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आठ साल से दिल का डॉक्टर नहीं
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जिला अस्पताल का भवन।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। जिले की 12 लाख की आबादी में हृदय रोगियों के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में पिछले आठ साल से दिल का डॉक्टर नहीं है। इसलिए मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कालेज बांदा, कानपुर, लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ती है।
जनपद में बड़ी संख्या में लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के मरीज घर-घर देखे जा रहे हैं। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती पिछले आठ सालों से नहीं है। ओपीडी में केवल ब्लड प्रेशर की माप की जाती है। इन्हें उपचार देने के लिए दिल के डॉक्टर नहीं है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक हृदय रोगी पहुंचते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है। चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण हार्ट अटैक व हृदय संबंधी अन्य बीमारियों से संबंधित मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड पर गौर करें तो जनवरी से लेकर अब तक 20 हृदय रोगी अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं। इनमें अधिकतर मरीज मृत अवस्था में ही अस्पताल पहुंचे। पांच सौ से अधिक गंभीर मरीजों को कानपुर के लिए रेफर किया जा चुका है। अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार हृदय रोग मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। 100 मरीजों का प्रतिदिन ब्लड प्रेशर नापा जाता है।
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सदर विधायक मनोज प्रजापति का कहना है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलकर इस संबंध में चर्चा की गई। उन्हें अवगत कराया कि जिला अस्पताल में 32 चिकित्सकों के सापेक्ष 13 चिकित्सक ही है। जिले भर में 119 के सापेक्ष महज 62 चिकित्सक ही हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
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जनपद में बड़ी संख्या में लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के मरीज घर-घर देखे जा रहे हैं। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती पिछले आठ सालों से नहीं है। ओपीडी में केवल ब्लड प्रेशर की माप की जाती है। इन्हें उपचार देने के लिए दिल के डॉक्टर नहीं है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक हृदय रोगी पहुंचते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है। चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण हार्ट अटैक व हृदय संबंधी अन्य बीमारियों से संबंधित मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
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जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड पर गौर करें तो जनवरी से लेकर अब तक 20 हृदय रोगी अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं। इनमें अधिकतर मरीज मृत अवस्था में ही अस्पताल पहुंचे। पांच सौ से अधिक गंभीर मरीजों को कानपुर के लिए रेफर किया जा चुका है। अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार हृदय रोग मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। 100 मरीजों का प्रतिदिन ब्लड प्रेशर नापा जाता है।
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सदर विधायक मनोज प्रजापति का कहना है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलकर इस संबंध में चर्चा की गई। उन्हें अवगत कराया कि जिला अस्पताल में 32 चिकित्सकों के सापेक्ष 13 चिकित्सक ही है। जिले भर में 119 के सापेक्ष महज 62 चिकित्सक ही हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।