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Hamirpur News: 282.49 लाख की लागत से बनेगा रपटा, मिली हरी झंडी

Fri, 01 Mar 2024 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:30 PM IST
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Rapta will be built at a cost of Rs 282.49 lakh, green signal received
मौदहा। क्षेत्र के टोला गांव में 100 मीटर रपटा पुल बनाए जाने की हरी झंडी शासन ने दे दी है। 282.49 लाख की लागत से स्वीकृत रपटा का शुक्रवार को सदर विधायक ने निरीक्षण किया। कहा कि जल्द ही क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। किसवाही गांव में रपटा निर्माण के लिए शुक्रवार को उपजिलाधिकारी राजेश चंद्र व क्षेत्राधिकार श्रेयश त्रिपाठी ने बैठक की।
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तहसील के गांव किसवाही, परेहटा, गढ़ा, बैजेमऊ आजादी के 75 साल बाद भी सड़क व परिवाहन सेवा से वंचित हैं। बारिश में यहां के बाशिंदे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो जाते हैं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी अन्य सेवाएं बाधित हो जाती हैं। एक ओर सीमावर्ती जनपद बांदा सीमा में केन नदी तो दूसरी ओर चंद्रावल नदी होने से तीन गांव का आवागमन प्रभावित रहता है, जिसमें किसवाही व परेहटा मुख्य हैं।
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किसवाही में पुल की मांग वर्षों पुरानी है। जब भी चुनाव आते हैं, तो यहां के लोग पुल नहीं तो वोट नहीं की मांग उठाते हैं। सरकारी आश्वासन मिलता है और चुनाव होने के बाद जनप्रतिनिधि गांव जाना छोड़ देते हैं। सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए किसवाही में पुल बनाए जाने की मांग सदन में उठाई। बताया कि उनके दो लक्ष्य थे। किसवाही गांव में पुल और परेहटा में चंद्रावल नदी पर रपटा का निर्माण। कहा कि दोनों गांव के ग्रामीणों की परेशानी दूर करना ही उनका लक्ष्य था। उन्होंने पुल की मांग की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से रपटा स्वीकृत हो गया, जिसका शीघ्र निर्माण कराया जाएगा।
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किसवाही गांव निवासी जगभान का कहना है कि उनके पुरखे कैसे रहते थे। उन्हें अब इसका एहसास होता है। कितने लोग स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में दम तोड़ चुके हैं। कहा कि उन्हें खुशी है कि सदर विधायक ने उनकी समस्याओं का ध्यान दिया।

गांव निवासी राजकरण ने कहा कि समय रहते मांग पूरी होने से प्रसन्नता है। इस बीहड़ी गांव में लोग नारकीय जीवन जीते थे, लेकिन अब समय को देखते हुए आवश्यकताएं बढ़ीं, सेवाएं बढ़ीं हैं। कहा कि सड़क व पुल न होने से सब कुछ अधूरा था। बीमार हो जाए तो डॉक्टर नहीं, घटना हो जाए तो पुलिस नहीं आ पाती।
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