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Hamirpur News: गहरौली पीएचसी गंदगी और अव्यवस्थाओं से खुद बीमार
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गहरौली (हमीरपुर) गहरौली का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देखरेख के अभाव में बदहाली का शिकार है। यहां पिछले तीन माह से खून की जांच बंद है। पुरुष वार्ड की दीवारों पर दीमक लगी हुई है, जबकि जगह जगह का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। परिसर में गंदगी फैली हुई है। वाटर कूलर शौचालय के दरवाजे से सटाकर रखा गया है। लेबर रूम और टीकाकरण कक्ष की दीवारें भी सीलन के कारण काली पड़ गई हैं। अव्यवस्था से केंद्र खुद बीमार है।
सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक डॉ. बृजेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि पिछले दो साल से पीएचसी के लिए अलग से बजट नहीं आया है। पहले यहां रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष 87500 रुपये मिलते थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन दिन के लिए सफाईकर्मी उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
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इनसेट
रक्त परीक्षण के लिए भटकते मरीज
गहरौली का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न्याय पंचायत के पांच गांव और पड़ोसी महोबा जिले के चार गांव समेत करीब एक दर्जन गांव के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन 20 से 30 मरीज इलाज के लिए कराने पहुंचते हैं। उन्हें खून की जांच कराने के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर मौदहा या हमीरपुर जाना पड़ रहा है।
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सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक डॉ. बृजेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि पिछले दो साल से पीएचसी के लिए अलग से बजट नहीं आया है। पहले यहां रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष 87500 रुपये मिलते थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन दिन के लिए सफाईकर्मी उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
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रक्त परीक्षण के लिए भटकते मरीज
गहरौली का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न्याय पंचायत के पांच गांव और पड़ोसी महोबा जिले के चार गांव समेत करीब एक दर्जन गांव के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन 20 से 30 मरीज इलाज के लिए कराने पहुंचते हैं। उन्हें खून की जांच कराने के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर मौदहा या हमीरपुर जाना पड़ रहा है।
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