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Hamirpur News: अंधेरगर्दी... पानी से भरा नाला, 90 मजदूरों ने खोद डाला
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फोटो 12 एचएएमपी 07- कृष राजपूत।
हमीरपुर/गहरौली। ग्रामीण क्षेत्र से पलायन रोकने और रोजगार देने वाली जी रामजी (मनरेगा) योजना में अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सरकारी अभिलेखों में गहराैली ग्राम पंचायत में 535 मजदूरों के काम करने का दावा किया जा रहा है। वहीं मौदहा विकासखंड की ग्राम पंचायत भवानी में 25 अगस्त को बाढ़ के दौरान पानी से भरे नाले में 90 मजदूरों से खोदाई कार्य कराए जाने का विवरण भी दर्ज है।
विकासखंड मुस्कुरा के ग्राम पंचायत गहरौली में खरेला रोड से छविलाल के डेरा तक चकरोड का निर्माण कार्य अभिलेखों में दर्ज है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। वहां न तो मिट्टी की खोदाई का काम मिला और न ही कोई मजदूर काम करता मिला। डीसी मनरेगा राघवेंद्र सिंह ने बताया किसी भी गांव में सौ से अधिक मजदूर नहीं लगे हैं। जी रामजी की वेबसाइट में गहरौली गांव में छह कार्यों के लिए 535 मजदूर कागजों में लगाए गए दिखाए जा रहे हैं।
वहीं मौदहा विकासखंड की ग्राम पंचायत भवानी में भी मनरेगा कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जब 25 अगस्त को गांव बाढ़ के पानी से घिरा था और नदी-नाले उफान पर थे, उस दौरान पानी से भरे नाले में 90 मजदूरों से खोदाई कार्य कराया जाना कागजों में दर्शाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का उद्देश्य गांव में ही रोजगार देकर ग्रामीणों का पलायन रोकना है लेकिन यदि काम सिर्फ सरकारी अभिलेखों में हो रहा है। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराकर अभिलेखों में दर्ज कार्य और मौके की स्थिति का सत्यापन कराने की मांग की है। वहीं एपीओ माैदहा रुद्र प्रताप ने बताया कि योजना के तहत मौदहा ब्लॉक में कोई काम नहीं हो रहा है जबकि ब्लॉक क्षेत्र में जी रामजी योजना में 2049 मजदूर कागजों में काम करते दिखाए गए हैं।
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छह माह से खोदाई का काम नहीं
गहराैली के कृष राजपूत ने बताया कि चकरोड गांव से छविलाल के डेरा तक जाता है। यहां पिछले छह माह से मिट्टी खोदाई का कोई काम नहीं हुआ है जबकि कागजों में लगातार काम होना दर्शाया जा रहा है।
योजना में किया जा रहा फर्जीवाड़ा
गहरौली निवासी मुक्की विश्वकर्मा ने बताया कि खरेला रोड से उनके खेतों से होते हुए छविलाल के डेरे तक जाने वाले चकरोड पर पिछले करीब एक वर्ष से कोई काम नहीं हुआ है। फर्जीवाड़ा हो रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। दो दिन अवकाश के कारण अब सोमवार को इसकी जांच कराई जाएगी। जांच एडीओ पंचायत करेंगे। -राजीव कुमार सिंह, बीडीओ मुस्कुरा
गहरौली में नौ सितंबर को छह कार्यों में लगे 535 मजदूर
-खरेला रोड से छविलाल के डेरा तक चकरोड निर्माण कार्य में 224 मजदूर लगे।
-पक्की सड़क से शंकर साहू के घर तक संपर्क मार्ग में 100 मजदूर दिखाए गए।
-सोलिंग रोड में सुघर सिंह के घर तक कच्चे संपर्क मार्ग में 50 मजदूर दिखाए गए।
-रामविशाल के खेत से सुलतान के खेत तक 49 मजदूर लगे हुए दिखाए गए।
-सीसी रोड से धरम मास्टर के खेत तक कार्य में 38 मजदूर लगे हुए दिखाए गए।
-बरांय रोड से तालाब तक कच्चा संपर्क मार्ग के काम में 64 मजदूर दिखाए गए।
गहरौली पंचायत में कार्य करते दिखाए मजदूर
तारीख संख्या
5 सितंबर 311 मजदूर
6 सितंबर 305 मजदूर
7 सितंबर 311 मजदूर
8 सितंबर 533 मजदूर
9 सितंबर 535 मजदूर
10 सितंबर 327 मजदूर
11 सितंबर 381 मजदूर
12 सितंबर 291 मजदूर
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विकासखंड मुस्कुरा के ग्राम पंचायत गहरौली में खरेला रोड से छविलाल के डेरा तक चकरोड का निर्माण कार्य अभिलेखों में दर्ज है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। वहां न तो मिट्टी की खोदाई का काम मिला और न ही कोई मजदूर काम करता मिला। डीसी मनरेगा राघवेंद्र सिंह ने बताया किसी भी गांव में सौ से अधिक मजदूर नहीं लगे हैं। जी रामजी की वेबसाइट में गहरौली गांव में छह कार्यों के लिए 535 मजदूर कागजों में लगाए गए दिखाए जा रहे हैं।
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वहीं मौदहा विकासखंड की ग्राम पंचायत भवानी में भी मनरेगा कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जब 25 अगस्त को गांव बाढ़ के पानी से घिरा था और नदी-नाले उफान पर थे, उस दौरान पानी से भरे नाले में 90 मजदूरों से खोदाई कार्य कराया जाना कागजों में दर्शाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का उद्देश्य गांव में ही रोजगार देकर ग्रामीणों का पलायन रोकना है लेकिन यदि काम सिर्फ सरकारी अभिलेखों में हो रहा है। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराकर अभिलेखों में दर्ज कार्य और मौके की स्थिति का सत्यापन कराने की मांग की है। वहीं एपीओ माैदहा रुद्र प्रताप ने बताया कि योजना के तहत मौदहा ब्लॉक में कोई काम नहीं हो रहा है जबकि ब्लॉक क्षेत्र में जी रामजी योजना में 2049 मजदूर कागजों में काम करते दिखाए गए हैं।
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छह माह से खोदाई का काम नहीं
गहराैली के कृष राजपूत ने बताया कि चकरोड गांव से छविलाल के डेरा तक जाता है। यहां पिछले छह माह से मिट्टी खोदाई का कोई काम नहीं हुआ है जबकि कागजों में लगातार काम होना दर्शाया जा रहा है।
योजना में किया जा रहा फर्जीवाड़ा
गहरौली निवासी मुक्की विश्वकर्मा ने बताया कि खरेला रोड से उनके खेतों से होते हुए छविलाल के डेरे तक जाने वाले चकरोड पर पिछले करीब एक वर्ष से कोई काम नहीं हुआ है। फर्जीवाड़ा हो रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। दो दिन अवकाश के कारण अब सोमवार को इसकी जांच कराई जाएगी। जांच एडीओ पंचायत करेंगे। -राजीव कुमार सिंह, बीडीओ मुस्कुरा
गहरौली में नौ सितंबर को छह कार्यों में लगे 535 मजदूर
-खरेला रोड से छविलाल के डेरा तक चकरोड निर्माण कार्य में 224 मजदूर लगे।
-पक्की सड़क से शंकर साहू के घर तक संपर्क मार्ग में 100 मजदूर दिखाए गए।
-सोलिंग रोड में सुघर सिंह के घर तक कच्चे संपर्क मार्ग में 50 मजदूर दिखाए गए।
-रामविशाल के खेत से सुलतान के खेत तक 49 मजदूर लगे हुए दिखाए गए।
-सीसी रोड से धरम मास्टर के खेत तक कार्य में 38 मजदूर लगे हुए दिखाए गए।
-बरांय रोड से तालाब तक कच्चा संपर्क मार्ग के काम में 64 मजदूर दिखाए गए।
गहरौली पंचायत में कार्य करते दिखाए मजदूर
तारीख संख्या
5 सितंबर 311 मजदूर
6 सितंबर 305 मजदूर
7 सितंबर 311 मजदूर
8 सितंबर 533 मजदूर
9 सितंबर 535 मजदूर
10 सितंबर 327 मजदूर
11 सितंबर 381 मजदूर
12 सितंबर 291 मजदूर

फोटो 12 एचएएमपी 07- कृष राजपूत।