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बीते वर्ष सूखे में नष्ट हुई फसलों पर आया कृषि निवेश
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:07 AM IST
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बीते साल रबी अभियान में पड़े सूखे के बीच बरबाद फसल नष्ट होने पर ज्यादातर किसानों को दैवी आपदा के तहत मुआवजा नहीं मिला। इसी को देखते शासन ने ऐसे किसानों को एक अरब 64 करोड़ 55 लाख रुपये का बजट जारी किया है।
2015-16 में रबी के दौरान सूखे से ज्यादातर जमीन परती रही. खेतों की बुआई की। तो उनकी फसलों में उत्पादन न के बराबर हुआ। इस आपदा ने किसानों का सुख चैन छीन लिया।
इस मामले में किसानों ने धरना आंदोलन किए। राजस्व और कृषि विभाग के अफसरों ने फसलों का सर्वे किया। इस पर शासन ने मांगी गई धनराशि में आधा अधूरा बजट जारी किया। वितरण में लेखपालों पर आरोप भी लगे। शिकायतों क ो लेकर शासन के आदेश पर तहसीलों में शिकायत पेटिका तक रखवानी पड़ी। ज्यादातर गांवों में किसान आपदा राशि पाने से वंचित हैं। रीवन गांव में दैवी आपदा राशि पाने के लिए करीब एक माह तक गांव में ही अनशन किया। कई गांवों के किसान भी आंदोलन करने को मजबूर हुए। शासन ने एक साल बाद नुकसान की भरपाई को बजट जारी किया है। इस धनराशि को राजस्व विभाग आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में भेजेगा।
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राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से लघु एवं सीमांत किसानों को एक अरब 25 करोड़ 94 लाख 97 हजार 300 रुपये मांगा गया था। जिसमें एक अरब 24 करोड़ 29 लाख 11 हजार 663 रुपये भेजा गया है। सदर तहसील के छोटे किसानों को 38 करोड़, 49 लाख, 94 हजार 360 रुपये दिए गए हैं। वहीं मौदहा तहसील को 31,97,73,097 रुपये राठ तहसील को 27,98,17,368 रुपये और सरीला तहसील को 25,83,26,838 रुपये जारी हुए हैं।
जिले में बड़े काश्तकारों को 40 करोड़ 26 लाख, 27 हजार 893 रुपये दैवी आपदा के तहत जारी हुए हैं। जिसमें सदर तहसील के किसानों को 15 करोड़ 38 लाख, 75 हजार 480 रुपये, मौदहा तहसील के किसानों को छह करोड़ 52 लाख 72 हजार 820 रुपये, राठ तहसील क ो नौ करोड़ 16 लाख 30 हजार 340 रुपये व सरीला तहसील को नौ करोड़ 18 लाख, 49 हजार 253 रुपये जारी किए गए हैं। इसमें खेतों में पलेवा कर फसलों की बुआई करने वाले 24 हजार 385 काश्तकार हैं। वहीं राठ तहसील में 198 और सरीला तहसील में 106 असिंचित किसान हैं।
बीते वर्ष 2015-16 में रबी अभियान में हुए नुकसान पर राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से एक अरब 64 करोड़ 55 लाख 39 हजार 556 रुपये का बजट आया है। शासन से आई धनराशि किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाएगी।-. राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी
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2015-16 में रबी के दौरान सूखे से ज्यादातर जमीन परती रही. खेतों की बुआई की। तो उनकी फसलों में उत्पादन न के बराबर हुआ। इस आपदा ने किसानों का सुख चैन छीन लिया।
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इस मामले में किसानों ने धरना आंदोलन किए। राजस्व और कृषि विभाग के अफसरों ने फसलों का सर्वे किया। इस पर शासन ने मांगी गई धनराशि में आधा अधूरा बजट जारी किया। वितरण में लेखपालों पर आरोप भी लगे। शिकायतों क ो लेकर शासन के आदेश पर तहसीलों में शिकायत पेटिका तक रखवानी पड़ी। ज्यादातर गांवों में किसान आपदा राशि पाने से वंचित हैं। रीवन गांव में दैवी आपदा राशि पाने के लिए करीब एक माह तक गांव में ही अनशन किया। कई गांवों के किसान भी आंदोलन करने को मजबूर हुए। शासन ने एक साल बाद नुकसान की भरपाई को बजट जारी किया है। इस धनराशि को राजस्व विभाग आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में भेजेगा।
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राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से लघु एवं सीमांत किसानों को एक अरब 25 करोड़ 94 लाख 97 हजार 300 रुपये मांगा गया था। जिसमें एक अरब 24 करोड़ 29 लाख 11 हजार 663 रुपये भेजा गया है। सदर तहसील के छोटे किसानों को 38 करोड़, 49 लाख, 94 हजार 360 रुपये दिए गए हैं। वहीं मौदहा तहसील को 31,97,73,097 रुपये राठ तहसील को 27,98,17,368 रुपये और सरीला तहसील को 25,83,26,838 रुपये जारी हुए हैं।
जिले में बड़े काश्तकारों को 40 करोड़ 26 लाख, 27 हजार 893 रुपये दैवी आपदा के तहत जारी हुए हैं। जिसमें सदर तहसील के किसानों को 15 करोड़ 38 लाख, 75 हजार 480 रुपये, मौदहा तहसील के किसानों को छह करोड़ 52 लाख 72 हजार 820 रुपये, राठ तहसील क ो नौ करोड़ 16 लाख 30 हजार 340 रुपये व सरीला तहसील को नौ करोड़ 18 लाख, 49 हजार 253 रुपये जारी किए गए हैं। इसमें खेतों में पलेवा कर फसलों की बुआई करने वाले 24 हजार 385 काश्तकार हैं। वहीं राठ तहसील में 198 और सरीला तहसील में 106 असिंचित किसान हैं।
बीते वर्ष 2015-16 में रबी अभियान में हुए नुकसान पर राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से एक अरब 64 करोड़ 55 लाख 39 हजार 556 रुपये का बजट आया है। शासन से आई धनराशि किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाएगी।-. राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी