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बारिश से कोहरा तो छंटा पर सर्दी का सितम जारी
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गोहांड में बारिश से पीली पड़ी मटर की फसल।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। रविवार को बादलों के छाए रहने से लोगों को कोहरे से तो निजात मिल गई। वहीं जिले में कहीं ज्यादा तो हल्की बारिश हुई। धूप न निकलने से लोग घरों में दुबके रहे। बारिश में पहले से खराब हो चुकी फसलों के नष्ट होने की चिंता किसानों को सता रही है। इनमें मटर, मसूर, चना, सरसों की फसलों में आया फूल झर गया है। धूप न निकलने से गेहूं की फसल वृद्धि नहीं कर पा रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री रहा तो 11 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम होते ही एक बार फिर सर्द हवा और गलन ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
लाही की फसल हो रही खराब
पत्योरा निवासी रामप्रकाश निषाद ने बताया कि दो हेक्टेयर में लाही की फसल है। मकर संक्रांति के पहले हुई बारिश में सरसों व लाही की फसलों का फूल झर गया था। तबसे लगातार मौसम खराब चल रहा है। इधर दो दिनों से हो रही बारिश में लाही व सरसों की फसलें खराब होने लगी हैं।
धूप न निकलने से गेहूं ठमका
सिमनौड़ी निवासी किसान कुंदन ने बताया कि दलहनी व तिलहनी फसलों में कुछ फली लगी है। इधर, मौसम खराब होने से फूल आना बंद है। धूप न निकलने से गेहूं की फसल बढ़ नहीं रही है। जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है।
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बारिश के चलते दलहनी व तिलहनी फसलों में नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। कहा कि किसान फसलों में जलभराव होने पर उसे तत्काल मेड़ काटकर पानी बाहर निकाल दें। कहा कि धूप निकलते ही बारिश फायदा का काम करेगी। गेहूं की फसल में वृद्धि तेजी से बढ़ेगी। कहा कि आज से मौसम खुलने की संभावना है।
-एसपी सोनकर, कृषि वैज्ञानिक
आंधी के कहर से जमीदोंज हुईं फसलें
भरुआसुमेरपुर संवाद के अनुसार शनिवार को तड़के से बिगड़े मौसम ने रात में तेज हवाओं के साथ जमकर फसलों पर कहर बरपाया। रात 10 बजे के बाद चली आंधी से क्षेत्र की फसलें खेतों में ही पूरी तरह से पसर गईं। सुबह खेतों में पहुंचा किसान कुदरत का कहर देखकर त्राहिमाम करने लगा। भीषण ठंड के साथ बेमौसम हो रही बरसात फसलों की सेहत खराब कर रही है।
शनिवार को तड़के से शुरू हुई बारिश दोपहर तक रुक-रुककर होती रही। इसके बाद रात 10 बजे आई आंधी ने पूरे क्षेत्र में जमकर नुकसान किया। आंधी से सरसों, मटर, अरहर व गेहूं की लहलहा रही फसलें खेतों में बुरी तरह से जमींदोज हुई हैं। सुबह खेतों पर पहुंचे किसान फसलों की दशा देखकर त्राहिमाम कर उठे। किसानों का कहना कि आंधी से हुए नुकसान के दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। कुदरत का यह कहर बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। फसलों को आंधी-पानी की नहीं, तेज धूप के साथ पछुआ हवाओं की जरूरत है। तभी बारिश के बाद बिगड़ी फसलों की सेहत दुरुस्त हो सकती है।
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लाही की फसल हो रही खराब
पत्योरा निवासी रामप्रकाश निषाद ने बताया कि दो हेक्टेयर में लाही की फसल है। मकर संक्रांति के पहले हुई बारिश में सरसों व लाही की फसलों का फूल झर गया था। तबसे लगातार मौसम खराब चल रहा है। इधर दो दिनों से हो रही बारिश में लाही व सरसों की फसलें खराब होने लगी हैं।
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धूप न निकलने से गेहूं ठमका
सिमनौड़ी निवासी किसान कुंदन ने बताया कि दलहनी व तिलहनी फसलों में कुछ फली लगी है। इधर, मौसम खराब होने से फूल आना बंद है। धूप न निकलने से गेहूं की फसल बढ़ नहीं रही है। जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है।
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बारिश के चलते दलहनी व तिलहनी फसलों में नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। कहा कि किसान फसलों में जलभराव होने पर उसे तत्काल मेड़ काटकर पानी बाहर निकाल दें। कहा कि धूप निकलते ही बारिश फायदा का काम करेगी। गेहूं की फसल में वृद्धि तेजी से बढ़ेगी। कहा कि आज से मौसम खुलने की संभावना है।
-एसपी सोनकर, कृषि वैज्ञानिक
आंधी के कहर से जमीदोंज हुईं फसलें
भरुआसुमेरपुर संवाद के अनुसार शनिवार को तड़के से बिगड़े मौसम ने रात में तेज हवाओं के साथ जमकर फसलों पर कहर बरपाया। रात 10 बजे के बाद चली आंधी से क्षेत्र की फसलें खेतों में ही पूरी तरह से पसर गईं। सुबह खेतों में पहुंचा किसान कुदरत का कहर देखकर त्राहिमाम करने लगा। भीषण ठंड के साथ बेमौसम हो रही बरसात फसलों की सेहत खराब कर रही है।
शनिवार को तड़के से शुरू हुई बारिश दोपहर तक रुक-रुककर होती रही। इसके बाद रात 10 बजे आई आंधी ने पूरे क्षेत्र में जमकर नुकसान किया। आंधी से सरसों, मटर, अरहर व गेहूं की लहलहा रही फसलें खेतों में बुरी तरह से जमींदोज हुई हैं। सुबह खेतों पर पहुंचे किसान फसलों की दशा देखकर त्राहिमाम कर उठे। किसानों का कहना कि आंधी से हुए नुकसान के दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। कुदरत का यह कहर बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। फसलों को आंधी-पानी की नहीं, तेज धूप के साथ पछुआ हवाओं की जरूरत है। तभी बारिश के बाद बिगड़ी फसलों की सेहत दुरुस्त हो सकती है।