{"_id":"65f33ac4e03fa68c1003ecfe","slug":"lease-holders-and-crusher-businessmen-should-strictly-follow-mining-rules-hamirpur-news-c-225-1-mah1001-105326-2024-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: पट्टाधारक व क्रशर व्यवसायी कड़ाई से करें खनन नियमों का पालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: पट्टाधारक व क्रशर व्यवसायी कड़ाई से करें खनन नियमों का पालन
विज्ञापन
महोबा। पहरा पहाड़ में खनन कार्य के दौरान चार श्रमिकों की मौत होने की घटना के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया है।
डीएम मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को खान सुरक्षा को लेकर बैठक आयोजित हुई। खान सुरक्षा निदेशक गाजियाबाद क्षेत्र ए. रामबाबू ने खनिज पट्टाधारक, क्रशर व्यवसायी और अधिकारियों को खान सुरक्षा से संबंधित गाइडलाइन से अवगत कराते हुए कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में खान सुरक्षा निदेशक ने कहा कि खनन का कोई भी कार्य शुरू करने से पहले खनन क्षेत्र खुलने की सूचना खान सुरक्षा महानिदेशालय, गाजियाबाद क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी जाए। खनन कार्य में प्रबंधक की नियुक्ति किए बिना कोई भी कार्य नहीं होना चाहिए। खनन कार्य में लगी मशीनों की देखरेख व मेंटीनेंस के लिए इंजीनियर की नियुक्ति जरूरी है। दुर्घटना होने पर खान सुरक्षा महानिदेशक को सूचना दी जाए। खान को सीढ़ीनुमा बेंच बनाकर ऊपर से नीचे की ओर काम करना चाहिए। खनन कार्य के लिए भारी यंत्रों जेसीबी, शोवेल, डोजर, टिप्पर, 34 एमएम से ज्यादा व्यास का होल करने वाली ड्रिल मशीन आदि का प्रयोग करने के लिए खान सुरक्षा महानिदेशालय से अनुमति लेना चाहिए।
महोबा। बैठक में डीएम ने पट्टाधारकों व क्रशर मालिकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। कहा कि निरीक्षण के लिए टीम गठित की गई है। नियमों का पालन न होने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसपी अपर्णा गुप्ता, एडीएम रामप्रकाश, जिला खनिज अधिकारी सीबी सिंह, एडीएम कुलपहाड़ अनुराग प्रसाद, एडीएम चरखारी प्रदीप कुमार, डिप्टी कलेक्टर मृत्युंजय मिश्रा समेत जिले के सभी पट्टाधारक और क्रशर व्यवसायी मौजूद रहे।
विज्ञापन
महोबा। पत्थरमंडी कबरई के पहरा पहाड़ में धनराज सिंह के नाम स्वीकृत पत्थर खनन का पट्टे में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पहाड़ पर ब्लास्टिंग के लिए छेद करने का काम चल रहा था। इसी दौरन पहाड़ के ऊपर का एक हिस्सा धसकने से चार श्रमिकों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि दो श्रमिक घायल हो गए। साढ़े चार घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद सभी श्रमिकों के शव बाहर निकाले जा सके थे। घटना के दौरान मृतकों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। तब अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा देते हुए शांत कराया था। गुरुवार को गाजियाबाद से आए खान सुरक्षा निदेशक ए. राम बाबू ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित करने की बात कही।
महोबा। पत्थरमंडी कबरई के पहरा पहाड़ में खनन कार्य के दौरान चार श्रमिकों की मौत होने की घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। बुधवार की देर शाम पहरा गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार सिंह, यूथ जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह, कबरई ब्लॉक अध्यक्ष राममनोहर सिंह ने कहा कि पहाड़ में चार श्रमिकों की मौत के लिए जिला प्रशासन व पट्टाधारक जिम्मेदार हैं। नियमों की अनदेखी कर खनन कार्य होने से हादसे हो रहे हैं। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा कि पहाड़ों में काम के दौरान श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए जाते। 200 से 300 फीट गहरी हो चुकीं खदानों में खनन कार्य चल रहा है। जिसे तत्काल बंद कराया जाए।
विज्ञापन
डीएम मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को खान सुरक्षा को लेकर बैठक आयोजित हुई। खान सुरक्षा निदेशक गाजियाबाद क्षेत्र ए. रामबाबू ने खनिज पट्टाधारक, क्रशर व्यवसायी और अधिकारियों को खान सुरक्षा से संबंधित गाइडलाइन से अवगत कराते हुए कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में खान सुरक्षा निदेशक ने कहा कि खनन का कोई भी कार्य शुरू करने से पहले खनन क्षेत्र खुलने की सूचना खान सुरक्षा महानिदेशालय, गाजियाबाद क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी जाए। खनन कार्य में प्रबंधक की नियुक्ति किए बिना कोई भी कार्य नहीं होना चाहिए। खनन कार्य में लगी मशीनों की देखरेख व मेंटीनेंस के लिए इंजीनियर की नियुक्ति जरूरी है। दुर्घटना होने पर खान सुरक्षा महानिदेशक को सूचना दी जाए। खान को सीढ़ीनुमा बेंच बनाकर ऊपर से नीचे की ओर काम करना चाहिए। खनन कार्य के लिए भारी यंत्रों जेसीबी, शोवेल, डोजर, टिप्पर, 34 एमएम से ज्यादा व्यास का होल करने वाली ड्रिल मशीन आदि का प्रयोग करने के लिए खान सुरक्षा महानिदेशालय से अनुमति लेना चाहिए।
विज्ञापन
महोबा। बैठक में डीएम ने पट्टाधारकों व क्रशर मालिकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। कहा कि निरीक्षण के लिए टीम गठित की गई है। नियमों का पालन न होने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसपी अपर्णा गुप्ता, एडीएम रामप्रकाश, जिला खनिज अधिकारी सीबी सिंह, एडीएम कुलपहाड़ अनुराग प्रसाद, एडीएम चरखारी प्रदीप कुमार, डिप्टी कलेक्टर मृत्युंजय मिश्रा समेत जिले के सभी पट्टाधारक और क्रशर व्यवसायी मौजूद रहे।
विज्ञापन
महोबा। पत्थरमंडी कबरई के पहरा पहाड़ में धनराज सिंह के नाम स्वीकृत पत्थर खनन का पट्टे में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पहाड़ पर ब्लास्टिंग के लिए छेद करने का काम चल रहा था। इसी दौरन पहाड़ के ऊपर का एक हिस्सा धसकने से चार श्रमिकों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि दो श्रमिक घायल हो गए। साढ़े चार घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद सभी श्रमिकों के शव बाहर निकाले जा सके थे। घटना के दौरान मृतकों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। तब अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा देते हुए शांत कराया था। गुरुवार को गाजियाबाद से आए खान सुरक्षा निदेशक ए. राम बाबू ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित करने की बात कही।
महोबा। पत्थरमंडी कबरई के पहरा पहाड़ में खनन कार्य के दौरान चार श्रमिकों की मौत होने की घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। बुधवार की देर शाम पहरा गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार सिंह, यूथ जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह, कबरई ब्लॉक अध्यक्ष राममनोहर सिंह ने कहा कि पहाड़ में चार श्रमिकों की मौत के लिए जिला प्रशासन व पट्टाधारक जिम्मेदार हैं। नियमों की अनदेखी कर खनन कार्य होने से हादसे हो रहे हैं। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा कि पहाड़ों में काम के दौरान श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए जाते। 200 से 300 फीट गहरी हो चुकीं खदानों में खनन कार्य चल रहा है। जिसे तत्काल बंद कराया जाए।