{"_id":"6ad67165e76ade079309532e","slug":"railway-underpasses-have-become-a-persistent-nuisance-water-remains-even-after-20-days-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-146604-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: रेलवे अंडरपास बने नासूर, 20 दिन बाद भी नहीं निकला पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: रेलवे अंडरपास बने नासूर, 20 दिन बाद भी नहीं निकला पानी
विज्ञापन
फोटो 19 एचएएमपी 10- विजय शंकर। स्वयं
- फोटो : Archive
मौदहा (हमीरपुर)। बांदा-कानपुर रेलवे रूट पर इचौली, पढ़ोरी, अरतरा और करहिया में बने अंडरपास ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गए हैं। बारिश थमने के 20 दिन बाद भी अंडरपासों से पानी नहीं निकला है। जलभराव से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित है। इचौली और पढ़ोरी में छात्रों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। रास्ता बंद होने पर कुछ छात्र जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं।
इचौली अंडरपास से प्रतिदिन 500 से अधिक वाहन और करीब 500 पैदल राहगीर गुजरते हैं। वहीं पढ़ोरी अंडरपास से लगभग 300, अरतरा से 200 और करहिया से 100 से अधिक वाहन रोजाना निकलते हैं। चारों अंडरपास में पानी भरा होने से ग्रामीण, किसान, दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर परेशान हैं। पानी की गहराई का अंदाजा न लगने से हादसों का खतरा बना हुआ है। बारिश थमने के बाद भी जलभराव बना रहना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पानी निकालने के लिए पंपिंग या स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से जलभराव दूर कराने के साथ ही समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है।
स्कूल पहुंचने के लिए ट्रैक पार कर रहे विद्यार्थी
इचौली इंटर कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी समस्या है। अंडरपास में पानी भरा होने से उन्हें भीगकर रास्ता पार करना पड़ता है। उनकी यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। पानी में गिरने का खतरा बना रहता है। समय से स्कूल पहुंचने की मजबूरी में कुछ विद्यार्थी रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठा रहे हैं। पढ़ोरी क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। रेलवे ट्रैक पार करते समय जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। इसके बावजूद सुरक्षित आवागमन का विकल्प उपलब्ध नहीं होना चिंता का विषय है।
विज्ञापन
जल्द हो जलनिकासी का इंतजाम
इचौली गांव के राजाराम ने बताया कि अंडरपास में लंबे समय से पानी भरा होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे पानी से होकर निकलते हैं तो कुछ रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं। रेलवे प्रशासन को जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कर समस्या दूर करनी चाहिए।
हादसे का बना हुआ है खतरा
सिसोलर निवासी विजय शंकर ने बताया कि पढ़ोरी समेत अन्य अंडरपास में जलभराव से ग्रामीणों का रोजाना का आवागमन प्रभावित हो रहा है। किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश बंद हाेने के बाद भी पानी नहीं निकलना गंभीर समस्या है। रेलवे की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
अंडरपास में जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए पंपिग सेट से पानी निकाला जा रहा है। जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी। अंडरपास से लोगों को निकलने में समस्या न हो इसके लिए जलनिकासी की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। -मनोज सिंह, रेलवे जनसंपर्क अधिकारी
विज्ञापन
इचौली अंडरपास से प्रतिदिन 500 से अधिक वाहन और करीब 500 पैदल राहगीर गुजरते हैं। वहीं पढ़ोरी अंडरपास से लगभग 300, अरतरा से 200 और करहिया से 100 से अधिक वाहन रोजाना निकलते हैं। चारों अंडरपास में पानी भरा होने से ग्रामीण, किसान, दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर परेशान हैं। पानी की गहराई का अंदाजा न लगने से हादसों का खतरा बना हुआ है। बारिश थमने के बाद भी जलभराव बना रहना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पानी निकालने के लिए पंपिंग या स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से जलभराव दूर कराने के साथ ही समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
स्कूल पहुंचने के लिए ट्रैक पार कर रहे विद्यार्थी
इचौली इंटर कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी समस्या है। अंडरपास में पानी भरा होने से उन्हें भीगकर रास्ता पार करना पड़ता है। उनकी यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। पानी में गिरने का खतरा बना रहता है। समय से स्कूल पहुंचने की मजबूरी में कुछ विद्यार्थी रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठा रहे हैं। पढ़ोरी क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। रेलवे ट्रैक पार करते समय जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। इसके बावजूद सुरक्षित आवागमन का विकल्प उपलब्ध नहीं होना चिंता का विषय है।
विज्ञापन
जल्द हो जलनिकासी का इंतजाम
इचौली गांव के राजाराम ने बताया कि अंडरपास में लंबे समय से पानी भरा होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे पानी से होकर निकलते हैं तो कुछ रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं। रेलवे प्रशासन को जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कर समस्या दूर करनी चाहिए।
हादसे का बना हुआ है खतरा
सिसोलर निवासी विजय शंकर ने बताया कि पढ़ोरी समेत अन्य अंडरपास में जलभराव से ग्रामीणों का रोजाना का आवागमन प्रभावित हो रहा है। किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश बंद हाेने के बाद भी पानी नहीं निकलना गंभीर समस्या है। रेलवे की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
अंडरपास में जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए पंपिग सेट से पानी निकाला जा रहा है। जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी। अंडरपास से लोगों को निकलने में समस्या न हो इसके लिए जलनिकासी की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। -मनोज सिंह, रेलवे जनसंपर्क अधिकारी

फोटो 19 एचएएमपी 10- विजय शंकर। स्वयं- फोटो : Archive

फोटो 19 एचएएमपी 10- विजय शंकर। स्वयं- फोटो : Archive