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Hamirpur News: नाबालिग से छेड़खानी के दोषी को तीन साल की सजा
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लोगो == अदालत से ==
पॉक्सो कोर्ट ने लगाया 10 हजार रुपये का अर्थदंड
मझगवां थाने में वर्ष 2022 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
संवाद न्यूज
हमीरपुर। नाबालिग से छेड़खानी के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मझगवां थाना क्षेत्र के कुल्हैंड़ा गांव निवासी लक्ष्मण अनुरागी के खिलाफ छह मई 2022 को धारा 354 भादंसं और धारा आठ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियोजन के अनुसार, घटना के समय करीब 17 वर्षीय पीड़िता खेत से चारा लेकर लौट रही थी। आरोप था कि लक्ष्मण ने रास्ते में उसका हाथ पकड़कर गलत नीयत से छेड़खानी की। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अभियोजन विभाग से समन्वय कर मामले की प्रभावी पैरवी की गई और गवाहों के बयान कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने 18 सितंबर 2026 को लक्ष्मण अनुरागी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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पॉक्सो कोर्ट ने लगाया 10 हजार रुपये का अर्थदंड
मझगवां थाने में वर्ष 2022 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
संवाद न्यूज
हमीरपुर। नाबालिग से छेड़खानी के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मझगवां थाना क्षेत्र के कुल्हैंड़ा गांव निवासी लक्ष्मण अनुरागी के खिलाफ छह मई 2022 को धारा 354 भादंसं और धारा आठ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियोजन के अनुसार, घटना के समय करीब 17 वर्षीय पीड़िता खेत से चारा लेकर लौट रही थी। आरोप था कि लक्ष्मण ने रास्ते में उसका हाथ पकड़कर गलत नीयत से छेड़खानी की। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
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मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अभियोजन विभाग से समन्वय कर मामले की प्रभावी पैरवी की गई और गवाहों के बयान कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने 18 सितंबर 2026 को लक्ष्मण अनुरागी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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