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Hamirpur News: साइबर ठगों ने खाते से 35 लाख उड़ाए
Mon, 02 Mar 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:05 AM IST
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राठ(हमीरपुर)। साइबर ठगों ने बैंक खाते की यूपीआई कोड बनाकर 35,15,270 रुपये निकाल लिए। युवक ने अपनी बहन की शादी के लिए खेत बेचकर यह रुपये जमा किए थे।
नगर के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी विवेक कुमार ने शनिवार को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसमें बताया कि उनका ग्वालियर आना-जाना होता है। इस दौरान उनका मोबाइल फोन घर पर ही रहता है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में उनका खाता है। इसका उन्होंने कभी यूपीआई कोड नहीं बनाया और न ही यूज किया है। उन्होंने बताया कि बहन की शादी के लिए खेत बेचकर 35,47,485 रुपये जमा किए थे। बताया कि 10 मार्च से नौ जुलाई 2025 के बीच साइबर ठगों ने उनके खाते से यूपीआई बनाकर रुपये निकाल लिए। इसकी उन्हें जानकारी नहीं हो पाई। 20 फरवरी को बहन के नाम से बैंक में चेक लगाई तब उन्हें जानकारी हुई कि खाते में रुपये ही नहीं हैं। बताया कि साइबर ठगों ने उनके खाते से 35 लाख 15 हजार 270 रुपये निकाल लिए हैं। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई है।
1- कभी भी अपना ओटीपी, पिन, यूपीआई पासवर्ड या बैंक विवरण किसी को न बताएं।
2- अनजान लिंक/एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
3- संदिग्ध कॉल्स तुरंत काट दें, और सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग न करें।
4- किसी भी वित्तीय फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
हमारा मोबाइल एक वायलेट की तरह काम करता है। साइबर ठग ने पीड़ित के मोबाइल से सिम निकाल कर अपने मोबाइल पर डाला होगा। इससे यूपीआई बनाना आसान हो गया और घटना को जान दिया। जिस बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर जुड़ा रहता है उस नंबर से यूपीआई बनाया जा सकता है।
जयशंकर सिंह,साइबर इंस्पेक्टर
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नगर के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी विवेक कुमार ने शनिवार को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसमें बताया कि उनका ग्वालियर आना-जाना होता है। इस दौरान उनका मोबाइल फोन घर पर ही रहता है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में उनका खाता है। इसका उन्होंने कभी यूपीआई कोड नहीं बनाया और न ही यूज किया है। उन्होंने बताया कि बहन की शादी के लिए खेत बेचकर 35,47,485 रुपये जमा किए थे। बताया कि 10 मार्च से नौ जुलाई 2025 के बीच साइबर ठगों ने उनके खाते से यूपीआई बनाकर रुपये निकाल लिए। इसकी उन्हें जानकारी नहीं हो पाई। 20 फरवरी को बहन के नाम से बैंक में चेक लगाई तब उन्हें जानकारी हुई कि खाते में रुपये ही नहीं हैं। बताया कि साइबर ठगों ने उनके खाते से 35 लाख 15 हजार 270 रुपये निकाल लिए हैं। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई है।
1- कभी भी अपना ओटीपी, पिन, यूपीआई पासवर्ड या बैंक विवरण किसी को न बताएं।
2- अनजान लिंक/एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
3- संदिग्ध कॉल्स तुरंत काट दें, और सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग न करें।
4- किसी भी वित्तीय फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
हमारा मोबाइल एक वायलेट की तरह काम करता है। साइबर ठग ने पीड़ित के मोबाइल से सिम निकाल कर अपने मोबाइल पर डाला होगा। इससे यूपीआई बनाना आसान हो गया और घटना को जान दिया। जिस बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर जुड़ा रहता है उस नंबर से यूपीआई बनाया जा सकता है।
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जयशंकर सिंह,साइबर इंस्पेक्टर