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आवास व शौचालयों में मिलीं गड़बड़ियां
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पत्योरा गांव में ग्रामीणों से जांच करते भूमि संरक्षण अधिकारी भीमसेन व टीम
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। ग्रामीणों की शिकायत पर पत्योरा गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच करने भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम पहुंचे। शनिवार को तीन सदस्यीय टीम ने गांव में मामलों की जांच की। विकासखंड स्तर से आवास व शौचालय की सूची में गड़बड़ी किए जाने की बात जांच अधिकारी ने कही है।
विकासखंड सुमेरपुर के ग्राम पंचायत पत्योरा के प्रधान रामप्यारी यादव पर विकास कार्यों में धांधली किए जाने शिकायत रामकुमार सिंह, शिवशंकर, सुनील कुमार, छेदालाल, भिख्खू, कलावती, रामप्रसाद, कामता ने 24 जून को डीएम से की थी। जिसमें वर्ष 2001 से 2005 तक 2006 से 2010 तक कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए।
शनिवार को तकनीकी टीम ने खुली बैठक कर आवास लाभार्थियों के नाम उजागर किए। जिसमें 43 लाभार्थियों के नाम सूची में मिले, लेकिन उनको आवास नहीं मिले। वहीं 405 शौचालयों में 200 से अधिक शौचालयों में गबन का मामला प्रकाश में आया। इस मामले में प्रधान के पति विजय कुमार यादव ने आवासों की सूची फर्जी होने की बात कही।
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जांच अधिकारी भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम भीमसेन ने कहा 137 आवासों की सत्यापित सूची के अनुसार करीब 43 लाभार्थियों को आवास नहीं मिले हैं। वहीं शौचालयों में गड़बड़ी पाई गई है। कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने की संभावना है। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच कराने की संस्तुति करेंगे।
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विकासखंड सुमेरपुर के ग्राम पंचायत पत्योरा के प्रधान रामप्यारी यादव पर विकास कार्यों में धांधली किए जाने शिकायत रामकुमार सिंह, शिवशंकर, सुनील कुमार, छेदालाल, भिख्खू, कलावती, रामप्रसाद, कामता ने 24 जून को डीएम से की थी। जिसमें वर्ष 2001 से 2005 तक 2006 से 2010 तक कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए।
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शनिवार को तकनीकी टीम ने खुली बैठक कर आवास लाभार्थियों के नाम उजागर किए। जिसमें 43 लाभार्थियों के नाम सूची में मिले, लेकिन उनको आवास नहीं मिले। वहीं 405 शौचालयों में 200 से अधिक शौचालयों में गबन का मामला प्रकाश में आया। इस मामले में प्रधान के पति विजय कुमार यादव ने आवासों की सूची फर्जी होने की बात कही।
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जांच अधिकारी भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम भीमसेन ने कहा 137 आवासों की सत्यापित सूची के अनुसार करीब 43 लाभार्थियों को आवास नहीं मिले हैं। वहीं शौचालयों में गड़बड़ी पाई गई है। कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने की संभावना है। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच कराने की संस्तुति करेंगे।