फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Prematurely released murder convict sent to jail again

Hamirpur News: समय से पूर्व रिहा हत्याकांड के दोषी को फिर जेल

Thu, 25 Jul 2024 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Thu, 25 Jul 2024 12:17 AM IST
विज्ञापन
Prematurely released murder convict sent to jail again
हमीरपुर। समय पूर्व रिहा किए गए सामूहिक हत्याकांड के दोषी को अदालत ने फिर जेल भेजा है। बीते 19 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के आदेश पर समय से पूर्व रिहाई के आदेश दिए थे।
विज्ञापन

वादी पक्ष के अनुसार पुनरीक्षण प्रार्थना पत्र के आधार पर अदालत ने पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया है। वहीं दोषी के अधिवक्ता के अनुसार आदेश की कॉपी मिलने पर उच्च न्यायालय जाएंगे।
विज्ञापन

शहर के सुभाष बाजार में 26 जनवरी 1997 की शाम हुए गोलीकांड में पांच लोगों राकेश शुक्ला, उनके भाई राजेश शुक्ला, बेटे अंबुज उर्फ गुड्डा, निजी सुरक्षाकर्मी वेदनायक व श्रीकांत पांडे की मौत हो गई थी। मृतक राकेश शुक्ला के भाई राजीव शुक्ला ने मामले में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल सहित 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसमें खालेपुरा मोहल्ला निवासी अशोक चंदेल का चालक रुक्कू भी शामिल रहा। उसने वर्ष 2003 में कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद सत्र न्यायाधीश ने 12 अप्रैल 2017 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। 30 नवंबर 2019 को प्रशासनिक आधार पर रुक्कू को केंद्रीय कारागार बरेली भेजा गया।
यहां के वरिष्ठ अधीक्षक ने रुक्कू के जेल में 20 वर्ष से अधिक निरुद्ध रहने पर समय से पूर्व रिहाई के आवेदन शासन को भेज दिए थे। आवेदन एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पड़ा रहा। वहीं उसके परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील कर उचित जमानत पर रिहाई की मांग की।
इस पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत को दिशानिर्देश दिया। इसमें कहा कि यदि आजीवन कारावास से दंडित किसी बंदी की समय पूर्व रिहाई की अनुशंसा संबंधित जेल अधीक्षक द्वारा की गई हो और छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी समय पूर्व रिहाई के आवेदन पर कोई निर्णय न लिया गया हो।
ऐसी दशा में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐसे बंदियों को उचित जमानत/ बंधपत्र पर रिहा करेंगे। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका जायसवाल ने 1.50 लाख रुपये का बंधपत्र व इतनी ही धनराशि के दो प्रतिभू दाखिल करने के साथ सशर्त रिहाई के आदेश 19 मार्च 2024 को दिए।

इसके बाद वादी द्वारा मामले में आठ अप्रैल को अंब्रीश बनाम उत्तर प्रदेश सरकार की रूलिंग के तहत इसे गलत बता पुनरीक्षण करने की मांग की गई। इसे तीन जून 2024 को खारिज कर दिया गया। वादी द्वारा जनपद न्यायाधीश के समक्ष रिवीजन डाला। जो लंबित है और इस पर सात अगस्त की डेट लगी है। वहीं वादी राजीव शुक्ला ने बताया कि उनके द्वारा पुन: सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
इस पर सीजेएम ने दोषी रुक्कू को हिरासत में लेकर फिर बुधवार को जेल भेजने का आदेश दिया। साथ ही पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed