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Hamirpur News: लर्निंग लैब के रूप में विकसित हो रहे सात आंगनबाड़ी केंद्र
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हमीरपुर। जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक आंगनबाड़ी केंद्रों को लर्निंग लैब के रूप में विकसित किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। 18 पैरामीटरों पर कार्य कराकर इन्हें माॅडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जा रहा है। दो अक्तूबर को मुख्यमंत्री लोकार्पण करेंगे।
जिले में कुल 1500 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। 188 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं। 84 केंद्रों को मरम्मत की दरकार है। सभी केंद्रों पर कुल 1,14,195 नौनिहाल पंजीकृत हैं। अब इन आंगनबाड़ी केंद्रों को माॅडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने के लिए प्रथम चरण में हर ब्लॉक से एक-एक केंद्र का चयन किया गया है। इस तरह कुल सात केंद्रों का चयन किया गया है। जिन पर स्वच्छ पेयजल, ओवरहेड टैंक के साथ नल जल आपूर्ति, शौचालयों में टाइलीकरण, केंद्र के फर्श का टाइलीकरण, कक्षा ब्लैक बोर्ड के अलावा दिव्यांग मैत्रिक ग्रीन बोर्ड, केंद्र की रंगाई पुताई व चित्रकारी, दिव्यांग बच्चों के लिए रैँंप, विद्युत संयोजन व आपूर्ति एवं पंखे, विद्युतीकरण, फर्नीचर, गेट के साथ बाउंड्रीवाल, रसोई में सिंक के साथ नल जल की व्यवस्था आदि कार्य किए जाने हैं।
सुमेरपुर क्षेत्र के टिकरौली देवलार केंद्र, मुस्करा का बिवांर, सरीला के खेड़शिलाजीत, राठ का कुर्रा, गोहांड का अमगांव, मौदहा का नरायच व कुरारा का रिठारी आंगनबाड़ी केंद्र का चयन किया गया है।
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जिले के प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र को माॅडल केंद्र बनाए जाने के लिए चयन किया गया है। जिन्हें लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिनमें 18 पैरामीटर पर काम कराया जा रहा है। दो अक्तूबर को मुख्यमंत्री की ओर से इन केंद्रों का लोकार्पण किया जाना है।
- शैलेंद्र सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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जिले में कुल 1500 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। 188 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं। 84 केंद्रों को मरम्मत की दरकार है। सभी केंद्रों पर कुल 1,14,195 नौनिहाल पंजीकृत हैं। अब इन आंगनबाड़ी केंद्रों को माॅडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने के लिए प्रथम चरण में हर ब्लॉक से एक-एक केंद्र का चयन किया गया है। इस तरह कुल सात केंद्रों का चयन किया गया है। जिन पर स्वच्छ पेयजल, ओवरहेड टैंक के साथ नल जल आपूर्ति, शौचालयों में टाइलीकरण, केंद्र के फर्श का टाइलीकरण, कक्षा ब्लैक बोर्ड के अलावा दिव्यांग मैत्रिक ग्रीन बोर्ड, केंद्र की रंगाई पुताई व चित्रकारी, दिव्यांग बच्चों के लिए रैँंप, विद्युत संयोजन व आपूर्ति एवं पंखे, विद्युतीकरण, फर्नीचर, गेट के साथ बाउंड्रीवाल, रसोई में सिंक के साथ नल जल की व्यवस्था आदि कार्य किए जाने हैं।
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सुमेरपुर क्षेत्र के टिकरौली देवलार केंद्र, मुस्करा का बिवांर, सरीला के खेड़शिलाजीत, राठ का कुर्रा, गोहांड का अमगांव, मौदहा का नरायच व कुरारा का रिठारी आंगनबाड़ी केंद्र का चयन किया गया है।
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जिले के प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र को माॅडल केंद्र बनाए जाने के लिए चयन किया गया है। जिन्हें लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिनमें 18 पैरामीटर पर काम कराया जा रहा है। दो अक्तूबर को मुख्यमंत्री की ओर से इन केंद्रों का लोकार्पण किया जाना है।
- शैलेंद्र सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी।