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Hamirpur News: थाली पर महंगाई का वार, शक्कर-आटा व तेल के दाम बढ़े

Thu, 29 Oct 2026 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 12:36 AM IST
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Inflation hits the dinner plate; prices of sugar, flour, and oil rise.
राठ (हमीरपुर)। त्योहारों के सीजन में किराना और मेवा के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। चीनी, चावल, दाल और मसालों से लेकर मेवा के दाम बढ़ गए हैं। इससे त्योहारों पर मिठाइयां और पकवान तैयार करना महंगा पड़ सकता है। बाजार में खरीदारी की मांग के बीच बढ़ते दामों ने ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है।
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त्योहारी सीजन के बीच आम लोगों की रसोई का खर्च बढ़ गया है। खाद्य तेल की कीमतें इस बार करीब 12 प्रतिशत तक बढ़ी हैं जबकि केंद्र सरकार की ओर से पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटाई गई है लेकिन कीमतों में राहत नहीं मिली है। व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादन प्रभावित होने के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से चीनी के दाम 51 से बढ़कर 59 रुपये किलो और चावल के भाव 50 से बढ़कर 60 रुपये किलो हो गए हैं।
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आटा व चावल भी महंगा
दालों और चावल के दाम भी बढ़ गए हैं। किराना व्यापारी संजय गुप्ता ने बताया कि फुटकर में आटा 28 से बढ़कर 32-33 रुपये किलो पहुंच गया है। सरसों का तेल 175 की जगह 190 रुपये किलो हो गया है। 50 रुपये वाला चावल 56-57 रुपये किलो हो गया है। थोक में ही खाद्य सामग्री महंगी मिल रही है, ऐसे में कीमतें बढ़ी हैं।
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हर महीने खर्च बढ़ता जा रहा
महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। शक्कर, आटा, तेल और चावल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी होने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। मसालों के दाम बढ़ने से भी खर्च बढ़ गया है। आमदनी सीमित है लेकिन हर महीने खर्च बढ़ता जा रहा है। परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए दूसरी चीजों में कटौती करनी पड़ रही है।

त्योहार पर मेवा खरीदना अब महंगा सौदा हो गया है। बादाम, काजू, किशमिश समेत अन्य मेवों के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ रहा है। मिठाई और पकवान बनाने के लिए मेवा खरीदना जरूरी है लेकिन महंगाई के चलते मात्रा कम करनी पड़ रही है। पहले जितने रुपये में पर्याप्त मेवा आ जाता था, अब उतने में आधा भी मिलना मुश्किल है।
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