{"_id":"61ca015e275c916647555c69","slug":"meeting-hamirpur-news-knp6720667146","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन ग्राम पंचायतों में बनेगी प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन ग्राम पंचायतों में बनेगी प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। जिला स्वच्छता प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ.चंद्र भूषण की अध्यक्षता में हुई। बैठक में डीएम ने बताया कि तीन बड़ी ग्राम पंचायतों सिसोलर, इंगोहटा व मुस्करा में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की जाएगी।
डीएम ने कहा कि यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज/ओडीएफ प्लस के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य समय से पूरा किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। विभिन्न ग्राम पंचायतों में पांच सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। बीडीओ व एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अंदर निर्माण पूरा कराएं। समय रहने का काम पूरा न करने वाले कर्मियों का वेतन रोका जाए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। मुस्करा, इंगोहटा व सिसोलर में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की जाएगी। प्रति इकाई प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की लागत 16 लाख होगी। बैठक में सीडीओ केके वैश्य, वरिष्ठ कोषाधिकारी दिनेश कुमार, डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज/ओडीएफ प्लस के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य समय से पूरा किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। विभिन्न ग्राम पंचायतों में पांच सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। बीडीओ व एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अंदर निर्माण पूरा कराएं। समय रहने का काम पूरा न करने वाले कर्मियों का वेतन रोका जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। मुस्करा, इंगोहटा व सिसोलर में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की जाएगी। प्रति इकाई प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की लागत 16 लाख होगी। बैठक में सीडीओ केके वैश्य, वरिष्ठ कोषाधिकारी दिनेश कुमार, डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन