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सौ से कम आबादी के 167 गांव रोशन होंगे
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sat, 29 Aug 2015 12:14 AM IST
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100 से कम आबादी के 167 गांवों को विद्युतीकरण से
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जोड़ा जाएगा। यह गांव दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से रोशन होंगे।
इन गांवों को रोशन करने के लिए पावर कारपोरेशन ने डीपीआर तैयार कर मंजूरी
के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम भेजा है। वहीं राजीव गांधी ग्रामीण
विद्युतीकरण योजना का बुरा हाल है। मुख्य अभियंता ने संबंधित कार्यदाई
संस्था को पत्र लिख कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में कई ऐसे गांव हैं, जहां पर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। गांवों का विद्युुतीकरण न होने से लोग दीपक की रोशनी में जिंदगी काटने को मजबूर हैं।
हालांकि अभी तक केंद्र सरकारों द्वारा विद्युतीकरण योजना से गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।
यह कार्य राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के जरिए हो रहा था पर केंद्र में सत्ता में आई मोदी सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया।
अब इस योजना से गांवों के विद्युतीकरण की कवायद चल रही है। जिले में भी विद्युतीकरण से विहीन गांवों को जगमगाने के लिए पावर कारपोरेशन ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में 167 ऐसे गांवों का चयन किया है
जिनकी आबादी 100 से कम है। इन गांवों की सूची जिला विद्युत सुधार समिति के जरिए अनुमोदन कराने के बाद तैयार की गई डीपीआर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को भेजी है।
योजना में पहले से ही 597 गांवों को विद्युतीकरण योजना में शामिल किया गया है, लेकिन 100 से अधिक आबादी के इन गांवों का एक साल गुजरने के बाद भी कायाकल्प नहीं हो पाया है।
हालांकि जिले में काम करा रही एसपी ब्राइट लाइट प्राइवेट लिमिटेड कानपुर कंपनी 200 गांवों का सर्वे कर पाई है। साथ ही 6 गांवों में पोल खड़े कर सकी है, जिनमें तीन लोहिया गांव हैं।
जबकि 63 करोड़ लागत की इस योजना को पूरा करने में अब सिर्फ एक साल ही बचा है। लेटलतीफी के चलते 597 गांवों में एक साल में कैसे विद्युतीकरण का काम पूरा होगा। इसको लेकर पावर कारपोरेशन के अधिकारी परेशान हैं।
डिस्ट्रिक्ट मैनेजर एसपी ब्राइट दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि विद्युतीकरण का कार्य कलस्टर वाइज हो रहा है। रक्षाबंधन त्योहार के बाद कलस्टरों की संख्या और बढ़ा दी जाएगी। इसके तहत राठ और सरीला क्षेत्र में काम शुरू हो जाएगा।
छह गांवों में पोल खड़े कर दिए गए हैं। साथ ही तारों के खींचने की तैयारी है। एक साल के अंदर काम पूरा करने की
कोशिशें जारी हैं।
अधीक्षण अभियंता पावर कारपोरेशन राजीव कुमार ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना को लेकर पावर कारपोरेशन गंभीर है। इस योजना में धन की कमी नहीं है। शासन की मंशा के अनुसार एक सौ आबादी तक 167 गांवों की डीपीआर बनाकर निगम को भेजी गई है।
जिले में कई ऐसे गांव हैं, जहां पर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। गांवों का विद्युुतीकरण न होने से लोग दीपक की रोशनी में जिंदगी काटने को मजबूर हैं।
हालांकि अभी तक केंद्र सरकारों द्वारा विद्युतीकरण योजना से गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।
यह कार्य राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के जरिए हो रहा था पर केंद्र में सत्ता में आई मोदी सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया।
अब इस योजना से गांवों के विद्युतीकरण की कवायद चल रही है। जिले में भी विद्युतीकरण से विहीन गांवों को जगमगाने के लिए पावर कारपोरेशन ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में 167 ऐसे गांवों का चयन किया है
जिनकी आबादी 100 से कम है। इन गांवों की सूची जिला विद्युत सुधार समिति के जरिए अनुमोदन कराने के बाद तैयार की गई डीपीआर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को भेजी है।
योजना में पहले से ही 597 गांवों को विद्युतीकरण योजना में शामिल किया गया है, लेकिन 100 से अधिक आबादी के इन गांवों का एक साल गुजरने के बाद भी कायाकल्प नहीं हो पाया है।
हालांकि जिले में काम करा रही एसपी ब्राइट लाइट प्राइवेट लिमिटेड कानपुर कंपनी 200 गांवों का सर्वे कर पाई है। साथ ही 6 गांवों में पोल खड़े कर सकी है, जिनमें तीन लोहिया गांव हैं।
जबकि 63 करोड़ लागत की इस योजना को पूरा करने में अब सिर्फ एक साल ही बचा है। लेटलतीफी के चलते 597 गांवों में एक साल में कैसे विद्युतीकरण का काम पूरा होगा। इसको लेकर पावर कारपोरेशन के अधिकारी परेशान हैं।
डिस्ट्रिक्ट मैनेजर एसपी ब्राइट दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि विद्युतीकरण का कार्य कलस्टर वाइज हो रहा है। रक्षाबंधन त्योहार के बाद कलस्टरों की संख्या और बढ़ा दी जाएगी। इसके तहत राठ और सरीला क्षेत्र में काम शुरू हो जाएगा।
छह गांवों में पोल खड़े कर दिए गए हैं। साथ ही तारों के खींचने की तैयारी है। एक साल के अंदर काम पूरा करने की
कोशिशें जारी हैं।
अधीक्षण अभियंता पावर कारपोरेशन राजीव कुमार ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना को लेकर पावर कारपोरेशन गंभीर है। इस योजना में धन की कमी नहीं है। शासन की मंशा के अनुसार एक सौ आबादी तक 167 गांवों की डीपीआर बनाकर निगम को भेजी गई है।