{"_id":"602bb70b8ebc3ee9243f05cb","slug":"health-hamirpur-news-tretmient-hamirpur-news-knp6121134107","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषित जुड़वां भाई 11 दिन में हुए स्वस्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषित जुड़वां भाई 11 दिन में हुए स्वस्थ
विज्ञापन
कुपोषण से ठीक हुए अंकुश व लवकुश अपनी दादी रामदुलारी की गोद में। संवाद
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। कुरारा विकासखंड के रघवा गांव निवासी धीरेंद्र के घर चौदह माह पूर्व जुड़वां बेटे ने जन्म लिया था। उनकी सेहत ठीक नहीं थी। इसके बाद कुपोषण से बच्चों की स्थिति और बिगड़ गई। दोनों बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज व उनकी सेहत में सुधार हुआ। 11 दिन बाद दोनों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
स्टाफ नर्स रीशू त्रिपाठी ने बताया चौदह माह के अंकुश का वजन 6.825 किग्रा और लवकुश का 6.570 किग्रा था। दोनों को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राधारमण की निगरानी में दोनों का इलाज हुआ। जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। 12 फरवरी को दोनों भाइयों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब अंकुश का वजन बढ़कर 7.860 किग्रा और लवकुश का 7.580 किग्रा हो चुका है। इसी तरह सुमेरपुर ब्लाक के मुंडेरा गांव के आशीष की 11 माह की पुत्री ख्वाहिश भी कुपोषण से ग्रसित होने पर एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया गया। एक फरवरी को भर्ती कराई गई ख्वाहिश का वजन पांच किग्रा था। 11वें दिन जब उसे डिस्चार्ज किया गया तो उसका वजन बढ़कर 5.790 किग्रा हो चुका था।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनय प्रकाश ने बताया एनआरसी को अत्याधुनिक वार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सभी तरह की सुविधाएं हैं। चार स्टाफ नर्स की तैनाती है। प्रतिभा तिवारी डायटीशियन हैं। बताया वर्ष 2020 अप्रैल माह में कुल 8 कुपोषित बच्चे एनआरसी में भर्ती कराए गए थे। जिसमें 6 बच्चों को टारगेट वेट (कुल वजन का 15 प्रतिशत) होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। इसी तरह मई में 8, जून में 7, जुलाई में 5, अगस्त में 6, सितंबर में 4, अक्तूबर में 8, नवंबर में 3, दिसंबर में 8 और जनवरी 2021 में 7 बच्चों को एनआरसी में भर्ती किया गया। अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक 74 कुपोषित बच्चों में से 62 बच्चे सेहतमंद होकर जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्टाफ नर्स रीशू त्रिपाठी ने बताया चौदह माह के अंकुश का वजन 6.825 किग्रा और लवकुश का 6.570 किग्रा था। दोनों को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राधारमण की निगरानी में दोनों का इलाज हुआ। जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। 12 फरवरी को दोनों भाइयों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब अंकुश का वजन बढ़कर 7.860 किग्रा और लवकुश का 7.580 किग्रा हो चुका है। इसी तरह सुमेरपुर ब्लाक के मुंडेरा गांव के आशीष की 11 माह की पुत्री ख्वाहिश भी कुपोषण से ग्रसित होने पर एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया गया। एक फरवरी को भर्ती कराई गई ख्वाहिश का वजन पांच किग्रा था। 11वें दिन जब उसे डिस्चार्ज किया गया तो उसका वजन बढ़कर 5.790 किग्रा हो चुका था।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनय प्रकाश ने बताया एनआरसी को अत्याधुनिक वार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सभी तरह की सुविधाएं हैं। चार स्टाफ नर्स की तैनाती है। प्रतिभा तिवारी डायटीशियन हैं। बताया वर्ष 2020 अप्रैल माह में कुल 8 कुपोषित बच्चे एनआरसी में भर्ती कराए गए थे। जिसमें 6 बच्चों को टारगेट वेट (कुल वजन का 15 प्रतिशत) होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। इसी तरह मई में 8, जून में 7, जुलाई में 5, अगस्त में 6, सितंबर में 4, अक्तूबर में 8, नवंबर में 3, दिसंबर में 8 और जनवरी 2021 में 7 बच्चों को एनआरसी में भर्ती किया गया। अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक 74 कुपोषित बच्चों में से 62 बच्चे सेहतमंद होकर जा चुके हैं।
विज्ञापन