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Hamirpur News: जांच न विशेषज्ञ, खानापूर्ति में निपटाया आरोग्य मेला
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फोटो 19 एचएएमपी 22- गहरौली पीएचसी में उपचार करते चिकित्सक। संवाद
हमीरपुर/मौदहा/पौथिया/गहरौली। हमीरपुर जिले में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में खानापूरी हुई। जिले के 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दिखी। बदलते मौसम के कारण बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। गंभीर रोगियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया गया।
नायकपुरवा पीएचसी में डॉक्टर शानिब शाहिद ने 33 मरीजों का उपचार किया, जिनमें बुखार और पेट दर्द के मरीज अधिक थे। सिसोलर में 40, करहिया में 46, भभई में 32 और अरतरा में 59 मरीजों को देखा गया। इन केंद्रों पर जांच सुविधा न होने से गंभीर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया।
गहरौली पीएचसी में बीते 10 दिनों से खून जांच ठप है क्योंकि 9 जुलाई को एलटी का तबादला हो गया था। इससे मरीजों को निजी पैथोलॉजी में महंगे दामों पर जांच करानी पड़ रही हैं। सीएचसी अधीक्षक रजत रंजन तिवारी ने बताया कि मौसम बदलाव से बुखार और वायरल संक्रमण बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
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जिले के ज्यादातर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण फार्मासिस्टों के भरोसे चल रहे हैं। मरीजों ने बताया कि पौथिया और कलौलीजार पीएचसी में भी आरोग्य मेले के दौरान ही डॉक्टर मौजूद रहे। बाकी दिनों में फार्मासिस्ट ही अस्पताल का संचालन करते हैं। कलौलीजार में 55 और पौथिया में 51 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 13 की मलेरिया व टायफाइड जांच हुई।
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नायकपुरवा पीएचसी में डॉक्टर शानिब शाहिद ने 33 मरीजों का उपचार किया, जिनमें बुखार और पेट दर्द के मरीज अधिक थे। सिसोलर में 40, करहिया में 46, भभई में 32 और अरतरा में 59 मरीजों को देखा गया। इन केंद्रों पर जांच सुविधा न होने से गंभीर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया।
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गहरौली पीएचसी में बीते 10 दिनों से खून जांच ठप है क्योंकि 9 जुलाई को एलटी का तबादला हो गया था। इससे मरीजों को निजी पैथोलॉजी में महंगे दामों पर जांच करानी पड़ रही हैं। सीएचसी अधीक्षक रजत रंजन तिवारी ने बताया कि मौसम बदलाव से बुखार और वायरल संक्रमण बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
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जिले के ज्यादातर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण फार्मासिस्टों के भरोसे चल रहे हैं। मरीजों ने बताया कि पौथिया और कलौलीजार पीएचसी में भी आरोग्य मेले के दौरान ही डॉक्टर मौजूद रहे। बाकी दिनों में फार्मासिस्ट ही अस्पताल का संचालन करते हैं। कलौलीजार में 55 और पौथिया में 51 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 13 की मलेरिया व टायफाइड जांच हुई।