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तीन दिन में की एक लाख की खरीददारी
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:03 AM IST
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बैंक खाताधारकों को बडे़-बडे़ सपने दिखाकर या फिर
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बैंक कर्मी बताकर साइबर क्राइम करने वाले गिरोह ने एक युवक के खाते से एक
लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित युवक ने बैंक के अधिकारियों को सूचना देकर
थाने में तहरीर दी है।
जरिया थाने के अतरौली धगवां गांव निवासी भवानीदीन पुत्र अशोक कुमार का कस्बे की भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा में खाता है। खाते में लाखों रुपये जमा हैं। सोमवार को भवानीदीन ने अपने खाते से 10 हजार रुपये निकाले।
रुपये निकालने के बाद जब उसने पासबुक में इंट्री कराई तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसने बताया कि 29 अगस्त को उसके मोबाइल 9453000788 पर एक फोन आया कि वह एसबीआई से बोल रहा है। आपका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है।
इसलिए वेरीफिकेशन करने के लिए अपने एटीएम कार्ड में लिखे 16 अंकों का कोड बताएं। भवानीदीन ने बताया कि बैंक कर्मी समझ उसने अपने एटीएम कार्ड का नंबर और पिन नंबर बता दिया।
इसके बाद तीन दिन के अंदर उसके खाते से करीब 1 लाख रुपये की खरीददारी कर ली गई।
एसबीआई के शाखा प्रबंधक योगेश अग्रवाल ने बताया कि भवानीदीन के खाते से एटीएम के तहत किसी ने एक लाख रुपये की खरीददारी कर ली।
एटीएम कार्ड धारक किसी भी व्यक्ति को अपने कार्ड का नंबर और पिन नंबर नहीं बताना चाहिए। अगर कोई पूछे तो उस समय न बताकर बैंक में आकर जानकारी करें। क्योंकि बैंक से किसी भी ग्राहक से फोन पर वेरीफिकेशन नहीं किया जाता है।
जरिया थाने के अतरौली धगवां गांव निवासी भवानीदीन पुत्र अशोक कुमार का कस्बे की भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा में खाता है। खाते में लाखों रुपये जमा हैं। सोमवार को भवानीदीन ने अपने खाते से 10 हजार रुपये निकाले।
रुपये निकालने के बाद जब उसने पासबुक में इंट्री कराई तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसने बताया कि 29 अगस्त को उसके मोबाइल 9453000788 पर एक फोन आया कि वह एसबीआई से बोल रहा है। आपका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है।
इसलिए वेरीफिकेशन करने के लिए अपने एटीएम कार्ड में लिखे 16 अंकों का कोड बताएं। भवानीदीन ने बताया कि बैंक कर्मी समझ उसने अपने एटीएम कार्ड का नंबर और पिन नंबर बता दिया।
इसके बाद तीन दिन के अंदर उसके खाते से करीब 1 लाख रुपये की खरीददारी कर ली गई।
एसबीआई के शाखा प्रबंधक योगेश अग्रवाल ने बताया कि भवानीदीन के खाते से एटीएम के तहत किसी ने एक लाख रुपये की खरीददारी कर ली।
एटीएम कार्ड धारक किसी भी व्यक्ति को अपने कार्ड का नंबर और पिन नंबर नहीं बताना चाहिए। अगर कोई पूछे तो उस समय न बताकर बैंक में आकर जानकारी करें। क्योंकि बैंक से किसी भी ग्राहक से फोन पर वेरीफिकेशन नहीं किया जाता है।