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एचयूएल में नहीं बल्कि किराए के मकान की छत से गिरकर मरा था मजदूर
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भरुआसुमेरपुर। बुधवार को छत से गिरकर हुई मजदूर की मौत मामले में पुलिस की जांच में नया मोड़ आया है। पता चला है कि घटना एचयूएल कंपनी में नहीं बल्कि कस्बे में आवासीय मकान में हुई थी। मृतक के साथियों ने पुलिस को गलत सूचना दी थी। युवक कंपनी का वर्कर नहीं, बल्कि मजदूर था और कस्बे में साथियों के साथ रहकर मजदूरी करता था। यह खुलासा श्रम विभाग की जांच में हुआ है।
देवरिया निवासी संतोष कुमार (45) बुधवार को छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। साथी दुर्गेश और अंगद उसे सदर अस्पताल ले गए थे। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। साथियों ने बताया था कि संतोष एचयूएल में ठेकेदार के माध्यम से कार्य करता था और घटना के समय तीसरी मंजिल पर कार्य कर रहे थे।
संतुलन बिगड़ने से गिर गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव साथियों के सुपुर्द कर दिया था। साथी शव लेकर देवरिया लौट गए थे। थानाध्यक्ष बीपी सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया है कि घटना एचयूएल कंपनी में नहीं बल्कि मजदूर अपने साथियों के साथ कस्बे में जहां रहता था, उस मकान में गिरने से हुई थी। साथियों ने गलत ढंग से बयानबाजी कर पुलिस और मीडिया को गुमराह करने का कार्य किया था।
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बताया कि मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों ने भी बताया है कि बुधवार की सुबह जीने से गिरकर घायल हुआ था। साथी उसे सदर अस्पताल लेकर गए थे। श्रम विभाग की जांच में पता चला है कि संतोष एचयूएल का कर्मी नहीं था। वह दिहाड़ी मजदूर था और कस्बे में किराए के मकान में रहकर साथियों के साथ कार्य करता था। श्रम विभाग को भी फैक्ट्री में घटना के साक्ष्य नहीं मिले हैं। श्रम विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि घटना फैक्ट्री में नहीं बल्कि किराए वाले मकान में छत से उतरते समय सीढ़ियों से गिरने के कारण हुई है। थानाध्यक्ष वीपी सिंह ने बताया कि अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दी है।
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देवरिया निवासी संतोष कुमार (45) बुधवार को छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। साथी दुर्गेश और अंगद उसे सदर अस्पताल ले गए थे। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। साथियों ने बताया था कि संतोष एचयूएल में ठेकेदार के माध्यम से कार्य करता था और घटना के समय तीसरी मंजिल पर कार्य कर रहे थे।
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संतुलन बिगड़ने से गिर गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव साथियों के सुपुर्द कर दिया था। साथी शव लेकर देवरिया लौट गए थे। थानाध्यक्ष बीपी सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया है कि घटना एचयूएल कंपनी में नहीं बल्कि मजदूर अपने साथियों के साथ कस्बे में जहां रहता था, उस मकान में गिरने से हुई थी। साथियों ने गलत ढंग से बयानबाजी कर पुलिस और मीडिया को गुमराह करने का कार्य किया था।
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बताया कि मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों ने भी बताया है कि बुधवार की सुबह जीने से गिरकर घायल हुआ था। साथी उसे सदर अस्पताल लेकर गए थे। श्रम विभाग की जांच में पता चला है कि संतोष एचयूएल का कर्मी नहीं था। वह दिहाड़ी मजदूर था और कस्बे में किराए के मकान में रहकर साथियों के साथ कार्य करता था। श्रम विभाग को भी फैक्ट्री में घटना के साक्ष्य नहीं मिले हैं। श्रम विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि घटना फैक्ट्री में नहीं बल्कि किराए वाले मकान में छत से उतरते समय सीढ़ियों से गिरने के कारण हुई है। थानाध्यक्ष वीपी सिंह ने बताया कि अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दी है।