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Hamirpur News: बढ़ रही गर्मी, हांफ रहे पेयजल संसाधन
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हमीरपुर। जिले में पेयजल संसाधन हांफ रहे हैं। तीन ओवरहेड टैंक वर्षों से ठप पड़े हैं। तीन नलकूप रिबोर के इंतजार में बंद पड़े हैं। जबकि 336 हैंडपंप वर्षों से रिबोर की बाट जोह रहे हैं। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ नगर वासियों को पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
करीब पांच लाख नगरीय आबादी की प्यास बुझाने के लिए वर्तमान में 79 नलकूप व 12 पानी की टंकियों सहित करीब 2800 हैंडपंप हैं। गर्मी से पहले खराब हैंडपंपों व नलकूपों को ठीक न कराया गया तो लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ सकता है। वहीं व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए शासन स्तर से विभाग को बजट न मिलना भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
नगरीय क्षेत्रों में लगे कुल 3209 हैंडपंपों में 336 हैंडपंप वर्षों से रिबोर का इंंतजार कर रहे हैं। जबकि मरम्मतीकरण में सैकडों हैंडपंप ठप पड़े हैं। हालांकि विभाग को हाल ही में एक नया ट्रैक्टर उपलब्ध कराया गया है। कुछ सामान भी मिला है। कुछ सामान की डिमांड भेजी गई है।
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साल में दो बार होती टंकियों की पूरी सफाई
- नगरीय क्षेत्र के कुल 32 हजार कनेक्शन धारक हैं। जिनको जलापूर्ति की जाती है। साल में दो बार टंकियों के अंदर उतरकर सफाई कराई जाती है। प्रति महीने वॉश आउट किया जाता है। प्रतिदिन हल्का क्लोरीन डाला जाता है। जबकि सप्ताह के रविवार को सुपर क्लोरीन डाला जाता है। जो विभाग का रेवन्यू आता है। उसी से कर्मचारियों का मानदेय सहित टंकियों व नलकूपों की मरम्मत व साफ सफाई का कार्य कराया जाता है। तीन टंकियां व तीन नलकूप रिबोर के चलते बंद हैं।-
राहुल सिंह , जल संस्थान के सहायक अभियंता
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करीब पांच लाख नगरीय आबादी की प्यास बुझाने के लिए वर्तमान में 79 नलकूप व 12 पानी की टंकियों सहित करीब 2800 हैंडपंप हैं। गर्मी से पहले खराब हैंडपंपों व नलकूपों को ठीक न कराया गया तो लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ सकता है। वहीं व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए शासन स्तर से विभाग को बजट न मिलना भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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नगरीय क्षेत्रों में लगे कुल 3209 हैंडपंपों में 336 हैंडपंप वर्षों से रिबोर का इंंतजार कर रहे हैं। जबकि मरम्मतीकरण में सैकडों हैंडपंप ठप पड़े हैं। हालांकि विभाग को हाल ही में एक नया ट्रैक्टर उपलब्ध कराया गया है। कुछ सामान भी मिला है। कुछ सामान की डिमांड भेजी गई है।
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साल में दो बार होती टंकियों की पूरी सफाई
- नगरीय क्षेत्र के कुल 32 हजार कनेक्शन धारक हैं। जिनको जलापूर्ति की जाती है। साल में दो बार टंकियों के अंदर उतरकर सफाई कराई जाती है। प्रति महीने वॉश आउट किया जाता है। प्रतिदिन हल्का क्लोरीन डाला जाता है। जबकि सप्ताह के रविवार को सुपर क्लोरीन डाला जाता है। जो विभाग का रेवन्यू आता है। उसी से कर्मचारियों का मानदेय सहित टंकियों व नलकूपों की मरम्मत व साफ सफाई का कार्य कराया जाता है। तीन टंकियां व तीन नलकूप रिबोर के चलते बंद हैं।-
राहुल सिंह , जल संस्थान के सहायक अभियंता