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Hamirpur News: बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर
Sat, 21 Sep 2024 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 21 Sep 2024 12:28 AM IST
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मौदहा/गहरौली (हमीरपुर)। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद नदी और नालों में उफान आ गई। गांव के संपर्क मार्गों पर बने रपटा पुलों से कई फीट ऊपर पानी बहने से गई गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया।
करीब 12 गांवों के संपर्क मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहे। वहीं खरीफ फसलों का भी काफी नुकसान हुआ है। सिसोलर मार्ग के पढोरी गांव स्थित रपटा पुल में तीन मीटर ऊपर पानी बहने से शुक्रवार को भी यह मार्ग ठप रहा।
इससे मार्ग से 12 से अधिक गांव के लोग आवागमन करते हैं। स्कूलों के अध्यापक भी 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
सबसे खराब स्थिति हिमौली गांव की है। यहां पंचायत भवन और राशन वितरण के लिए बनाए गए नए भवनों तक पानी घुसा है। यहां के सभी स्कूल तीन दिन से बंद पड़े हैं। एक भी अध्यापक और कर्मी गांव नहीं पहुंच पा रहे हैं। गांव के निकट से सीहोर नदी निकली है। इसमें तीन स्थानों पर रपटा पुल बने हैं।
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इनमें रतौली, हिमौली के बीच लदार व पारा के बीच रपटा पुल के ऊपर पानी भरा है। इन गांवों में स्वास्थ्य व शिक्षा दोनों प्रभावित हैं। हिमौली प्रधान सुनील यादव ने बताया कि गांव में रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने व पानी से गांव घिर जाने के चलते अध्यापक नहीं आ पा रहे हैं।
स्कूल तीन दिन से बंद चल रहा है। वहीं गुरदहा गांव के श्याम नाले पर अधिक पानी आने से तीसरे दिन भी यहां के रपटा पुल से आवागमन ठप रहा। एसडीएम राजेश चंद्रा ने बताया कि रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने पर रास्ते तो बंद है, लेकिन वैकल्पिक रास्ते उनके लिए खुले हुए हैं। कहा कि एक दो दिनों में स्थित सामान्य हो जाएगी।
मुस्करा क्षेत्र के गहरौली गांव निवासी किसान भोजराज, सुनील कुमार, बृज गोपाल पांचाल ने बताया कि उनकी 20 बीघा की उड़द फसल भारी बारिश से खराब हो गई। हुकम सिंह राजपूत, नीलू द्विवेदी, रामाश्रय , विमल ने बताया कि 70 बीघे तिल की फसल नष्ट हो गई है।
बताया कि गहरौली से बरांय जाने वाली सड़क में पड़ने वाले नाले में तीसरे दिन भी तीन फीट पानी बह रहा है। इससे आवागमन पूरी तरह से बंद रहा। बरांय गांव के बच्चे विद्यालय पढ़ने नहीं आ सके। साप्ताहिक बाजार में भी सब्जी मंडी में सन्नाटा पसरा रहा।
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करीब 12 गांवों के संपर्क मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहे। वहीं खरीफ फसलों का भी काफी नुकसान हुआ है। सिसोलर मार्ग के पढोरी गांव स्थित रपटा पुल में तीन मीटर ऊपर पानी बहने से शुक्रवार को भी यह मार्ग ठप रहा।
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इससे मार्ग से 12 से अधिक गांव के लोग आवागमन करते हैं। स्कूलों के अध्यापक भी 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
सबसे खराब स्थिति हिमौली गांव की है। यहां पंचायत भवन और राशन वितरण के लिए बनाए गए नए भवनों तक पानी घुसा है। यहां के सभी स्कूल तीन दिन से बंद पड़े हैं। एक भी अध्यापक और कर्मी गांव नहीं पहुंच पा रहे हैं। गांव के निकट से सीहोर नदी निकली है। इसमें तीन स्थानों पर रपटा पुल बने हैं।
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इनमें रतौली, हिमौली के बीच लदार व पारा के बीच रपटा पुल के ऊपर पानी भरा है। इन गांवों में स्वास्थ्य व शिक्षा दोनों प्रभावित हैं। हिमौली प्रधान सुनील यादव ने बताया कि गांव में रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने व पानी से गांव घिर जाने के चलते अध्यापक नहीं आ पा रहे हैं।
स्कूल तीन दिन से बंद चल रहा है। वहीं गुरदहा गांव के श्याम नाले पर अधिक पानी आने से तीसरे दिन भी यहां के रपटा पुल से आवागमन ठप रहा। एसडीएम राजेश चंद्रा ने बताया कि रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने पर रास्ते तो बंद है, लेकिन वैकल्पिक रास्ते उनके लिए खुले हुए हैं। कहा कि एक दो दिनों में स्थित सामान्य हो जाएगी।
मुस्करा क्षेत्र के गहरौली गांव निवासी किसान भोजराज, सुनील कुमार, बृज गोपाल पांचाल ने बताया कि उनकी 20 बीघा की उड़द फसल भारी बारिश से खराब हो गई। हुकम सिंह राजपूत, नीलू द्विवेदी, रामाश्रय , विमल ने बताया कि 70 बीघे तिल की फसल नष्ट हो गई है।
बताया कि गहरौली से बरांय जाने वाली सड़क में पड़ने वाले नाले में तीसरे दिन भी तीन फीट पानी बह रहा है। इससे आवागमन पूरी तरह से बंद रहा। बरांय गांव के बच्चे विद्यालय पढ़ने नहीं आ सके। साप्ताहिक बाजार में भी सब्जी मंडी में सन्नाटा पसरा रहा।