{"_id":"66d3612444b16314560ee53c","slug":"newborn-has-deep-wounds-referred-from-district-hospital-to-kanpur-hamirpur-news-c-223-1-sknp1027-114754-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: नवजात को गहरे घाव, जिला अस्पताल से कानपुर रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: नवजात को गहरे घाव, जिला अस्पताल से कानपुर रेफर
Sat, 31 Aug 2024 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 31 Aug 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। विरमा नदी किनारे झाड़ियों में फेंके गए नवजात (बच्चा) के शरीर पर गहरे जख्म हो गए हैं। उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। पुलिस स्टाफ उसे बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस से लेकर कानपुर गया है।
राठ कोतवाली क्षेत्र के कस्बा खेड़ा गांव निवासी रामसनेही रैकवार ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे गांव के बाहर नदी किनारे शौच करने गए थे।
तभी झाड़ियों से शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जाकर देखा तो नवजात नाल सहित पड़ा था। जिसके शरीर में कांटे लगे थे। पत्थर से नाल काटकर शिशु को घर ले गए।
बताया कि शरीर में कांटे एवं पीछे चोट होने के कारण अपनी पत्नी अनीता के साथ सीएचसी राठ में भर्ती कराया। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। एक दिन के इलाज के बाद जिला अस्पताल से उसे कानपुर रेफर किया गया है।
जिला कोआर्डिनेटर चाइल्ड लाइन साफवान अहमद ने बताया कि जब बच्चा स्वस्थ हो जाएगा तो उसे सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद वही बच्चे के हित में निर्णय लेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
राठ कोतवाली क्षेत्र के कस्बा खेड़ा गांव निवासी रामसनेही रैकवार ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे गांव के बाहर नदी किनारे शौच करने गए थे।
तभी झाड़ियों से शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जाकर देखा तो नवजात नाल सहित पड़ा था। जिसके शरीर में कांटे लगे थे। पत्थर से नाल काटकर शिशु को घर ले गए।
बताया कि शरीर में कांटे एवं पीछे चोट होने के कारण अपनी पत्नी अनीता के साथ सीएचसी राठ में भर्ती कराया। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। एक दिन के इलाज के बाद जिला अस्पताल से उसे कानपुर रेफर किया गया है।
विज्ञापन
जिला कोआर्डिनेटर चाइल्ड लाइन साफवान अहमद ने बताया कि जब बच्चा स्वस्थ हो जाएगा तो उसे सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद वही बच्चे के हित में निर्णय लेगी।
विज्ञापन