मानदेय के लिए एक से लखनऊ में डेरा डालेंगे शिक्षक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौदहा। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिला स्तरीय गोष्ठी में शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश के 19 हजार वित्तविहीन अध्यापकों का मानदेय उनके खातों में इसी माह नहीं पहुंचा तो एक अगस्त को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन तब तक चलेगा, जब तक वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को मानदेय नहीं मिल जाता। कानपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कृष्णा पैलेस गेस्ट हाउस में हुई जिला स्तरीय बैठक में संगठन के प्रधान महासचिव अशोक कुमार राठौर ने मुख्यमंत्री का इस बात पर आभार व्यक्त किया कि उन्होंने फरवरी माह के बजट में वित्तविहीन विद्यालयों के अध्यापकों के मानदेय का प्रावधान कर इसे निर्गत कर दिया। लेकिन प्रदेश की नौकरशाही के सक्रिय न होने से यह मानदेय अध्यापकाें को नहीं मिल सका।
इसके लिए संगठन ने तय किया है कि एक अगस्त से अनवरत प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आंदोलन चलाया जाए। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वह एक अगस्त को अपने विद्यालयों को पूरी तरह बंद कर लखनऊ पहुंचकर आंदोलन में भाग लें। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने कहा कि 12 फरवरी को मुख्यमंत्री ने लगातार उनके संघर्ष के बाद आपसी वार्ता के दौरान तय किया गया मानदेय को बजट में लाकर यह पुख्ता कर दिया कि अध्यापकों को मानदेय मिलेगा लेकिन प्रदेश की नौकरशाही इसमें कई तरह की अड़चनें डाल रही है। इसके लिए एक अगस्त को पूरे प्रदेश के वित्तविहीन विद्यालयों के अध्यापक राजधानी पहुंचकर अपनी मांग के लिए जोरदार आवाज उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन तब तक अनवरत रूप से चलेगा, जब तक मानदेय अध्यापकों के खाते में नहीं आ जाएगा। कार्यक्रम में जालौन से आए जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, मंडलीय अध्यक्ष शिवकरन तिवारी ने भी विचार रखे। संचालन मंडलीय महासचिव रामप्रकाश पथिक ने किया। जिलाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, जिला महासचिव शिवनारायन राजपूत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व बाहर से आए अध्यापक मौजूद रहे। बैठक के दौरान मांगे पूरी करने के लिए नारेबाजी भी की गई।