{"_id":"66dc9ef82db4abaa05059154","slug":"nephew-shot-aunt-in-land-dispute-death-cousin-serious-hamirpur-news-c-223-1-hmp1002-114992-2024-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: जमीन के विवाद में भतीजे ने बुआ को मारी गोली, मौत, फुफेरा भाई गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: जमीन के विवाद में भतीजे ने बुआ को मारी गोली, मौत, फुफेरा भाई गंभीर
Sun, 08 Sep 2024 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sun, 08 Sep 2024 12:14 AM IST
विज्ञापन
सरीला(हमीरपुर)। कस्बा जरिया में जमीन के विवाद में भतीजे ने गोली मार अपनी बुआ की हत्या कर दी। वहीं गोली लगने से फुफेरा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे कानपुर रेफर किया गया है। महिला पति से विवाद के बाद 18 साल से अपने मायके में एक बेटे के साथ रह रही थी। महिला आशा कार्यकर्ता थी।
शुुक्रवार देर शाम जरिया थाने से चंद कदम की दूरी पर हुई इस घटना की सूचना पर एएसपी ने मौके पर पहुंच निरीक्षण किया। महिला के घायल बेटे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या व हत्या की कोशिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जमीन विवाद के चलते जरिया गांव निवासी आशा कार्यकर्ता गायत्री (40) व उसके बेटे मनीष (19) पर आशा कार्यकर्ता के भतीजे (भाई के बेटे) अमित ने शुक्रवार रात करीब 9 बजे फायरिंग कर दी। गायत्री के सिर पर गोली लगने से उनकी मौत हो गई जबकि उनका बेटा मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया। मनीष के पेट से लगी गोली पीछे से पार हो गई।
विज्ञापन
घायल अवस्था में मनीष ने चंद कदम की दूरी पर स्थित थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसे इलाज के लिए सरीला स्थित सीएचसी भेजा। जहां से पहले उसे उरई मेडिकल कॉलेज और वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया।
एएसपी ने बताया कि मकान में रहने को लेकर पारिवारिक विवाद था। इसके चलते सगे भतीजे ने बुआ को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। वहीं गोली लगने से बुआ को बेटा भी घायल हो गया। घायल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लिया है।
बुआ-भतीजे में मकान और दादी के नाम जमीन को लेकर था विवाद
सरीला (हमीरपुर)। मकान के साथ आरोपी अमित का दादी के नाम छह बीघा जमीन को लेकर बुआ से विवाद था। बुआ अपनी मां के नाम की छह बीघा जमीन अपने नाम कराने की फिराक में थी। इसकी जानकारी होने पर भतीजे ने विवाद के बाद घटना को अंजाम दिया।
मूल रूप से जरिया थाने के खेड़ा शिलाजीत निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक अंगद अनुरागी जरिया में रहने लगे। उनके दो पुत्र बाबूराम व आनंद के अलावा पुत्री गायत्री थी। उसकी शादी उरई में हुई और पति प्रमोद से विवाद होने के बाद वह अपने पिता अंगद के साथ 2006 से रहने लगी।
गायत्री के दो पुत्र हैं। इनमें मनीष कुमार उर्फ अन्नू (19) अपनी मां गायत्री के साथ रहता था। दूसरा बेटा पति के साथ रहता है। परिवार के अनुसार अंगद ने एक मकान जखेड़ी निवासी सुखदेव से स्टांप में सादा लिखा-पढ़ी कराकर जरिया में खरीदा था। जबकि पास में दूसरा मकान गायत्री के नाम जरिया में खरीदा।
गायत्री के मकान में उसकी मां सुमितरानी रहने लगीं। जबकि गायत्री अपने पिता के मकान में भतीजे अमित, अंकुश व पिता के साथ एक कमरे में रहने लगी। जबकि अंगद के दोनों बेटे खेड़ा शिलाजीत में रहते हैं। इसी बीच गायत्री ने सुखदेव से पिता वाले मकान की लिखा-पढ़ी बीते 29 अगस्त को अपने नाम करा ली।
इसकी जानकारी अमित को हुई। इसी बीच सुमितरानी के नाम की छह बीघा जमीन भी गायत्री अपने नाम लिखाना चाहती थी। जो अमित को नागवार गुजरा। इस बात पर बुआ-भतीजे के बीच विवाद हुआ और आक्रोश में अमित ने घटना को अंजाम दे दिया। जरिया थानाध्यक्ष भरत कुमार ने बताया कि मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
उसे कानपुर रेफर किया गया है। महिला पति से विवाद के बाद 18 साल से अपने मायके में एक बेटे के साथ रह रही थी। महिला आशा कार्यकर्ता थी।
शुुक्रवार देर शाम जरिया थाने से चंद कदम की दूरी पर हुई इस घटना की सूचना पर एएसपी ने मौके पर पहुंच निरीक्षण किया। महिला के घायल बेटे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या व हत्या की कोशिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
जमीन विवाद के चलते जरिया गांव निवासी आशा कार्यकर्ता गायत्री (40) व उसके बेटे मनीष (19) पर आशा कार्यकर्ता के भतीजे (भाई के बेटे) अमित ने शुक्रवार रात करीब 9 बजे फायरिंग कर दी। गायत्री के सिर पर गोली लगने से उनकी मौत हो गई जबकि उनका बेटा मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया। मनीष के पेट से लगी गोली पीछे से पार हो गई।
विज्ञापन
घायल अवस्था में मनीष ने चंद कदम की दूरी पर स्थित थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसे इलाज के लिए सरीला स्थित सीएचसी भेजा। जहां से पहले उसे उरई मेडिकल कॉलेज और वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया।
एएसपी ने बताया कि मकान में रहने को लेकर पारिवारिक विवाद था। इसके चलते सगे भतीजे ने बुआ को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। वहीं गोली लगने से बुआ को बेटा भी घायल हो गया। घायल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लिया है।
बुआ-भतीजे में मकान और दादी के नाम जमीन को लेकर था विवाद
सरीला (हमीरपुर)। मकान के साथ आरोपी अमित का दादी के नाम छह बीघा जमीन को लेकर बुआ से विवाद था। बुआ अपनी मां के नाम की छह बीघा जमीन अपने नाम कराने की फिराक में थी। इसकी जानकारी होने पर भतीजे ने विवाद के बाद घटना को अंजाम दिया।
मूल रूप से जरिया थाने के खेड़ा शिलाजीत निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक अंगद अनुरागी जरिया में रहने लगे। उनके दो पुत्र बाबूराम व आनंद के अलावा पुत्री गायत्री थी। उसकी शादी उरई में हुई और पति प्रमोद से विवाद होने के बाद वह अपने पिता अंगद के साथ 2006 से रहने लगी।
गायत्री के दो पुत्र हैं। इनमें मनीष कुमार उर्फ अन्नू (19) अपनी मां गायत्री के साथ रहता था। दूसरा बेटा पति के साथ रहता है। परिवार के अनुसार अंगद ने एक मकान जखेड़ी निवासी सुखदेव से स्टांप में सादा लिखा-पढ़ी कराकर जरिया में खरीदा था। जबकि पास में दूसरा मकान गायत्री के नाम जरिया में खरीदा।
गायत्री के मकान में उसकी मां सुमितरानी रहने लगीं। जबकि गायत्री अपने पिता के मकान में भतीजे अमित, अंकुश व पिता के साथ एक कमरे में रहने लगी। जबकि अंगद के दोनों बेटे खेड़ा शिलाजीत में रहते हैं। इसी बीच गायत्री ने सुखदेव से पिता वाले मकान की लिखा-पढ़ी बीते 29 अगस्त को अपने नाम करा ली।
इसकी जानकारी अमित को हुई। इसी बीच सुमितरानी के नाम की छह बीघा जमीन भी गायत्री अपने नाम लिखाना चाहती थी। जो अमित को नागवार गुजरा। इस बात पर बुआ-भतीजे के बीच विवाद हुआ और आक्रोश में अमित ने घटना को अंजाम दे दिया। जरिया थानाध्यक्ष भरत कुमार ने बताया कि मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।