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हर गांव में होगा एक अमृत सरोवर
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छानी गांव के तालाब का निरीक्षण करते सीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्र।
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत अमृत सरोवरों का विकास किया जा रहा है। अप्रैल माह में 75 तालाबों को अमृत सरोवर योजना में शामिल किया गया। अब 105 और तालाबों को इस योजना में जोड़ा गया हैं। फिलहाल शासन की मंशा है कि हर गांव में कम से कम एक तालाब का विकास होगा।
शासन ने प्रत्येक गांव में एक तालाब के विकास का निर्णय लिया है। इन्हें चिह्नित कर प्रगति व प्रस्ताव की रिपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमआईएस पोर्टल पर भेजी जानी है। जिला प्रशासन ने 75 तालाबों में मनरेगा से खोदाई का काम शुरू करा दिया है। प्रत्येक ब्लाक में 15 तालाब और खोदे जाने का शासनादेश आया है। इसके चलते 105 और तालाबों की खोदाई होगी। इनके स्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। सरोवरों के विकास का कार्य ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत को केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त व मनरेगा से कराए जाने के निर्देश हैं। रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी।
तालाबों के चारों ओर नीम, पीपल, कटहल, जामुन, बरगद, सहजन, पाकड़, महुआ के पौधे रोपे जाएंगे। सरोवरों में वर्ष भर पर्याप्त जल की उपलब्धता एवं सिल्ट चैंबर की व्यवस्था की जाएगी। सरोवर का रकबा कम से कम एक एकड़ होगा। उसके तटबंध पर वॉकिंग पथ, बैठने के लिए बैंच व उचित गहराई तक सीढ़ियों का निर्माण कराया जाएगा। झंडारोहण की व्यवस्था भी की जाएगी।
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सीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्रा ने सुमेरपुर ब्लाक के छानीखुर्द गांव में खोदे जा रहे अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रगति धीमी पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक को लापरवाही के प्रति सचेत किया है।
सरोवर में गांव की नालियों का गंदा पानी रोकने के लिए आवश्यक डायवर्जन कराया जाएगा। प्रत्येक ब्लाक में 15 तालाब और विकसित किए जाने के निर्देश शासन स्तर से मिले हैं। इनका स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
-साधना दीक्षित, परियोजना निदेशक ग्रामीण
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शासन ने प्रत्येक गांव में एक तालाब के विकास का निर्णय लिया है। इन्हें चिह्नित कर प्रगति व प्रस्ताव की रिपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमआईएस पोर्टल पर भेजी जानी है। जिला प्रशासन ने 75 तालाबों में मनरेगा से खोदाई का काम शुरू करा दिया है। प्रत्येक ब्लाक में 15 तालाब और खोदे जाने का शासनादेश आया है। इसके चलते 105 और तालाबों की खोदाई होगी। इनके स्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। सरोवरों के विकास का कार्य ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत को केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त व मनरेगा से कराए जाने के निर्देश हैं। रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी।
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तालाबों के चारों ओर नीम, पीपल, कटहल, जामुन, बरगद, सहजन, पाकड़, महुआ के पौधे रोपे जाएंगे। सरोवरों में वर्ष भर पर्याप्त जल की उपलब्धता एवं सिल्ट चैंबर की व्यवस्था की जाएगी। सरोवर का रकबा कम से कम एक एकड़ होगा। उसके तटबंध पर वॉकिंग पथ, बैठने के लिए बैंच व उचित गहराई तक सीढ़ियों का निर्माण कराया जाएगा। झंडारोहण की व्यवस्था भी की जाएगी।
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सीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्रा ने सुमेरपुर ब्लाक के छानीखुर्द गांव में खोदे जा रहे अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रगति धीमी पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक को लापरवाही के प्रति सचेत किया है।
सरोवर में गांव की नालियों का गंदा पानी रोकने के लिए आवश्यक डायवर्जन कराया जाएगा। प्रत्येक ब्लाक में 15 तालाब और विकसित किए जाने के निर्देश शासन स्तर से मिले हैं। इनका स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
-साधना दीक्षित, परियोजना निदेशक ग्रामीण