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Hamirpur News: हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद
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हमीरपुर। हत्या के साढ़े 10 साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट स्वाती की अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर कोर्ट ने 40 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले का तीसरा आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। जिसकी फाइल अलग कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक मौदहा थानाक्षेत्र के पूर्वी तरौस वार्ड दो निवासी पीड़ित मां हफीजन पत्नी अली हुसैन ने आठ अक्तूबर 2013 को तहरीर दी। बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शकील मोहम्मद व छोटा बेटा गोविंदा है। बांदा जिले के अतर्रा के पलहरी गांव निवासी बबलू पूर्वी तरौस में अपनी नानी के घर पर रहता है। आरोप है कि मराठीपुरा कॉलोनी के गरीबा निवासी रफीक व पूर्वी तरौस स्टेशन रोड निवासी इदरीश उक्त तीनों लोगों ने छह अक्तूबर 2013 की शाम करीब छह बजे उसके छोटे बेटे को लेकर इचौली की ओर ले गए थे। दूसरे दिन सुबह बबलू व रफीक कस्बा आ गए।
शाम को इदरीश आया तो उसने उक्त तीनों लोगों से अपने बेटे के बारे में पूछताछ किया तो कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और न ही उसके बेटे के बारे में सही जानकारी दी। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू की। जांच के दौरान उक्त युवक का शव मटौध के करछा नाला में उतराता हुआ मिला था। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। इसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी बबलू व रफीक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को दिए जाने का आदेश दिया है।
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तीसरा नामजद आरोपी इदरीश को आजतक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जिसके चलते कोर्ट ने आरोपी की फाइल अलग कर दी है। जो अभी भी विचाराधीन है।
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जानकारी के मुताबिक मौदहा थानाक्षेत्र के पूर्वी तरौस वार्ड दो निवासी पीड़ित मां हफीजन पत्नी अली हुसैन ने आठ अक्तूबर 2013 को तहरीर दी। बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शकील मोहम्मद व छोटा बेटा गोविंदा है। बांदा जिले के अतर्रा के पलहरी गांव निवासी बबलू पूर्वी तरौस में अपनी नानी के घर पर रहता है। आरोप है कि मराठीपुरा कॉलोनी के गरीबा निवासी रफीक व पूर्वी तरौस स्टेशन रोड निवासी इदरीश उक्त तीनों लोगों ने छह अक्तूबर 2013 की शाम करीब छह बजे उसके छोटे बेटे को लेकर इचौली की ओर ले गए थे। दूसरे दिन सुबह बबलू व रफीक कस्बा आ गए।
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शाम को इदरीश आया तो उसने उक्त तीनों लोगों से अपने बेटे के बारे में पूछताछ किया तो कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और न ही उसके बेटे के बारे में सही जानकारी दी। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू की। जांच के दौरान उक्त युवक का शव मटौध के करछा नाला में उतराता हुआ मिला था। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। इसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी बबलू व रफीक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को दिए जाने का आदेश दिया है।
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तीसरा नामजद आरोपी इदरीश को आजतक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जिसके चलते कोर्ट ने आरोपी की फाइल अलग कर दी है। जो अभी भी विचाराधीन है।