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Hamirpur News: अफसरों ने नहीं दिया ध्यान...हाईटेंशन लाइनों से लोग गंवा रहे जान

Thu, 06 Mar 2025 11:25 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 11:25 PM IST
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Officials did not pay attention...people are losing their lives due to high tension lines
हमीरपुर/राठ/पौथिया/गहरौली। जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने के लिए 81 करोड़ से अधिक लागत की रीवैंप योजना का काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अभी भी खुले में रखे ट्रांसफार्मर, जर्जर लटकते तार, टूटे व जर्जर खंबे, घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें हादसों काे दावत दे रहे हैं। बीते दो साल में 38 हादसों में 12 लोगों ने जान गंवाई है। इनमें महज चार लोगों को ही क्षतिपूर्ति दी गई है। घरों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइनों को लेकर बिजली विभाग के अफसरों ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। इससे लोग हादसों का शिकार होकर जान गंवा रहे हैं।
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शहर सहित सुमेरपुर, मौदहा, मुस्करा, कुरारा, गोहांड, राठ, सरीला जैसे इलाकों में अक्सर जर्जर तार टूटते रहते हैं। घरों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइनों के झूलते व लटकते तारों से हादसों की आशंका बनी रहती है। बिजली वितरण व्यवस्था की बदहाली को देखते हुए 81.15 करोड़ की रीवैंप योजना के तहत कार्य कराए गए हैं। योजना के तहत जिले में पांच नए फीडरों का निर्माण, 800 किमी पुरानी लाइनों को बदलना, 18248 नए पोल, 19 नए ट्रांसफार्मर, ओवरलोड 18 फीडरों की 250 किमी लाइनों का बदला जाने सहित 100 किमी लाइनों में कार्य कराए जाने का दावा है। इसके बाद भी हादसे नहीं रुक रहे हैं। विभाग का दावा है कि वर्ष 2023-24 में कुल 24 हादसे हुए हैं। इनमें सात लोगों की मौत हो गई थी। विभाग ने मात्र तीन लोगों को ही क्षतिपूर्ति के रूप में पांच-पांच लाख का भुगतान किया है। वहीं वर्ष 24-25 में 14 हादसे हुए। इनमें पांच लोगों ने जान गंवाई। इसमें एक को ही क्षतिपूर्ति दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
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21 वर्ष पूर्व बिछी लाइन नहीं बदली
सुमेरपुर क्षेत्र के शिकरी व ललपुरा गांव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत करीब 21 वर्ष पूर्व हाईटेंशन लाइन बिछाई गई थी। गांव में बिजली तारों का मकड़जाल बिछा हुआ है। जयसिंह ने बताया कि एक टांसफार्मर से 30 घरों के कनेक्शन हैं। पूरे गांव में करीब 135 कनेक्शन हैं। जर्जर तार जाल के नीचे लटक रहे हैं। प्रधान प्रतिनिधि संजय पाल ने बताया कि रामलीला मैदान के पास एक बिजली पोल टूट गया था, हादसे में लोग बच गए थे। ललपुरा गांव में हाईटेंशन लाइन के जर्जर तार झूल रहे हैं।
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विद्यालयों के ऊपर भी मंडरा रहा खतरा
- मुस्करा क्षेत्र के अलरा गांव स्थित इंग्लिश मीडियम प्राथमिक स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन के तार निकले हैं। प्रधानाचार्य कुलदीप चौरसिया ने बताया कि अक्सर तार टूटते रहते हैं। दो साल पहले रविवार के दिन तार टूटा था। संयोग से स्कूल बंद था और इसकी चपेट में आकर एक मवेशी की जान चली गई थी। गहरौली गांव के अंदर पांडे मोहाल की एलटी लाइन भी जर्जर है।

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25 साल से झेल रहे दर्द
-सुमेरपुर क्षेत्र के टिकरौली गांव निवासी हरचरन के घर के ऊपर से 11 हजार केवीए की हाईटेंशन लाइन गुजरी है। बताते हैं कि दो साल पूर्व भाई घर की छवाई कर रहा था। तभी लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। नंगे तारों के नीचे गार्डिंग भी नहीं है। कोई सुनने को तैयार नहीं है।

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घर के अंदर गड़ा पोल
- टिकरौली निवासी दुकानदार भूरा की जमीन पर बिजली पोल गड़ा है। जो सड़क से 20 फीट की दूरी पर है। इसमें कभी भी हादसा हो सकता है। बताते हैं कि कई बार विभाग के आलाधिकारियों से पोल हटाए जाने की मांग कर चुका है। विभाग वाले स्टीमेट का पैसा जमा करने की बात कर रहे हैं। विभाग की ओर से लाइन बदले जाने का ऐसा कोई नियम नहीं है।

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केस- 1

करंट की चपेट में आकर हलवाई की मौत
मंगलवार सुबह घाटमपुर निवासी हलवाई सुमेरपुर कस्बा स्थित पुरषोत्तम नगर में कार्यक्रम के दौरान खाना बनाते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। घायल को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

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केस - 3
घर का निर्माण करते समय राजमिस्त्री की मौत
15 जुलाई 2024 को राठ कोतवाली क्षेत्र के धमना गांव निवासी राजमिस्त्री धर्मसिंह राजपूत (38) विनायक नगर में भवन निर्माण कर रहे थे। वह सरिया उठाकर कॉलम में रख रहे थे, तभी ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन में सरिया छू गई, करंट की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई थी।

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रिवैंप योजना का कार्य पूरा हो चुका है। नलकूप फीडरों के बदले जाने का कार्य चल रहा है। बीते दो सालों में कुल 38 बिजली हादसों में 12 लोगों ने जान गवाई हैं। इनमें जांच के बाद चार लोगों को क्षतिपूर्ति दिलाई गई है। घरों के ऊपर से निकली लाइनों के नीचे बाद में लोगों ने घर बना लिए हैं। इनके बदले जाने के लिए अभी विभाग के पास ऐसा कोई बजट नहीं है।
- डीएन प्रसाद, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
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