी जीराम
मौदहा (हमीरपुर)। पूरे जिले में 25 सितंबर को दिनभर बारिश होती रही। खेतों से लेकर मिट्टी वाले कार्यस्थलों में पानी लबालब भरा रहा। सामान्य आवागमन तक प्रभावित रहा। इसके बावजूद वीबी-जीरामजी योजना के सरकारी पोर्टल पर काम का आंकड़ा फलता-फूलता रहा। जिले के सात ब्लॉकों में 261 कार्यों के लिए 1236 मस्टर रोल जारी कर 10,145 मजदूरों की हाजिरी दर्ज दिखाई गई। बारिश के बीच इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों से फावड़ा चलवाने का दावा अब सवालों के घेरे में है।
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25 सितंबर को एनएमएमएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक गोहांड में 71 कार्यों के लिए 345 मस्टर रोल जारी कर 3028 मजदूर दर्ज दिखाए गए। कुरारा में 27 कार्यों पर 76 मस्टर रोल जारी कर 587 मजदूर और मौदहा में 49 कार्यों के लिए 304 मस्टर रोल में 2651 मजदूर दर्ज किए गए। इसी तरह मुस्करा में 21 कार्यों पर 84 मस्टर रोल में 706 मजदूर, राठ में 32 कार्यों पर 174 मस्टर रोल में 1411, सरीला में 44 कार्यों पर 171 मस्टर रोल में 1089 और सुमेरपुर में 17 कार्यों पर 82 मस्टर रोल में 673 मजदूरों की हाजिरी दर्ज है। अगर इन मजदूरों की मजदूरी देखी जाए तो वह 30,43,500 बनती है।
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शुक्रवार को जिले में लगातार बारिश का असर साफ दिखाई दिया। खेतों और कच्चे रास्तों के साथ मिट्टी खोदने, भराई और अन्य श्रम आधारित कार्यों वाले स्थानों पर भी पानी और कीचड़ की स्थिति रही। कई जगह बारिश के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल रहा। ऐसे में योजना के तहत हजारों मजदूरों की हाजिरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मौदहा के बीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि जरूरी नहीं कि 25 तारीख को हर जगह बारिश हुई हो। जहां काम हो रहे हैं हो सकता है वहां बारिश न हुई हो। यदि ऐसा है तो एमआर जीरो करा दिए जाएंगे।
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पोर्टल की हाजिरी और मौके की तस्वीर पर सवाल
मनरेगा कार्यों में एनएमएमएस एप के माध्यम से दर्ज हाजिरी को योजना की निगरानी का अहम आधार माना जाता है। ऐसे में सवाल यह है कि बारिश के दौरान जिन 261 कार्यों पर 10,145 मजदूरों की हाजिरी दर्ज हुई, उनमें वास्तव में कितने मजदूर मौके पर पहुंचे और कितने कार्यस्थलों पर काम हुआ। यदि पोर्टल पर दर्ज मस्टर रोल और कार्यस्थलों का मौके पर सत्यापन कराया जाए तो तस्वीर साफ हो सकती है। खासकर ऐसे कार्यस्थलों की जांच जरूरी है जहां मिट्टी खोदने और भराई जैसे काम बारिश के कारण प्रभावित हुए।
जांच हो तो सामने आएगी हकीकत
बारिश के दिन दर्ज मस्टर रोल का मौके पर सत्यापन, एनएमएमएस एप पर दर्ज हाजिरी का मिलान और संबंधित कार्यस्थलों की जांच कराई जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक वास्तव में कितना काम हुआ। बारिश के बीच इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने से योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बारिश शुरू होने के पहले उपस्थिति दर्ज हुई होगी। बारिश में काम कैसे हो पाएगा। आवास और पौधरोपण में भी जॉबकार्ड धारकों से काम लिया गया है। अगर एक दिन में 10 हजार से अधिक श्रमिकों की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज की गई है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। - राघवेंद्र सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार हमीरपुर

फोटो 27 एचएएमपी 18- वीबी जीरामजी वेबसाइड में ब्लाक वार लगे मजदूरों की संख्या। श्रोत: वीबी जीराम

फोटो 27 एचएएमपी 18- वीबी जीरामजी वेबसाइड में ब्लाक वार लगे मजदूरों की संख्या। श्रोत: वीबी जीराम

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