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Hamirpur News: संक्रामक बीमारियों का कहर, बुखार व पेटदर्द से ग्रामीण की मौत
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फोटो 30 एमएएचपी 09 परिचय-जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मौसमी बीमारियों के मरीज। संवाद
महोबा। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बूंदाबांदी से संक्रामक बीमारियों का कहर बढ़ गया है। शुक्रवार रात बुखार और पेटदर्द से ग्रामीण की मौत हो गई। पिछले 24 घंटे में 10 लोगों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया। उधर, जिला अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, बुखार, पेटदर्द आदि के मरीजों की भरमार रही।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवा लेने तक के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 651 मरीजों का उपचार किया गया। 24 घंटे में आरती, प्रिंस, आर्या समेत 10 लोगों की हालत नाजुक होने पर वार्ड में भर्ती कराया गया।
कोतवाली चरखारी के गोरखा गांव निवासी ठाकुरदास राजपूत (68) दो दिन से पेटदर्द और बुखार से ग्रसित थे। शुक्रवार रात अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि बदलते मौसम में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में मरीजों काे बेहतर उपचार दिया जा रहा है। इस मौसम में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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ऐसे करें बचाव
-दोपहर 12 से तीन बजे तक घर पर रहें।
-तेज धूप में निकलने से पहले गमछा, तौलिया, टोपी व छाते का प्रयोग करें।
-खुले में रखे भोज्य पदार्थ और कटे-फटे फल खाने से परहेज करें।
-तेज धूप में शरीर को सूती कपड़ों से अच्छे से ढककर निकलें।
-दिन में कई बार पानी पीएं व स्वच्छता का ध्यान रखें।
-दस्त लगने पर ओआरएस का घोल पीएं।
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शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवा लेने तक के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 651 मरीजों का उपचार किया गया। 24 घंटे में आरती, प्रिंस, आर्या समेत 10 लोगों की हालत नाजुक होने पर वार्ड में भर्ती कराया गया।
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कोतवाली चरखारी के गोरखा गांव निवासी ठाकुरदास राजपूत (68) दो दिन से पेटदर्द और बुखार से ग्रसित थे। शुक्रवार रात अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि बदलते मौसम में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में मरीजों काे बेहतर उपचार दिया जा रहा है। इस मौसम में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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ऐसे करें बचाव
-दोपहर 12 से तीन बजे तक घर पर रहें।
-तेज धूप में निकलने से पहले गमछा, तौलिया, टोपी व छाते का प्रयोग करें।
-खुले में रखे भोज्य पदार्थ और कटे-फटे फल खाने से परहेज करें।
-तेज धूप में शरीर को सूती कपड़ों से अच्छे से ढककर निकलें।
-दिन में कई बार पानी पीएं व स्वच्छता का ध्यान रखें।
-दस्त लगने पर ओआरएस का घोल पीएं।