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प्रशासन की लापरवाही से तालाब का हुअा यह हाल, गहराया जल संकट
अमर उजाला ब्यूरो/हमीरपुर
Updated Thu, 11 May 2017 01:01 AM IST
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उजनेड़ी गांव का अधूरा खुदा पड़ा तालाब।
- फोटो : अमर उजाला
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बेतहाशा गर्मी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब सूखे पड़े हैं। जिम्मेदार विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे ज्यादातर गांवों में मवेशियों के पेयजल के साथ अन्य उपयोग के लिए पानी का संकट छाया है। जहां पानी पहुंचाना आसान था विभागों ने वह तालाब तो भरवा दिए पर जहां मुश्किल था विभाग ने हाथ खड़े कर दिए।
पुराने समय में बनवाए गए तालाबों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। प्रशासन की लापरवाही से तालाब सूख गए। कई जगहों पर लोगों ने तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया। साथ ही जिन मार्गों से होकर उनमे बरसात का पानी जाता था वह भी अवरुद्ध कर दिए।
जिससे कई तालाब वर्ष भर सूखे पडे़ रहते है। गर्मी आते ही गांवों में पानी का संकट गहराने लगता है। सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के गांवों में कुम्हऊपुर, ललपुरा कलौलीजार, उजनेड़ी सहित कई गांवों में पानी का संकट है। यहां मवेशियों को पानी या तो कुओं व हैंडपंपों से पिलाना पड़ता है। या फिर इसके लिए उन्हें दूर तक अपने मवेशियों को ले जाना पड़ता है।
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चार विभागों को सौंपा तालाब व पोखर भरवाने का जिम्मा
जिले में चार विभागों को 138 तालाब भरवाने का लक्ष्य जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया है। जिसमें नोडल विभाग मौदहा बांध को मौदहा, मुस्करा व सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के कुल 40 तालाबों को भरवाने की जिम्मेदारी दी गई।
जिसके सापेक्ष विभाग 29 तालाब व 81 पोखर भराने का दावा कर रहा है। इसी तरह नलकूप खंड को राठ विकास खंड को छोड़ सभी ब्लॉकों के 73 तालाबों को भराने का काम दिया गया। जिसमें विभाग अब तक 69 तालाब व 351 पोखर भरने की बात कह रहा है। जबकि लघु डाल नहर खंड को कुरारा, सुमेरपुर व मौदहा ब्लॉकों के 20 तालाब भरवाने को दिए गए जिनमें विभाग 19 तालाब व 56 पोखर भरवा चुका है। वहीं सपरार खंड झांसी को दिए गए राठ क्षेत्र के पांच तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक एक भी तालाब नही भरा गया है।
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तालाब सूखने से सूखा मिठऊवा कुआं
सुमेरपुर विकास खंड के उजनेड़ी गांव स्थित पुराना तालाब सूख जाने से जलसंकट हो गया है। तालाब के श्रोत से कुछ दूर स्थित मिठऊवा कुआं भी जुड़ा है। तालाब सूखने के बाद वह भी सूख गया है।
मोहल्लेवासी संतोष ने बताया कि इससे गांव की एक तिहाई आबादी पीने का पानी भरती है। बीते वर्ष तालाब व कुआं सूखने से पेयजल संकट बढ़ने पर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने खासी मेहनत कर तालाब को राजकीय नलकूप से भरवाया था। साथ ही कुएं की भी सफाई कराई गई थी।
तब जाकर लोगाें को पीने का पानी मिल सका था। बाद में हुई बरसात से तालाब लबालब भर गया। वहीं लघु सिचाई द्वारा बीते वर्ष 2016 में इस बड़े तालाब की खुदाई कराने के उद्देश्य से ठेकदार ने इसे पूरा खाली करा दिया गया था। इसके बाद न तो खुदाई की और नही इसे दोबारा भरवाया गया। गांव के मुकेश कुमार ने बताया कि नहर किनारे स्थित देवीजी तालाब को भरवाया गया है। जबकि इस पुराने तालाब की किसी ने सुध नहीं ली।
बोले जिम्मेदार
जो तालाब भरवाने का लक्ष्य दिया गया था। उनमें सभी विभाग काम कर रहे हैं। कुछ दिन में ही लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। जो तालाब दूर है और उनमें पानी ले जाने का कोई समुचित साधन नहीं है। उनमें ग्राम पंचायतों को चाहिए कि वह राजकीय या निजी नलकूपों से पाइपाें के द्वारा पानी भरवाएं।
- अनिल कुमार निरंजन अधिशाषी अभियंता मौदहा बांध।
पुराने समय में बनवाए गए तालाबों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। प्रशासन की लापरवाही से तालाब सूख गए। कई जगहों पर लोगों ने तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया। साथ ही जिन मार्गों से होकर उनमे बरसात का पानी जाता था वह भी अवरुद्ध कर दिए।
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जिससे कई तालाब वर्ष भर सूखे पडे़ रहते है। गर्मी आते ही गांवों में पानी का संकट गहराने लगता है। सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के गांवों में कुम्हऊपुर, ललपुरा कलौलीजार, उजनेड़ी सहित कई गांवों में पानी का संकट है। यहां मवेशियों को पानी या तो कुओं व हैंडपंपों से पिलाना पड़ता है। या फिर इसके लिए उन्हें दूर तक अपने मवेशियों को ले जाना पड़ता है।
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चार विभागों को सौंपा तालाब व पोखर भरवाने का जिम्मा
जिले में चार विभागों को 138 तालाब भरवाने का लक्ष्य जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया है। जिसमें नोडल विभाग मौदहा बांध को मौदहा, मुस्करा व सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के कुल 40 तालाबों को भरवाने की जिम्मेदारी दी गई।
जिसके सापेक्ष विभाग 29 तालाब व 81 पोखर भराने का दावा कर रहा है। इसी तरह नलकूप खंड को राठ विकास खंड को छोड़ सभी ब्लॉकों के 73 तालाबों को भराने का काम दिया गया। जिसमें विभाग अब तक 69 तालाब व 351 पोखर भरने की बात कह रहा है। जबकि लघु डाल नहर खंड को कुरारा, सुमेरपुर व मौदहा ब्लॉकों के 20 तालाब भरवाने को दिए गए जिनमें विभाग 19 तालाब व 56 पोखर भरवा चुका है। वहीं सपरार खंड झांसी को दिए गए राठ क्षेत्र के पांच तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक एक भी तालाब नही भरा गया है।
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तालाब सूखने से सूखा मिठऊवा कुआं
सुमेरपुर विकास खंड के उजनेड़ी गांव स्थित पुराना तालाब सूख जाने से जलसंकट हो गया है। तालाब के श्रोत से कुछ दूर स्थित मिठऊवा कुआं भी जुड़ा है। तालाब सूखने के बाद वह भी सूख गया है।
मोहल्लेवासी संतोष ने बताया कि इससे गांव की एक तिहाई आबादी पीने का पानी भरती है। बीते वर्ष तालाब व कुआं सूखने से पेयजल संकट बढ़ने पर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने खासी मेहनत कर तालाब को राजकीय नलकूप से भरवाया था। साथ ही कुएं की भी सफाई कराई गई थी।
तब जाकर लोगाें को पीने का पानी मिल सका था। बाद में हुई बरसात से तालाब लबालब भर गया। वहीं लघु सिचाई द्वारा बीते वर्ष 2016 में इस बड़े तालाब की खुदाई कराने के उद्देश्य से ठेकदार ने इसे पूरा खाली करा दिया गया था। इसके बाद न तो खुदाई की और नही इसे दोबारा भरवाया गया। गांव के मुकेश कुमार ने बताया कि नहर किनारे स्थित देवीजी तालाब को भरवाया गया है। जबकि इस पुराने तालाब की किसी ने सुध नहीं ली।
बोले जिम्मेदार
जो तालाब भरवाने का लक्ष्य दिया गया था। उनमें सभी विभाग काम कर रहे हैं। कुछ दिन में ही लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। जो तालाब दूर है और उनमें पानी ले जाने का कोई समुचित साधन नहीं है। उनमें ग्राम पंचायतों को चाहिए कि वह राजकीय या निजी नलकूपों से पाइपाें के द्वारा पानी भरवाएं।
- अनिल कुमार निरंजन अधिशाषी अभियंता मौदहा बांध।